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दिल्ली के अस्पताल में 70 वर्षीय पुरुष को वक्ष कैंसर, डॉक्टर बोलीं- अभी हालत है स्थिर

दिल्ली के अस्पताल में 70 वर्षीय पुरुष को वक्ष कैंसर, डॉक्टर बोलीं- अभी हालत है स्थिर

ब्रेस्ट कैंसर के मामले में अगर शुरुआती चरण में इलाज शुरू ना हो तो समस्या हो सकती है. (Image-Shutterstock)

ब्रेस्ट कैंसर के मामले में अगर शुरुआती चरण में इलाज शुरू ना हो तो समस्या हो सकती है. (Image-Shutterstock)

पटपड़गंज के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की डॉक्टर मीनू वालिया ने बताया कि मरीज का इस साल सितंबर में चिकित्सकीय पद्धति से वक्ष के हिस्से को निकाल दिया गया था और अभी उसकी कीमोथेरेपी चल रही है. डॉक्टर ने कहा कि मरीज पर उपचार का असर हो रहा है और उसकी हालत स्थिर है. वालिया ने कहा कि स्तन कैंसर वाले लगभग 40 प्रतिशत पुरुषों का इलाज तीसरे या चौथे स्टेज में होता है. तब तक यह रोग पहले ही शरीर के अन्य भागों में फैल चुका होता है. नतीजतन महिलाओं की तुलना में पुरुषों के कैंसर से बचने के कम आसार होते हैं.

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    नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में हाल में एक निजी अस्पताल में 70 वर्षीय एक व्यक्ति को वक्ष कैंसर होने का पता चला. एक बयान में यह जानकारी दी गयी. पटपड़गंज के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की डॉक्टर मीनू वालिया ने बताया कि मरीज का इस साल सितंबर में चिकित्सकीय पद्धति से वक्ष के हिस्से को निकाल दिया गया था और अभी उसकी कीमोथेरेपी चल रही है. डॉक्टर ने कहा कि मरीज पर उपचार का असर हो रहा है और उसकी हालत स्थिर है. इस साल सितंबर में मरीज को मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी से गुजरना पड़ा और फिलहाल उनकी कीमोथेरेपी चल रही है. डॉक्टर ने कहा कि  पुरुष स्तन कैंसर दुर्लभ है, लेकिन यह आक्रामक होता है. अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, एक आदमी के जीवन भर में स्तन कैंसर होने का जोखिम 833 पुरुषों में से लगभग 1 है. अगर शुरुआती स्टेज में ही पता चल जाए तो इलाज के जरिए स्थिति को संभाला जा सकता है.

    उन्होंने कहा कि पुरुषों में वक्ष कैंसर दुर्लभ है लेकिन अगर इस बीमारी का समय रहते पता चल जाए तो इलाज करना आसान हो जाता है. कई महिलाएं जानती हैं कि स्तन कैंसर का संकेत देने वाले परिवर्तन कैसे होते हैं लेकिन पुरुषों में कम जागरूकता है जिसका सीधा मतलब है कि प्रारंभिक अवस्था में उनकी मदद मुश्किल होती है. उन्होंने कहा पुरुष स्तन कैंसर वृद्ध पुरुषों में सबसे आम है, हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकता है.

    पुरुषों के बचने के आसार कम
    स्तन कैंसर पुरुषों को अलग तरह से प्रभावित कर सकता है क्योंकि उनके पास महिलाओं की तुलना में कम ब्रेस्ट टीशूज होते हैं. हालांकि इससे छोटी गांठों का पता लगाना आसान हो जाता है. इसका मतलब यह भी है कि स्तन में कैंसर के बढ़ने की गुंजाइश कम होती है. नतीजतन, यह जल्दी से आस-पास के अंगों में फैल सकता है.

    वालिया ने कहा कि स्तन कैंसर वाले लगभग 40 प्रतिशत पुरुषों का इलाज तीसरे या चौथे स्टेज में होता है. तब तक यह रोग पहले ही शरीर के अन्य भागों में फैल चुका होता है. नतीजतन महिलाओं की तुलना में पुरुषों के कैंसर से बचने के कम आसार होते हैं.

    Tags: Delhi, Health

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