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अटारी-वाघा बॉर्डर से लौटेंगे पाकिस्तान में फंसे 748 भारतीय नागरिक

इमिग्रेशन अधिकारियों को पाकिस्तानी सरकार की ओर से भारतीय नागरिकों की आसान वापसी सुनिश्चित कराने का निर्देश है (अटारी-वाघा बॉर्डर की फाइल फोटो)

इमिग्रेशन अधिकारियों को पाकिस्तानी सरकार की ओर से भारतीय नागरिकों की आसान वापसी सुनिश्चित कराने का निर्देश है (अटारी-वाघा बॉर्डर की फाइल फोटो)

लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा से पहले मार्च में ही भारत-पाक सीमा (India-Pakistan Border) को सील कर दिया गया था, और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flights) पर भी रोक लगा दी थी. तभी से यह भारतीय नागरिक, पाकिस्तान में फंसे हुए हैं.

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नई दिल्ली. लॉकडाउन (Lockdown) के चलते पाकिस्तान (Pakistan) में फंसे भारतीय नागरिकों (Indian Citizens) के लिए अच्छी ख़बर है. पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में फंसे कुल 748 भारतीय नागरिकों की वापसी गुरुवार से शुरू होगी. उच्च-स्तरीय सूत्रों ने बताया कि इस्लामाबाद (Islamabad) में मौजूद भारतीय दूतावास (Indian Embassy) इन नागरिकों के लगातार संपर्क में बना हुआ है. जिसने इन भारतीयों की वापसी के लिए आने वाले मंगलवार को चुना था. हालांकि इसे बाद में बदलकर गुरुवार कर दिया गया था.

भारतीय नागरिकों की भारत वापसी वाघा-अट्टारी बॉर्डर (Wagha से होगी. यह वापसी तीन चरणों में होगी. और इसके लिए नामों की एक लिस्ट संबंधित विभागों और पंजाब रेंजर्स को उपलब्ध कराई गई है. सीमा को 25 जून से 27 जून के लिए खोला जायेगा. वापसी का पहला दौर 25 जून से शुरू होगा, जिसमें 250 भारतीय नागरिकों को वापस लाया जाएगा. इसके अगले दिन भी इतनी ही संख्या में भारतीयों को वापस लाया जायेगा. आखिरी दिन शनिवार को वापसी की प्रक्रिया के तौर पर करीब 248 भारतीय नागरिकों की वापसी होगी.

पाकिस्तान सरकार ने अधिकारियों से आसान वापसी सुनिश्चित करने को कहा
इमिग्रेशन अधिकारियों (Immigration officials) को पाकिस्तानी सरकार (Pakistan Government) की ओर से भारतीय नागरिकों (Indian Citizens) की आसान वापसी सुनिश्चित कराने का निर्देश है.
कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के प्रसार के दौर में पाकिस्तान से लौटने वाले लोगों को 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जायेगा. जबकि जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों को उनके राज्यों में ही क्वारंटाइन किया जायेगा.



लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही पाकिस्तान में फंसे हैं नागरिक
लौटने वालों में अधिकतर कश्मीरी छात्र (Kashmiri Students) हैं, वहीं पंजाब (Punjab), महाराष्ट्र (Maharashtra) और गुजरात (Gujarat) से भी लोग पाक यात्रा पर गए थे, और लॉकडाउन के बाद वहां फंस गए थे.

लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा से पहले मार्च में ही भारत-पाक सीमा (India-Pakistan Border) को सील कर दिया गया था, और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flights) पर भी रोक लगा दी थी. तभी से यह भारतीय नागरिक, पाकिस्तान में फंसे हुए हैं.

यह भी पढ़ें: नेपाल-चीन के बीच है खास सड़क, भारत के लिए बन सकती है परेशानी

पाक ने दी वाघा बॉर्डर खोलने की मंजूरी
फंसे भारतीयों को उच्चयोग से उन्हें अपने वतन जाने की खुशखबरी ईमेल (e-mail) से मिली थी. ईमेल में लिखा था कि इस्लामाबाद में स्थित भारतीय उच्चायोग ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों की वतन वापसी की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है. भारतीय उच्चायोग ने पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया था कि वह 23 जून को फंसे भारतीय नागरिकों के लिए वाघा बॉर्डर खोल दे.
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