मोदी सरकार के 7 साल और 77वीं मन की बातः पीएम मोदी ने कहा-जंग जीतेंगे क्योंकि देश रहा एकजुट


पीएम मोदी ने बताया कि कोरोना के खिलाफ जंग में 
बहुत बड़ी भूमिका देश के कई क्षेत्रों के अनेक Warriors की भी है.

पीएम मोदी ने बताया कि कोरोना के खिलाफ जंग में बहुत बड़ी भूमिका देश के कई क्षेत्रों के अनेक Warriors की भी है.

पीएम मोदी ने सभी नागरिकों की सराहना की जिन्होंने आगे बढ़कर राहत और बचाव के कार्य में हिस्सा लिया, ऐसे सभी लोगों की जितनी सराहना करें, उतनी कम है. मैं उन सब को salute करता हूं. केंद्र, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन सभी, एक साथ मिलकर इस आपदा का सामना करने में जुटे हुए हैं.

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पीएम मोदी की 77वीं मन की बात में उनका दर्द साफ झलका. कोरोना से लड़ाई में आई मुश्किलों का जिक्र था तो दूसरी ओर दो तूफानों से हुए नुकसान की भी चर्चा की. पीएम मोदी ने कहा कि इन 7 सालों में हमने सरकार और जनता से ज्यादा एक देश के रूप में काम किया, एक team के रूप में काम किया, ‘Team India’ के रूप में काम किया.

हर नागरिक ने देश को आगे बढ़ाने में एकाध-एकाध कदम आगे बढ़ाने का प्रयास किया है. हां! जहां सफलताएं होती हैं, वहां परीक्षाएं भी होती हैं. इन 7 सालों में हमने साथ मिलकर ही कई कठिन परीक्षाएं भी दी हैं और हर बार हम सभी मज़बूत होकर निकले हैं.

कठिन परीक्षाओं से मज़बूत होकर निकले हैं

देश पूरी ताक़त के साथ COVID-19 के खिलाफ़ लड़ रहा है. पिछले सौ वर्षों में यह सबसे बड़ी महामारी है और इसी pandemic के बीच भारत ने अनेक प्राकृतिक आपदाओं का भी डटकर मुकाबला किया है. इस दौरान cyclone अम्फान आया, cyclone निसर्ग आया, अनेक राज्यों में बाढ़ आई, छोटे-बड़े अनेक भूकंप आए, भू-स्खलन हुए. अभी-अभी पिछले 10 दिनों में ही देश ने, फिर दो बड़े cyclones का सामना किया. पश्चिमी तट पर cyclone ‘टाउ-ते’ और पूर्वी coast पर cyclone ‘यास’. इन दोनों चक्रवातों ने कई राज्यों को प्रभावित किया है. देश और देश की जनता इनसे पूरी ताक़त से लड़ी और कम से कम जनहानि सुनिश्चित की. हम अब ये अनुभव करते हैं कि पहले के वर्षों की तुलना में, ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की जान बचा पा रहे हैं.

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पीएम मोदी ने सभी नागरिकों की सराहना की जिन्होंने आगे बढ़कर राहत और बचाव के कार्य में हिस्सा लिया, ऐसे सभी लोगों की जितनी सराहना करें, उतनी कम है. मैं उन सब को salute करता हूं. केंद्र, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन सभी, एक साथ मिलकर इस आपदा का सामना करने में जुटे हुए हैं.

कोरोना महामारी से जंग



पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें बहुत खत मिले कि मैं कोरोना वॉरियर्स का भी जिक्र करें. पीएम जानते हैं कि कोरोना संकट में जिन्होंने अपनों को खोया है और जिन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, उनके घावों पर मलहम लगाना सबसे जरूरी है. इसलिए पीएम मोदी ने उन्हें संदेश देते हुए कहा कि हमारे इन जवानों ने, इन Warriors ने जो काम किया है, इसके लिए देश इन्हें salute करता है. इसी तरह लाखों लोग दिन रात जुटे हुए हैं. जो काम वो कर रहे हैं, वो इनके routine काम का हिस्सा नहीं है. इस तरह की आपदा तो दुनिया पर सौ साल बाद आई है, एक शताब्दी के बाद इतना बड़ा संकट! इसलिए, इस तरह के काम का किसी के पास कोई भी अनुभव नहीं था. इसके पीछे देशसेवा का जज़्बा है और एक संकल्पशक्ति है. इसी से देश ने वो काम किया है जो पहले कभी नहीं हुआ.

देश के सामने आई इस चुनौती में देश की मदद की, cryogenic tanker चलाने वाले drivers ने, oxygen express ने, Air Force के pilots ने. ऐसे अनेकों लोगों ने युद्ध-स्तर पर काम करके हज़ारों-लाखों लोगों का जीवन बचाया. कितने ही Frontline workers, sample collection के काम में लगे हुए हैं. संक्रमित मरीजों के बीच जाना, उनका sample लेना, ये कितनी सेवा का काम है.

