अफगानिस्‍तान में हालात खराब, 700 सिख और हिंदू लौटना चाहते हैं भारत

अफगानिस्‍तान में हालात खराब, 700 सिख और हिंदू लौटना चाहते हैं भारत
अफगानिस्‍तान से भारत लौटे 11 लोग. (Pic- प्रतीकात्‍मक)

अफगानिस्‍तान (Afghanistan) से 26 जुलाई को विशेष विमान 11 लोगों को लेकर भारत आया है. सरकारी अफसरों का कहना है कि ये मिशन आगे भी जारी रहेगा.

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शंकर आनंद/शैलेन्द्र वागूं
नई दिल्‍ली. 'अब मैं वहां नहीं जाना चाहती. वो लोग बहुत ही खूंखार और गंदे हैं. मेरी जैसी छोटी लड़कियों और बड़ी-बुजुर्ग औरतों की हालत वहां बहुत गंदी है. मैंने 16 जुलाई को जैसे ही अपने घर का गेट खोला तो मेरे पडोसी ने मेरा हाथ खींचकर मेरा अपहरण कर लिया, उसके बाद मुझे कहीं छुपा दिया था. बहुत मुश्किल से वहां से मैं जिंदा बचकर आई हूं.' इतना सुनते ही कुछ और पूछ पाता कि उस मासूम बच्ची का गला रूंध गया. मानों फूट-फूटकर रो पडे़गी. ये बयान है उस मासूम सी बच्ची का जो अफगानिस्तान में एक सिख परिवार में जन्मी. लेकिन जब वो थोड़ी सी बड़ी हुई तो अफगानिस्तान (Afghanistan) में कुछ आतंकी तत्वों का नंगा खेल अपने आखों के सामने देखने के बाद वो हादसा अभी तक भूल नहीं पा रही थी. क्योंकि अभी भी डर और भय उसके चेहरे पर देखा और महसूस किया जा सकता है.

इसी महीने 16 जुलाई को इस 16 साल की मासूम बच्ची का अपहरण हो गया. अपहरण करने वाला भी कोई दूर का इंसान नहीं था, बल्कि उसका ही एक पड़ोसी था. जबरन धर्म परिवर्तन कराने वाले कुछ आतंकी इस तरह की हरकत अफगानिस्तान में अक्सर हिन्दू और सिख परिवार के लोगों पर दवाब बनाने के लिए करते हैं.

26 जुलाई को दोपहर करीब डेढ़ बजे जैसी ही काबुल से विशेष विमान दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड किया. उसके बाद अफगानिस्तान से आए 11 लोगों के चेहरे पर खुशी की रौनक को कोई भी आम इंसान देखकर समझ सकता था. विमान से निकलने के बाद एयरपोर्ट से बाहर निकलने वालों में सबसे पहले व्हील चेयर पर बैठे हुए 60 साल के निदान सिंह सचदेवा निकले. उनके बाहर निकलते ही एयरपोर्ट पर उनसे मिलने आए लोगों ने 'जो बोले सो निहाल, सत श्री आकाल' के जयकारे लगाए.
दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता, नेशनल बीजेपी से राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह, JAGO पार्टी के मंजीत सिंह जीके ,अफगानिस्तान हिन्दू सिख सोसाइटी के प्रेसिडेंट खजिन्दर सिंह भी एयरपोर्ट पहुंचे थे. उन तमाम 11 लोगों का स्वागत करने के लिए. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने और आरपी सिंह ने शॉल ओढ़ाकर और माला पहनाकर निदान सिंह का स्वागत किया. उसके बाद निदान सिंह तमाम लोगों का अभिवादन स्वीकार करने के बाद वहीं सोफा पर बैठ गए.



उसके बाद न्यूज 18 के साथ विशेष तौर पर बातचीत करते हुए उन्होंने सबसे पहले जो शब्द कहा वो था "भारत, भारत के लोग और भारत के प्रधानमंत्री का मैं और मेरा परिवार ताउम्र शुक्रगुजार रहेंगे. क्योंकि हमें तो अब कहीं कोई डगर सामने नजर नहीं आ रही थी. लेकिन भारत सरकार ने जिस तरह के अफगानिस्तान और बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों के लिए CAA कानून के तहत जो प्रावधान किया है उससे कई मजबूर लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है . वाकई में सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा.

