'भारत बंद' के दिन डॉक्टर भी 10 हजार जगहों पर करेंगे विरोध प्रदर्शन, ओपीडी और अन्य सेवाएं होंगी प्रभावित

(सांकेतिक तस्वीर)

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भारतीय मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 11 दिसंबर को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक प्रदर्शन किए जाएंगे. इस दौरान गैर अनिवार्य और गैर कोविड-19 (Non Covid-19) सेवाएं बाधित रहेंगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 7, 2020, 11:40 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली बॉर्डर पर लगातार किसान प्रदर्शन (Farmer Protest) कर रहे हैं. किसानों के बाद डॉक्टरों ने भी केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है. नाराज डॉक्टर भी सड़कों पर उतरने जा रहे हैं. आयुर्वेद डॉक्टरों को सर्जरी की इजाजत देने से नाराज डॉक्टरों ने विरोध करते हुए मंगलवार को देश भर में 10,000 जगहों पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है.

भारतीय मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 11 दिसंबर को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक प्रदर्शन किए जाएंगे. इस दौरान गैर अनिवार्य और गैर कोविड-19 (Non Covid-19) सेवाएं बाधित रहेंगी. आईएमए ने कहा है कि सभी आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी. ओपीडी सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी और पहले से तय ऑपरेशन भी नहीं किए जाएंगे.

आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था हो जाएगी खत्म

आरडीए ने कहा कि इससे ‘नीमहकीमी’ बढ़ेगी और यह लोगों की सेहत के लिए खतरनाक होगा. आईएमए ने कहा कि देशभर में आधुनिक चिकित्सा पद्धति में काम करने वाले डॉक्टर मंगलवार को दोपहर 12 से दो बजे तक कोविड नियमों का पालन करते हुए नयी अधिसूचना के खिलाफ 20-20 के छोटे समूहों में 10 हजार से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन करेंगे. आईएमए का कहना है कि वन सिस्टम पॉलिसी, आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर देगी.


आरडीए ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र

आरडीए ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को लिखे पत्र में चिकित्सा की ‘विधाओं को मिलाने’ पर आपत्ति जताई है और कहा कि इससे आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है जो घातक साबित हो सकता है. उसने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति काफी अनुसंधान के बाद समय के साथ विकसित हुई है. एम्स आरडीए ने कहा, ‘‘आधुनिक चिकित्सा प्रणाली की यह यात्रा आयुर्वेद से पूरी तरह अलग है. इसलिए विभिन्न विधाओं की अधूरी जानकारी रखने वाले डॉक्टरों द्वारा हमारे मरीजों का इलाज करना ना तो वैध है और ना ही सुरक्षित है.’’



क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं डॉक्टर?

दरअसल डॉक्टरों ने प्रदर्शन का यह फैसला हाल में केंद्रीय चिकित्सा परिषद की ओर से जारी उस अधिसूचना के खिलाफ लिया है, जिसके द्वारा स्नातकोत्तर आयुर्वेद सर्जरी के छात्रों को आधुनिक चिकित्सा और शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं का अध्ययन और अभ्यास करने भी मंजूरी दे दी गई है.

कब तक प्रदर्शन करेंगे डॉक्टर

आईएमए ने कहा है कि वन सिस्टम पॉलिसी, आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर देगी. आईएमए ने जोर देकर कहा है कि आर्युवेद चिकित्सकों को सर्जरी करने की कानूनी इजाजत को वापस लिए जाने तक यह विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा.

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