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किसान आंदोलन से 65 टोल प्‍लाजा बंद, 2,731 करोड़ का हुआ नुकसान, संसद में गडकरी ने बताया

किसान आंदोलन से 65 टोल प्‍लाजा बंद, 2,731 करोड़ का हुआ नुकसान, संसद में गडकरी ने बताया

अक्टूबर 2020 में अमृतसर के बाहरी इलाके में किसानों ने टोल प्लाजा को बंद करा दिया था.  (फाइल फोटो)

अक्टूबर 2020 में अमृतसर के बाहरी इलाके में किसानों ने टोल प्लाजा को बंद करा दिया था. (फाइल फोटो)

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) ने मंगलवार को संसद को बताया कि किसानों के विरोध के कारण अक्टूबर 2020 से राष्ट्रीय राजमार्गों पर 65 टोल प्लाजा बंद होने के बाद 2,731 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है. तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के बाद भी टोल प्लाजा बंद हैं. हरियाणा (Hariyana) में सबसे ज्यादा 1,381 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, इसके बाद पंजाब (Punjab) में 1,269 करोड़ रुपये और राजस्थान में 142 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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नई दिल्‍ली.  केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) ने मंगलवार को संसद को बताया कि किसानों के विरोध के कारण अक्टूबर 2020 से राष्ट्रीय राजमार्गों पर 65 टोल प्लाजा बंद होने के बाद 2,731 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है. गडकरी ने कहा कि हरियाणा (Hariyana) में सबसे ज्यादा 1,381 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, इसके बाद पंजाब (Punjab) में 1,269 करोड़ रुपये और राजस्थान में 142 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के बाद भी टोल प्लाजा बंद हैं.

उन्‍होंने कहा कि अक्टूबर 2020 में आंदोलनकारी किसानों द्वारा पंजाब में राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा को गैर-परिचालन बना दिया गया था. इसका असर पड़ोसी राज्यों हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी हुआ. कुल मिलाकर, किसानों के आंदोलन के कारण 60-65 टोल प्लाजा प्रभावित हुए, जिसके परिणामस्वरूप टोल संग्रह का नुकसान हुआ. गडकरी ने कहा कि मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर और टोल संग्रह एजेंसी की मदद से प्रभावित टोल प्लाजा को चालू करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं.

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पंजाब और हरियाणा की राज्य सरकारों ने हमें प्रभावित टोल प्लाजा पर टोल संग्रह को फिर से शुरू करने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया था. हालांकि, टोल परिचालन शुरू नहीं किया जा सका है. जून में, News18 ने इस मामले पर रिपोर्ट करने के लिए पूरे पंजाब और हरियाणा की यात्रा की थी और पाया था कि किसानों ने वाहनों को मुफ्त पास देने के लिए सभी टोल प्लाजा पर अपने तंबू गाड़ दिए थे. एक केंद्रीय अधिकारी ने कहा कि ऐसा संभवत: पहली बार हुआ है कि एक साथ कई टोल प्‍लाजा को लंबे समय तक के लिए बंद कर दिया गया हो. पंजाब और हरियाणा सरकारों से टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली बहाल करने के लिए की गई केंद्र सरकार की अपील अब तक विफल रही है.

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राज्यों का कहना है कि इस तरह के कदम से कानून और व्यवस्था की स्थिति पैदा होने का खतरा है. एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन दोनों राज्यों द्वारा ऐसा करना किसानों के इस अभूतपूर्व गैरकानूनी काम के लिए पूर्ण समर्पण लगता है. केंद्र और हितग्राहियों का बड़ा नुकसान हो रहा है, हालांकि फिलहाल कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है. इससे राज्यों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है क्योंकि ये टोल नेशनल हाईवे पर हैं. इस कारण से भी राज्‍य परेशान नहीं हैं.

संसद में अपने जवाब में, गडकरी ने कहा कि NHAI ने स्थानीय प्रशासन के आश्वासन के आधार पर राजस्थान में 14 गैर-संचालन टोल प्लाजा के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं और सितंबर में दो प्लाजा प्रदान किए गए थे. हालांकि, इन प्लाजा को भी किसानों के विरोध के कारण संचालित नहीं किया जा सका. यदि बिना पूर्व सूचना के किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन बंद कर दिया जाता है, तो NHAI ने एक आकस्मिक योजना के रूप में, अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को अपने कर्मचारियों को तुरंत जुटाने और किसी भी राजस्व हानि से बचने के लिए एक एजेंसी नियुक्त होने तक टोल प्लाजा का संचालन करने का निर्देश दिया है.

Tags: Hariyana, Punjab, Toll plaza, Union Minister Nitin Gadkari

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