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गणतंत्र दिवस: अटारी-वाघा बॉर्डर पर हुआ 'बीटिंग द रिट्रीट' समारोह, VIDEO देख गर्व से चौड़ा हो जाएगा सीना

 गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष रूप से इस बीटिंग रिट्रीट समारोह को देखने के लिए हजारों लोगों का हुजूम पहुंचा था. (File Photo)

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष रूप से इस बीटिंग रिट्रीट समारोह को देखने के लिए हजारों लोगों का हुजूम पहुंचा था. (File Photo)

Beating Retreat ceremony at Attari-Wagah Border: अटारी बॉर्डर फ्रंट अमृतसर शहर से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. 74वें गणतंत्र दिवस  (74th Republic Day) की पूर्व संध्या पर बुधवार को पंजाब में अटारी-वाघा सीमा पर बीटिंग रिट्रीट समारोह (Beating Retreat) का आयोजन किया गया. इस दौरान सीमा पर मौजूद हजारों लोगों और जवानों ने जबरदस्त देशभक्ति का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम में भारतीय जवानों का शौर्य देखने को मिला. बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान पूरा माहौल भारत माता की जय, वंदे मारतम् और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा. जिससे भारत के जवानों का उत्साह भी चरम पर पहुंच गया. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष रूप से इस बीटिंग रिट्रीट समारोह को देखने के लिए हजारों लोगों का हुजूम पहुंचा था.

अटारी बॉर्डर फ्रंट अमृतसर शहर से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और हर दिन सैकड़ों भारतीय, विदेशी पर्यटक और स्थानीय लोग रिट्रीट समारोह देखने के लिए पहुंचते हैं. बीएसएफ के जवानों के साथ उनके समकक्ष पाकिस्तानी रेंजर्स इस समारोह में हिस्सा लेते हैं. अटारी स्टेडियम में प्रतिदिन लगभग 25,000 लोग बैठ सकते हैं, जबकि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस तथा सप्ताहांत में लोगों की संख्या 40,000 तक पहुंच जाती है.

1959 से दोनों देश कर रहे हैं इस परंपरा का पालन
भारत और पाकिस्तान परंपरागत तौर पर 1959 के बाद से अटारी-वाघा सीमा पर रिट्रीट समारोह आयोजित कर रहे हैं और इस कार्यक्रम में भारी संख्या में दोनों देशों के लोग शामिल होते हैं. समारोह का आयोजन 60 से 120 मिनट का होता है. भारत पाकिस्तान विभाजन के बाद ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड पर अटारी-वाघा संयुक्त चेक पोस्ट स्थापित की गई थी जहां भारत की तरफ को अटारी और पाकिस्तान की तरफ को वाघा के नाम से जाना जाता है.

अटारी-वाघा सीमा पर होने वाले इस समारोह के लिए दोनों देशों की सरकारों ने सहमति जाहिर की थी.  अटारी-वाघा बॉर्डर पर दोनों देशों की सीमा पर गश्त करने वाले जवान अपने-अपने राष्ट्रीय ध्वज सुबह फहराते हैं और शाम को सूरज ढलने से पहले दोनों देशों के दर्शकों के साथ इस समारोह में झंडे को उतारा जाता है.

ध्वज को उतारने से पहले दोनों देशों के सुरक्षाबल एक-दूसरे को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए चुनौती देते हैं और अपने कौशल का प्रदर्शन करते हैं. पंजाब में ऐसे तो महावीर/सदकी सीमा और गंडा सिंह वाला (फिरोजपुर के पास) भी ऐसे समारोह का आयोजन होता है.

Tags: Beating the Retreat, India pakistan, Republic day, WAGAH

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