लाइव टीवी

पुलिस स्टेशन में महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर 71 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर

News18Hindi
Updated: February 2, 2019, 11:01 PM IST
पुलिस स्टेशन में महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर 71 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर
प्रतीकात्मक फोटो (PTI)

घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने एक कर्मचारी को छोड़कर पूरे स्टाफ का ट्रांसफर कर दिया है. पुलिस स्टेशन में कुल 72 पुलिसकर्मी थे, जिनमें से एक पुलिस इंस्पेक्टर था, जो स्टेशन का प्रमुख था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 2, 2019, 11:01 PM IST
  • Share this:
बेंगलुरु पुलिस के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब कुमारस्वामी लेआउट पुलिस स्टेशन में काम करने वाले 72 पुलिस कर्मियों में से 71 पुलिस कर्मियों का शुक्रवार को ट्रांसफर कर दिया गया. यह उस घटना के तीन दिन बाद हुआ जब थाने के तीन पुलिसकर्मियों ने महिला के साथ मारपीट की थी.

घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने एक कर्मचारी को छोड़कर पूरे स्टाफ का ट्रांसफर कर दिया है. पुलिस स्टेशन में कुल 72 पुलिसकर्मी थे, जिनमें से एक पुलिस इंस्पेक्टर था, जो स्टेशन का प्रमुख था.

बेंगलुरु साउथ डिवीजन के पुलिस उपायुक्त के अन्नामलाई ने न्यूज18 से कहा कि स्टेशन की छवि को साफ करने के लिए यह कदम उठाया गया है, इस ट्रांसफर को सजा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

यह पहली बार नहीं है जब कुमारस्वामी लेआउट पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों पर जनता के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है. जानकारी अनुसार पुलिस कर्मियों द्वारा महिला को पीटने का वीडियो उसी पुलिस स्टेशन में काम करने वाले दूसरे पुलिस कर्मियों ने लीक किया था.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने न्यूज18 को बताया कि पुलिस स्टेशन पर पहले भी तैनात हुए कई पुलिस कर्मियों ने इस तरह से आम जनता को परेशान किया है.

बीते 20 जनवरी को एक पुलिस कर्मी अपहरण के आरोप में महिला के साथ मारपीट करती नजर आई थी, जिसका वीडियो सामने आने के बाद डीसीपी अन्नामलाई ने जांच के आदेश दिए थे और सहायक उप निरीक्षक रेणुका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था.

हालांकि, राज्य की महिला आयुक्त की चेयरपर्सन नागालक्ष्मी बाई ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि वीडियो में मौजूद महिला की गलती थी. महिला के बेटी ताराकेश्वरी ने भी उसे दोषी ठहराया था.ताराकेश्वरी ने कहा था कि उसकी मां ने संपत्ति अपने नाम लिखवाने के लिए उसका अपहरण किया था और पुलिसकर्मियों ने ही उसे बचाया था.कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि तारकेश्वरी की मां अपनी बेटी के खिलाफ एक फर्जी शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन गई थी, जहां उसने महिला कांस्टेबल के साथ कथित तौर पर मारपीट की और तब एएसआई रेणुका ने उसे धक्का दे दिया.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 2, 2019, 10:30 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर