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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद आतंकवाद की 79 घटनाएं, जेलों में 450 लोग: केंद्र

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद आतंकवाद की 79 घटनाएं, जेलों में 450 लोग: केंद्र

एक तरफ दुनिया कोरोना वायरस से मुकाबले में दिनरात जुटी है. वहीं, आतंकवादी संगठन वैश्विक महामारी का फायदा उठाने की फिराक में हैं.

एक तरफ दुनिया कोरोना वायरस से मुकाबले में दिनरात जुटी है. वहीं, आतंकवादी संगठन वैश्विक महामारी का फायदा उठाने की फिराक में हैं.

गृह राज्य मंत्री (State Home Minister) जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) ने लोकसभा (Lok Sabha) में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

    नई दिल्ली. सरकार (Government) ने मंगलवार को कहा कि पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) के विशेष दर्जे (Special Status) वाला प्रावधान खत्म किए जाने के बाद आतंकवाद (Terrorist) की कुल 79 घटनाएं हुई हैं.

    गृह राज्य मंत्री (State Home Minister) जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

    पुलवामा आतंकी हमले की अभी भी चल रही है जांच
    रेड्डी के अनुसार पांच अगस्त, 2019 से 10 मार्च, 2020 के दौरान जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आतंकवाद (Terrorist) की कुल 79 वारदातें हुईं.

    एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने यह भी कहा कि पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terrorist Attack) की जांच अभी चल रही है.

    जम्मू-कश्मीर में 450 लोगों को विभिन्न जेलों में रखा गया
    वहीं एक अन्य सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि जम्मू कश्मीर में इस समय लगभग 450 लोगों को विभिन्न जेलों में रखा गया है. गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) ने लोकसभा में ए गणेशमूर्ति के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी.

    उन्होंने जम्मू कश्मीर सरकार (Jammu-Kashmir Government) से मिली सूचना के हवाले से बताया कि शांति और अमन-चैन भंग करने वाले अपराधों तथा राज्य की सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों को रोकने तथा लोक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पत्थरबाजों, शरारती तत्वों, सक्रिय अलगाववादियों आदि सहित लगभग 450 लोगों को इस समय एहतियातन हिरासत में लिया है. ये लोग विभिन्न जेलों और सहायक जेलों में रखे गए हैं.

    नेताओं की नजरबंदी को लेकर किया गया था सवाल
    गणेशमूर्ति ने सवाल किया था कि जम्मू और कश्मीर में विगत चार महीनों में नजरबंद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की कुल संख्या कितनी है और उनकी नजरबंदी (Detention) के क्या कारण हैं.

    साथ ही उन्होंने सवाल किया था कि क्या केंद्र द्वारा घरों में बंद नेताओं को रिहा किए जाने की संभावना है? इसके जवाब में मंत्री (Minister) ने बताया कि मामला दर मामला आधार पर इनकी नियमित समीक्षा की जाती है. उसी के अनुसार फील्ड एजेंसियों की रिपोर्टों और जमीनी स्थिति के आधार पर हिरासत की अवधि बढ़ायी जाती है या इसे निरस्त किया जाता है.

    यह भी पढ़ें: केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा- कोरोना टेस्ट निगेटिव, एहतियातन घर में हूंundefined

    Tags: Article 370, Jammu and kashmir, Lok Sabha 2019, Pulwama, Terrorist

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