Oxygen Crisis: अब गांवों तक में नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी, PM केयर्स फंड से 551 जिला अस्पतालों में लगाए जाएंगे प्‍लांट

सीएम योगी ने हवा से ऑक्सीजन अलग करने वाले प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं. (सांकेतिक फोटो)

सीएम योगी ने हवा से ऑक्सीजन अलग करने वाले प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं. (सांकेतिक फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द इन प्लांट्स को शुरू किया जाए. इनसे देश में जिला स्तर पर आक्सीजन (Oxygen) की उपलब्धता बढ़ाई जा सके.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2021, 3:26 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्‍सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. देश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर फंड से देश भर में 551 प्रेशर स्विंग अब्सॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र लगाने का फैसला किया है.

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, पीएम मोदी ने निर्देश दिया है कि इन ऑक्सीजन प्लांट को जल्द से जल्द चालू जाना चाहिए. ये प्लांट जिला स्तर पर ऑक्सीजन की उपलब्धता को प्रमुख बढ़ावा देंगे. PMO के मुताबिक, 551 ऑक्सीजन प्लांट के लिए फंड पीएम केयर (PM-CARES) से दिया जाएगा.

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PMO ने एक बयान में बताया कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाने की दिशा में पीएम मोदी के दिशा निर्देश के अनुरूप, PM-CARES फंड से सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के अंदर 551 समर्पित मेडिकल ऑक्सीजन जनरेशन प्लांटों की स्थापना के लिए धन के आवंटन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी है. बता दें कि कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की किल्लत से देश जूझ रहा है.
पीएमओ की ओर से जानकारी दी गई है कि पीएम मोदी ने देश में पीएम केयर्स फंड से 551 मेडिकल ऑक्सीजन बनाने वाले प्लांट को रविवार को मंजूरी दे दी. ये ऑक्सीजन प्लांट विभिन्न राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में जिला मुख्यालय में चिह्नित सरकारी अस्पतालों में स्थापित किए जाएंगे.

PMO ने बताया कि ये खरीद स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के माध्यम से की जाएगी. जिला मुख्यालय के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित करने के पीछे मूल उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत करना है.

PMO के बयान के अनुसार, इन-हाउस कैप्टिव ऑक्सीजन जेनरेशन सुविधा इन अस्पतालों और जिले की दिन-प्रतिदिन की मेडिकल ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करेगी. इसके अलावा, तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (LMO) कैप्टिव ऑक्सीजन जनरेशन के लिए टॉप अप के रूप में काम करेगा.



प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस तरह की प्रणाली लंबे समय तक यह सुनिश्चित करेगी कि जिलों के सरकारी अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति में अचानक व्यवधान का सामना न करना पड़े और COVID-19 या अन्य मरीजों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति का उपयोग हो.



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इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले कोलावड़ा के एक आयुर्वेदिक अस्पताल में 280 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले प्रेशर स्विंग अब्सॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र का उद्घाटन किया. अस्पताल में कोविड-19 केंद्र बनाया गया है. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल भी इस मौके पर उपस्थित थे.

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शाह ने कहा कि पीएम केयर कोष से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की योजना के तहत केंद्र सरकार ने गुजरात में 11 नए पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र लगाने की स्वीकृति दी है. उन्होंने कहा कि इस कोष के जरिये देश भर में ऐसे सैकड़ों संयंत्र स्थापित किये जाएंगे.
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