निदान सिंह के शब्दों में बहुत ही गर्मजोशी थी. गर्मजोशी भी इसलिए कि मानो वो बहुत बड़ा युद्ध जीतकर और अपनी मौत को हराकर आए हों. शायद ये इसी बात का कॉन्फिडेंस था. निदान सिंह एयरपोर्ट से निकलने के वक्त व्हीलचेयर से बाहर निकल रहे थे लेकिन भारत देश के लोगों और केन्द्र सरकार से आए लोगों ने जिस तरह से उसे प्यार नवाजा, उस 60 साल के बुजुर्ग में हिम्मत आ गई और पूरे कार्यक्रम के दौरान कभी व्हीलचेयर पर बैठे नहीं, यहां तक कि मीडिया से जुडे़ अन्य लोगों से बातचीत करने के लिए खुद बाहर आ गए और वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से काफी देर तक बातचीत करते रहे. क्योंकि भारत की मिट्टी और यहां की मजबूत आबोहवा ने उनके बुजुर्ग शरीर में जान फूंक दी थी.

निदान सिंह के साथ ही चुपचाप बैठी करीब 70 साल की बलवान कौर की निगाहें तो आसपास ऐसे घूम रही थीं कि मानों उन्हें विश्ववास ही नहीं हो रहा था कि वो सुरक्षित तरीके से भारत में आ चुकी हैं . बलवान कौर के परिवार में से पांच सदस्यों को इसी साल 25 मार्च को अफगानिस्ताम में स्थित एक गुरुद्वारे में आतंकियों ने गोलीमारकर हत्या कर दी थी, उसके बाद मानों तो बलवान कौर के आंखों से आंसू ही सुख चुके हैं . बलवान कौर न्यूज 18 के साथ बातचीत करने के बाद अपनी दर्द भरी दास्तां बताते हुए काफी भावुक हो गईं.

इस विशेष मिशन में केन्द्र सरकार की भूमिका बहुत ही महत्‍वपूर्ण है, क्योंकि जहां एक ओर देश में मुठ्ठी भर असमाजिक तत्वों द्वारा कई तरह के भ्रम फैलाया जाता है वहीं इस तरह के मिशन से अंतराष्ट्रीय स्तर से लेकर देश के अंदर अल्पसंख्यकों के प्रति काफी साकारात्मक संदेश गया है. क्योंकि सरकार देश के बाहर रहने वाले अल्पसंख्यकों का भी ख्याल करती है. इस मिशन में विदेश मंत्री एस जयशंकर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण थी. इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संपर्क में रहकर लगातार विदेश मंत्री जयशंकर और केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी रिपोर्ट कर रहे थे.

पल-पल की जानकारी वो दोनों प्रधानमंत्री को दे रहे थे. इसके साथ ही इस पूरे मिशन में इंडियन वर्ल्‍ड फोरम के कई ऐसे अधिकारी इस मिशन के लिए भारत से लेकर अफगानिस्तान में लोगों से जुड़े हुए थे. इस संस्था की अगर बात करें तो यही वो संस्था है जो अफगानिस्तान में नेशनल डायरेक्टरेट ऑफ सेक्यूरिटी (NDS) पर दबाव बनाया और पकतिया प्रांत केगवर्नर और स्थानीय ट्राइबल नेताओं ने निदान सिंह की रिहाई को मुमकिन किया था. निदान सिंह को 17-18 जुलाई की रात को को NDS ने रिहा किया था.

इस मिशन की सफलता के बाद केन्द्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ये मिशन यहीं खत्म नहीं होगा, बल्कि आगे भी जारी रहेगा. हमें ये भी जानकारी मिली है कि अफगानिस्तान से करीब 700 सिख और हिन्दू अफगान नागरिक भारत लौटना चाहते हैं. जिन्‍हें जल्द ही भारत लाया जाएगा.
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