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कश्मीर में राजनीतिक नेताओं की छह महीने से जारी हिरासत बुरे सपने की तरह: इल्तिजा मुफ्ती

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Updated: February 5, 2020, 10:30 PM IST
कश्मीर में राजनीतिक नेताओं की छह महीने से जारी हिरासत बुरे सपने की तरह: इल्तिजा मुफ्ती
20 सितंबर से महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती उनका ट्विटर अकाउंट चला रही हैं. (File Photo)

पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाकर विशेष दर्जा वापस ले लिया गया था. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा को हिरासत में ले लिया गया था.

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  • Last Updated: February 5, 2020, 10:30 PM IST
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श्रीनगर. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (Peoples Democratic Party) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) के ट्विटर हैंडल से बुधवार को ट्वीट किया गया कि कश्मीर में राजनीतिक नेताओं की छह महीने से जारी हिरासत एक बुरे सपने की तरह है.

पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाकर विशेष दर्जा वापस ले लिया गया था. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा को हिरासत में ले लिया गया और 20 सितंबर से महबूबा की बेटी इल्तिजा मुफ्ती (Iltija Mufti) उनका ट्वीटर अकाउंट चला रही हैं.

इल्तिजा ने अपनी मां के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया, 'ठीक छह महीने पहले, मैं बेबसी के साथ देखती रही जब अधिकारी मेरी मां को ले गए. दिन हफ्तों में बदले और हफ्ते महीनों में. कश्मीर में अब तक राजनीतिक नेता अवैध हिरासत में हैं. यह एक बुरे सपने जैसा है. सरकार अपने ही लोगों की आवाज दबा रही है.'

उन्होंने कहा कि भारत के विचार पर हमला हो रहा है और इस दौरान चुप रहना आपराधिक सहभागिता है. उन्होंने कहा कि इस संकट के आर्थिक और मानसिक असर ने जम्मू-कश्मीर को कमजोर कर दिया है. अभी भी कुछ नहीं बदला. सच तो यह है कि भारत के विचार पर हमला हो रहा है और इस पर चुप रहना भी आपराधिक सहभागिता है.



उन्होंने आगे लिखा कि मैं लड़ना जारी रखूंगी और एक पीड़ित कश्मीरी के रूप में बोलती रहूंगी. एक बेटी के तौर पर हर दिन अपनी मां के वापस घर आने तक. जो भारत को महान बनाता है वो यहां की विविधता है, समानता और भाईचारा है. इन मूल्यों की रक्षा के लिए एक जन आंदोलन शुरू किया गया है जिसके साथ मैं मजबूती से खड़ी हूं.



बता दें महबूबा मुफ्ती के अलावा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला को भी हिरासत में रखा गया है. फारूक अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में रखा गया है.

(भाषा इनपुट के साथ)

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First published: February 5, 2020, 10:30 PM IST
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