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54 नंबर के चलते कभी शरद पवार नहीं बन पाए थे 'किंग' लेकिन आज इसी ने उन्हें बनाया 'किंगमेकर'

News18Hindi
Updated: November 26, 2019, 10:18 PM IST
54 नंबर के चलते कभी शरद पवार नहीं बन पाए थे 'किंग' लेकिन आज इसी ने उन्हें बनाया 'किंगमेकर'
1991 में शरद पवार को पीएम पद के लिए 54 सांसदों का समर्थन प्राप्त था (फाइल फोटो, PTI)

साल 1991 में राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की हत्या के बाद शरद पवार (Sharad Pawar) को 54 सांसदों का समर्थन मिला हुआ था लेकिन वे प्रधानमंत्री नहीं बन सके थे. लेकिन 54 विधायकों के साथ आज यह मराठा क्षत्रप महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) की आंधी को रोकने में सफल रहा है.

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  • Last Updated: November 26, 2019, 10:18 PM IST
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(राशिद किदवई)

स्तंभकार वीर सांघवी ने एक बार कहा था कि मुंबई (Mumbai) में केवल एक सुपरस्टार (Superstar) है और वो हैं बालासाहेब ठाकरे (Balasaheb Thackeray). आज एनसीपी चीफ शरद पवार (Sharad Pawar) भारतीय राजनीति (Indian Politics) में सुपरस्टार बनकर उभरे हैं.

पूरे महाराष्ट्र चुनावों के दौरान पवार ही केंद्रीय व्यक्तित्व बने हुए थे. इस बात का गवाही सतारा (Satara) की एक तस्वीर भी देती है. जिसमें बिना भारी बारिश का ध्यान दिए वे एक जनसभा (Public Meeting) को संबोधित कर रहे हैं. या देवेंद्र फडणवीस को बता रहे हैं कि महाराष्ट्र में केवल एक कुश्ती फेडरेशन (Wrestling federation) है, जिसके अध्यक्ष वे हैं.

दिल्ली के सामने चुनौती पेश करने वाले क्षत्रपों में शामिल हुए शरद पवार

पिछले दो हफ्तों के दौरान, जब पवार के इरादों पर उनके दोस्तों और दुश्मनों दोनों ने ही उनके इरादों पर शक जता रहे थे लेकिन इस मराठा क्षत्रप (Maratha strongman) ने सभी को गलत साबित कर दिया है. और इस तरह से वे वाईबी च्वहाण, जगजीवन राम (Jagjivan Ram) और दूसरे ऐसे नेताओं की श्रेणी में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने दिल्ली के सामने कड़ी चुनौती पेश की.

पवार का ज्यादातर राजनीतिक करियर दिल्ली के सामने चुनौती पेश करने में ही खर्च हुआ है. वे पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और अब नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के सामने चुनौती बने हैं. पवार बड़े और शक्तिशाली नेताओं की कुर्सी पलटने वाले क्षेत्रीय क्षत्रप बने हुए हैं. प्रकाश सिंह बादल (Parkash Singh Badal) को छोड़कर ऐसा कोई राजनेता नहीं रहा जिसकी ख्याति 1970-1980 के दशक तक जाती हो.सोनिया गांधी के साथ शरद पवार का आपसी सम्मान और विश्वास का रिश्ता
कांग्रेस (Congress) के नेताओं के बीच भी शरद पवार (Sharad Pawar) को एक प्रतिष्ठित व्यक्ति माना जाता है. कांग्रेस में ऐसे नेताओं की कमी नहीं है जो शरद पवार के विचारों और राय का सम्मान न करते हों, हालांकि पवार अब कांग्रेस का पार्ट नहीं हैं. सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के साथ भी उनका रिश्ता आपसी सम्मान और विश्वास का है.

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First published: November 26, 2019, 9:01 PM IST
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