भारत-चीन विवाद को समझने के लिए आपको जरूर पढ़नी चाहिये ये 5 किताबें

भारत-चीन विवाद को समझने के लिए आपको जरूर पढ़नी चाहिये ये 5 किताबें
भारत-चीन सीमा विवाद को समझने के लिए यहां 5 किताबें बताई गई हैं (सांकेतिक फोटो)

भारत-चीन के इतिहास (Indo-Sino History) में समय-समय पर अविश्वास के गहरे विस्फोट होते रहे हैं और जैसा कि इन मामलों में होता है, विवरण अक्सर दुर्लभ होते हैं. नीचे पांच महत्वपूर्ण किताबें (Books) बताई गई हैं जो आपको दो देशों के बीच के संघर्ष (Conflict) पर पकड़ बनाने में मदद कर सकती हैं.

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नई दिल्ली. भारतीय सेना (Indian China) ने 16 जून को बताया कि चीनी सेनाओं (Chinese Army) के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक (Indian Soldiers) शहीद हो गये. ये मौतें पश्चिमी हिमालय (Western Himalayas) में दोनों देशों के बीच एक सप्ताह से जारी गतिरोध के बढ़ने का नतीजा हैं.

भारत और चीन आपस में ऊर्जावान व्यापारिक संबंध (energetic trade relations) रखने वाले साझेदार रहे हैं लेकिन दोनों 1962 के छोटे लेकिन खूनी युद्ध के बाद से ही सामरिक मामलों (strategic affairs) में एक उठापटक वाले इतिहास को साझा करते हैं. एक मुश्किल झड़प हुई और इससे उपजा अविश्वास तबसे अब तक अक्सर ही छोटी-बड़ी झड़पों की वजह बनता रहता है. दोनों ही देशों ने 1990 से कई बार अपने सीमा विवाद को सुलझाने का प्रयास किया है लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली है.

मशहूर लेखक और सामरिक मामलों के जानकार प्रवीण स्वामी ने बनाई लिस्ट
अब यह एक अच्छा समय है कि इन दोनों देशों के बीच के तूफानी इतिहास के बारे में खुद को जानकारी दी जाये. ऐसे में हम नेटवर्क18 के ग्रुप कंसल्टिंग एडिटर प्रवीण स्वामी के पास पहुंचे. प्रवीण इंडिया, पाकिस्तान एंड द सीक्रेट जिहाद: द कोवर्ट वॉर इन जम्मू एंड कश्मीर 1947-2002 और द कारगिल वॉर नाम की किताबों के लेखक हैं. प्रवीण, वॉशिंगटन स्थित यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में जेनिंग्स रैंडोल्फ सीनियर फेलो रहे हैं. यहां कुछ किताबें हैं, जिन्हें प्रवीण ने भारत-चीन के उठापटक वाले इतिहास को समझने के लिये बहुत जरूरी बताया है-
1. भारत के 1962 के युद्ध का आधिकारिक इतिहास


पीबी अठाले और एसएन सिन्हा की लिखी यह किताब अब भी अज्ञात वजहों से गोपनीय है लेकिन कई वर्षों पहले स्कॉलर मनोज जोशी ने उसे डाउनलोड करने के लिए ऑनलाइन पोस्ट कर दिया था. यह वास्तव में, यह समझने के लिए अच्छी किताब है कि चीन के साथ युद्ध में भारत के साथ अंत में क्या हुआ.

2. वॉर इन हाई हिमालया: द इंडियन आर्मी इन क्राइसिस, 1962
1962 में भारतीय सैन्य भूमिका को समझने के लिए यह पुस्तक महत्वपूर्ण है. डीके पालित की लिखी वॉर इन हाई हिमालया: द इंडियन आर्मी इन क्राइसिस, 1962 एक जबरदस्त और अंदर तक भेदने वाली किताब है, जो बताती है कि चीन-भारत संघर्ष अपनी बड़ी रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं और लक्ष्यों में कैसा है.

3. वॉर एंड पीस इन मॉर्डन इंडिया
युद्ध को भारत राज्य के निर्माण के विस्तृत मायनों में समझने के लिए, श्रीनाथ राघवन की किताब वॉर एंड पीस इन इंडिया का रुख करना अच्छा विचार होगा.

4. CIA’s सीक्रेट वॉर इन तिब्बत
यह भारत के तिब्बत में रोल का एक सतरंगी चित्रण है, और बताया है कि कैसे CIA ने वहां पर विद्रोह की शुरुआत की थी. केनेथ कॉनबॉय और जेम्स मॉरिसन की लिखी यह किताब पाठकों को अमेरिका की सीक्रेट सर्विस एजेंसी के कोलराडो की रॉकी पहाड़ियों से हिमालय की पहाड़ियों तक यात्रा कराती है. और दलाई लामा के भारत में सुरक्षित आने के किस्से को बताती है.

5. द ग्रेट गेम: ऑन सीक्रेट सर्विस इन हाई एशिया
अंतत: जानने के लिये कि कैसे उपनिवेशी जासूसों और एडवेंचर्स ने दुनिया की छत पर लड़ाई की थी और इससे भारत और चीन के बीच बॉर्डर की झड़पों की शुरुआत हुई, यह किताब जरूर पढ़ी जानी चाहिये. पीटर हॉपकिर्क की लिखी यह किताब भारत से 20 मील के अंदर के इलाके में खेले गये बड़े खेल का किस्सा बयान करती है.

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