केरल सोना तस्‍करी केस में CM के पूर्व प्रधान सचिव से हुई 7 घंटे पूछताछ, कभी भी गिरफ्तारी संभव

केरल सोना तस्‍करी केस में CM के पूर्व प्रधान सचिव से हुई 7 घंटे पूछताछ, कभी भी गिरफ्तारी संभव
पूर्व प्रधान सचिव का नाम महिला के साथ मिलकर सोना तस्‍करी मामले में आया है.

सीमा शुल्क विभाग (Custom department) ने इस मामले में 30 किलोग्राम से अधिक सोना जब्त किया था, जिसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये है. केंद्र सरकार ने यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया है.

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  • Last Updated: July 15, 2020, 12:17 PM IST
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नई दिल्‍ली. केरल (Kerala) के सोना तस्‍करी मामले (Gold Smuggling case) में बुधवार को मुख्‍यमंत्री पिनाराई विजयन (Pinarayi Vijayan) के पूर्व प्रधान सचिव एम शिवशंकर (M Shivsankar) से कस्‍टम्‍स हाउस में सीमा शुल्क अधिकारियों ने सात घंटे तक पूछताछ की. एन शिवशंकर का नाम सोना तस्‍करी मामले में आने के बाद उन्‍हें प्रधान सचिव और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव के पद से हटा दिया गया था. उन पर केरल के विभिन्‍न एयरपोर्ट के रास्‍ते देश में राजनयिक स्‍तर का फायदा उठाकर सोना तस्‍करी कराने का आरोप है.

जानकारी के मुताबिक एम शिवशंकर बुधवार को कस्‍टम्‍स हाउस में पूछताछ के लिए शाम को 5:30 बजे पहुंचे. सीमा शुल्क अधिकारियों ने उनसे देर रात 1:30 बजे तक पूछताछ की. उन्‍हें पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया था. इस लंबी पूछताछ के बाद ऐसी आशंका जताई जा रही है कि सीमा शुल्क अधिकारियों की ओर से उन्‍हें कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो अफसरों को उन्‍हें कोच्चि में स्थित आर्थिक अपराध कोर्ट में पेश करना होगा.

बता दें कि इस मामले में नाम सामने आने के बाद एक साल की लंबी छुट्टी पर गए शिवशंकर को भेजे गए नोटिस में उनसे जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया था. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से जब यह पूछा गया कि क्या सीमा शुल्क विभाग द्वारा तलब किये जाने की पृष्ठभूमि में अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी तो उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव डॉक्टर विश्वास मेहता के नेतृत्व में एक समिति अधिकारी पर लगे आरोपों की जांच कर रही है. अगर वह दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. विजयन ने कहा, 'फिलहाल उन पर संदेह करने का कोई आधार नहीं है. उनके फोन रिकॉर्ड में पता चला है कि सोने की तस्करी के मामले में आरोपी महिला के साथ उनके संबंध थे.'



उन्होंने कहा, 'हालिया रिपोर्ट यह भी बताती हैं कि इसी मामले में एक अन्य आरोपी से भी उनके संबंध थे. मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक समिति उन पर लगे आरोपों की जांच कर रही है. अगर आरोप सही पाए गए तो हम कार्रवाई करेंगे.' सूत्रों ने बताया कि सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय इस बात की जांच कर रहा है कि आईएएस अधिकारी ने अपने पद का दुरूपयोग कर मामले के आरोपियों स्वप्ना सुरेश, संदीप नायर एवं सरित को किसी प्रकार की मदद पहुंचाई थी या नहीं.
सरकार ने इन आरोपों के बाद शिवशंकर को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव के पद से हटा दिया था कि उनका संबंध उस महिला के साथ है जो तिरुवनंतपुरम में स्थित संयुक्त अरब अमीरात के वाणिज्य दूतावास में एक शख्स के नाम का उपयोग करके राजनयिक सामान के माध्यम से सोने की तस्करी का प्रयास करने के मामले में आरोपी है.

सीमा शुल्क विभाग ने इस मामले में 30 किलोग्राम से अधिक सोना जब्त किया था, जिसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये है. केंद्र सरकार ने यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया है. इस बीच, विजयन ने मंत्री के टी जलील के इस मामले में आरोपी महिला के साथ संपर्क होने के आरोपों को खारिज कर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, 'मंत्री पहले ही बता चुके हैं कि वह किन परिस्थितियों में उसके संपर्क में आए थे. फोन कॉल यूएई वाणिज्य दूतावास से संबंधित मामले को लेकर की गई थीं.'
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