आंध्र प्रदेश: विस्फोट में मारे गए मजदूरों के परिवार के लिए मुआवजे का ऐलान, सरकार देगी 10 लाख रुपये

इस हादसे में 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है.

इस हादसे में 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है.

राज्य के खनन एवं भूविज्ञान मंत्री पीआरसी रेड्डी की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि घटना की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की गई है और कडापा जिले के संयुक्त कलेक्टर (राजस्व) इसके प्रमुख होंगे.

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हैदराबाद. आंध्र प्रदेश सरकार ने कडापा जिले की चूना पत्थर खदान में आठ मई को हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले 10 मजदूरों के परिजन को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की रविवार को घोषणा की है. राज्य के खनन एवं भूविज्ञान मंत्री पीआरसी रेड्डी ने एक बयान में बताया कि घटना की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की गई है और कडापा जिले के संयुक्त कलेक्टर (राजस्व) इसके प्रमुख होंगे.

कडापा जिला कलेक्टर द्वारा दी गई शुरुआती रिपोर्ट के हवाले से खनन मंत्री ने बताया कि विस्फोटक उतारते समय खनन संचालक ने लापरवाही बरती, जिससे विस्फोट हुआ. उन्होंने कहा कि श्रम अधिनियम के तहत खनन संचालक से पीड़ित परिवारों को अतिरिक्त मुआवज़ा दिलाया जाएगा.

हादसे में 10 मजदूरों की मौत की पुष्टि

कडापा जिले के पुलिस अधीक्षक के अंबुराजन ने बताया कि यह हादसा तब हुआ जब मामिलपल्ले गांव के बाहर स्थित चूना पत्थर की खदान में जिलेटिन की छड़ों की एक खेप उतारी जा रही थी. धमाका इतना तेज था कि खेप लेकर आया वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. इस हादसे में 10 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है.
मृतकों की पहचान में आ रही है मुश्किल

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोट स्थल पर क्षत-विक्षत शव के टुकड़े बिखरे होने के कारण मृतकों की पहचान करने में बहुत मुश्किल हो रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में से कुछ पुलिवेंदुला निर्वाचन क्षेत्र से थे.




विपक्ष ने की 1 करोड़ के मुआवजे की मांग

वहीं, इस मामले पर आंध्र प्रदेश में राजनीति भी तेज हो गई है. विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू ने भी हादसे पर शोक प्रकट किया है और मांग की है कि मृतकों के परिवारों को उसी प्रकार एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए जिस प्रकार पिछले साल विशाखापट्टनम में एलजी पॉलिमर में हुए स्टाइरिन गैस रिसाव हादसे के मृतकों को दिया गया था.


 

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