किसान भी रहे कोरोना वॉरियर्स: संकट में भी रिकॉर्ड उत्पादन

पीएम मोदी ने बताया कि कोरोना के खिलाफ जंग में बहुत बड़ी भूमिका देश के कई क्षेत्रों के अनेक Warriors की भी है. हमारे देश पर इतना बड़ा संकट आया, इसका असर देश की हर एक व्यवस्था पर पड़ा. कृषि-व्यवस्था ने ख़ुद को इस हमले से काफी हद तक सुरक्षित रखा. किसानों ने record उत्पादन किया, तो इस बार देश ने record फसल खरीदी भी की है. इस बार कई जगहों पर तो सरसों के लिए किसानों को MSP से भी ज्यादा भाव मिला है.

Record खाद्यान्न-उत्पादन की वजह से ही हमारा देश हर देशवासी को संबल प्रदान कर पा रहा है. आज इस संकट काल में 80 करोड़ ग़रीबों को मुफ़्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि ग़रीब के घर में भी कभी ऐसा दिन न आए जब चूल्हा न जले.

पीएम मोदी का संतोष इस बात पर भी झलका कि किसान नई व्यवस्थाओं का लाभ उठाकर कमाल कर रहे हैं. इस बार अगरतला के किसानों के कटहल रेल के जरिए गुवाहाटी तक लाये गए. गुवाहाटी से अब ये कटहल लंदन भेजे जा रहे हैं. ऐसे ही बिहार की ‘शाही लीची’ जिसे 2018 में सरकार ने GI Tag दिया था वो इस बार बिहार की ये ‘शाही लीची’ भी हवाई-मार्ग से लंदन भेजी गई है. किसान-रेल, सैकड़ों टन विजयनगरम आम दिल्ली पंहुचा रही है. दिल्ली और उत्तर भारत के लोगों को विजयनगरम आम खाने को मिलेगा और विजयनगरम के किसानों को अच्छी कमाई होगी.

मोदी सरकार के 7 साल: राष्ट्रीय गौरव के कई क्षण देश ने देखे

इन 7 वर्षों में ही देश के अनेकों पुराने विवाद भी पूरी शांति और सौहार्द से सुलझाए गए हैं. पूर्वोत्तर से लेकर कश्मीर तक शांति और विकास का एक नया भरोसा जगा है. पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से पूछा कि क्या उन्होंने सोचा है कि ये सब काम जो दशकों में भी नहीं हो सके, इन 7 सालों में कैसे हुए?

पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि जब हम ये देखते हैं कि अब भारत दूसरे देशों की सोच और उनके दबाव में नहीं, अपने संकल्प से चलता है, तो हम सबको गर्व होता है. जब हम देखते हैं कि अब भारत अपने खिलाफ साज़िश करने वालों को मुंहतोड़ ज़वाब देता है तो हमारा आत्मविश्वास और बढ़ता है. जब भारत राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर समझौता नहीं करता, जब हमारी सेनाओं की ताकत बढ़ती हैं, तो हमें लगता है कि हां, हम सही रास्ते पर हैं.

पेय जल मिशन की तारीफ

आज़ादी के बाद 7 दशकों में हमारे देश के केवल साढ़े तीन करोड़ ग्रामीण घरों में ही पानी के connection थे. लेकिन पिछले 21 महीनों में ही साढ़े चार करोड़ घरों को साफ पानी के connection दिए गए हैं. इनमें से 15 महीने तो कोरोनाकाल के ही थे. इसी तरह का एक नया विश्वास देश में ‘आयुष्मान योजना’ से भी आया है. जब कोई ग़रीब मुफ़्त इलाज से स्वस्थ होकर घर आता है तो उसे लगता है कि उसे नया जीवन मिला है. उसे भरोसा होता है कि देश उसके साथ है. पीएम मोदी का मानना है कि ऐसे कितने ही परिवारों का आशीर्वचन, करोड़ों माताओं का आशीर्वाद लेकर ही हमारा देश मजबूती के साथ विकास की ओर अग्रसर है और इसी से उनकी सरकार को भी ताकत मिलती है.


कोरोना की दूसरी लहर पर भी जीत पाने का भरोसा

कोरोना महामारी के रूप में, इतनी बड़ी परीक्षा तो लगातार चल रही है. ये तो एक ऐसा संकट है जिसने पूरी दुनिया को परेशान किया है, कितने ही लोगों ने अपनों को खोया है. बड़े-बड़े देश भी इसकी तबाही से बच नहीं सके हैं. इस वैश्विक-महामारी के बीच भारत, ‘सेवा और सहयोग’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. हमने पहली Wave में भी पूरे हौसले के साथ लड़ाई लड़ी थी, इस बार भी वायरस के खिलाफ़ चल रही लड़ाई में भारत विजयी होगा. ‘दो गज की दूरी’, मास्क से जुड़े नियम हों या फिर Vaccine, हमें ढिलाई नहीं करनी है. यही हमारी जीत का रास्ता है.

कुल मिला कर पीएम मोदी का पूरा ध्यान इस बात पर रहा कि देश की जनता से मिला सहयोग ही उन्हें और उनकी सरकार की हर मुश्किल आसान करने में मददगार रहा है. इसलिए उनका पूरा ध्यान उनकी रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाने पर है.

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