आंध्र प्रदेश: 63 सैलानियों से भरी नाव गोदावरी नदी में पलटी, आठ की मौत, 25 लापता

आंध्र प्रदेश: 63 सैलानियों से भरी नाव गोदावरी नदी में पलटी, आठ की मौत, 25 लापता
गोदावरी नदी में एक पर्यटन नौका पलटने से कई लोगों के डूबने की आशंका है.

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के पूर्वी गोदावरी (East Godavari) जिले में रविवार दोपहर गोदावरी नदी में सैलानियों के ले जा रही एक नौका पलटने के बाद से अभी तक 8 लोगों की लाशें निकाली जा चुकी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 16, 2019, 7:40 AM IST
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अमरावती. आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के पूर्वी गोदावरी (East Godavari) जिले में रविवार दोपहर गोदावरी नदी में सैलानियों के ले जा रही एक नाव के पलटने से कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लापता हैं. पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक 27 सैलानियों को बचा लिया गया है. हालांकि, दुर्घटना के बाद अभी भी 25 लोग लापता हैं. कल उत्तराखंड से साइड स्कैन सोनार के साथ एक खोजी टीम आएगी जो लोगों को ढूंढ़ने का काम करेगी.

गोदावरी नदी पिछले कुछ दिनों से पूरे उफान पर है. पूर्वी गोदावरी (Godavari) जिला पुलिस अधीक्षक अदनान अस्मी ने कहा, 'हम विस्तृत जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं.'



चालक दल समेत 60 लोग थे सवार



'रॉयल वशिष्ठ' नामक नौका पर्यटन स्थल पापीकोंडला की ओर जा रही थी. नदी के मध्य में पहुंचने पर नौका दुर्घटनाग्रस्त हो गई. ऐसा प्रतीत होता है कि नौका किसी बड़ी चट्टान से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. घटना यहां से करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर पूर्वी गोदावरी जिले में कछुलूर में हुई. शुरुआती रिपोर्ट में पुलिस ने 12 लोगों के शव मिलने की बात कही थी हालांकि एसडीएमए ने बाद में मरने वालों की संख्या आठ बताई.

नाव पर मौजूद अधिकतर पर्यटक हैदराबाद और पड़ोसी तेलंगाना के वारंगल से थे. राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने अपने राज्य से मृतकों के परिवार के लिये पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है और राहत कार्यों तथा घायलों की मदद में समन्वय के लिये मंत्रियों को नियुक्त किया है.

तेलंगाना से मरने वाले लोगों की संख्या की अभी पुष्टि नहीं हुई हालांकि घटना में वारंगल जिले और हैदराबाद से कम से कम 14 लोग लापता है. राज्य की राजधानी में अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

कैसे डूबी थी नाव?
बचाए गए यात्री ने बताया, "नदी में चलते हुए नाव अचानक से एक ओर झुक गई और इसी स्थिति में काफी देर तक बनी रही. जिसके बाद नाव पर सवार कई लोग नदी में कूद गए. इसके बाद नाव पलटी और करीब 20 लोग उसके ऊपर आ गए. फिर नाव एक ओर से डूबने लगी. जिससे हम सभी नदी में गिर पड़े. इनमें से कुछ को तब तक लाइफ जैकेट्स मिल गई थीं, हमने उसे पहन लिया. इसके बाद एक छोटी नाव आई, जिसने कुछ लोगों को बचाकर नाव पर चढ़ा लिया, इस तरह से हम बचाए गए."

कुछ साल पहले इसी जगह पर ऐसी ही दुर्घटना हुई थी जिसमें कई लोग मारे गये थे. रविवार को हुए हादसे में मरने वालों में नौका के दो चालक एस नुकाराजू और कामराजू भी शामिल हैं.

विपरीत दिशा से आ रही एक अन्य नौका ने रॉय वशिष्ठ के कई लोगों की जान बचाई, क्योंकि घटना के वक्त वे नदी में कूद गए थे और दूसरी नौका पर चढ़ गये थे जिससे उनकी जान बच गई. उस क्षेत्र में पड़ने वाले टुटुगुंटा के ग्रामीणों ने भी बचाव अभियान में हिस्सा लिया और वारंगल से पांच पर्यटकों की जान बचाई.

हादसे में जीवित बचे एक व्यक्ति ने टीवी चैनलों को बताया कि नौका पर 80 लोग सवार थे, जिसमें उसके परिवार के भी तीन लोग थे. वह व्यक्ति हैदराबाद में उप्पल इलाके का रहने वाला है. उसने बताया कि मैं बच गया लेकिन मेरी पत्नी, मेरे एक रिश्तेदार और उसकी पत्नी तथा बेटे की कोई सूचना नहीं है.

सैलानियों के बचाव में जुटे हैं चार दल
NDRF की दो और SDRF की दो टीमों को यात्रियों के बचाव कार्य में लगाया गया है. हर टीम में 30 सदस्य हैं. नौसेना से गोताखोरों की एक टीम कछुलूर में दुर्घटनास्थल पहुंची और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के कर्मियों के साथ लापता यात्रियों की तलाश में जुटी.

नाव पर मौजूद थी 120 लाइफ जैकेट्स
पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया है कि इस नाव की क्षमता 90 लोगों की थी. साथ ही इस पर 120 लाइफ जैकेट्स भी मौजूद थीं. उन्होंने कहा है कि हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि कितने सैलानियों ने लाइफ जैकेट पहनी थी.

आंध्र में बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद फिलहाल पूर्वी गोदावरी नदी में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा है. हालांकि पिछले कुछ दिनों में पानी के स्तर में थोड़ी कमी आने के बाद ही नदी में यात्रियों के लिए नौका सेवा फिर से चालू किए जाने की अनुमति दे दी गई थी. जगन रेड्डी ने पूर्वी गोदावरी के जिला अधिकारी मुरलीधर रेड्डी को यह जांच करने का निर्देश दिया है कि क्या नौका को यात्रियों को लाने-ले जाने की अनुमति थी.

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने तत्काल सभी नौकाओं का संचालन बंद करने का निर्देश दिया है. इसके अनुसार मुख्यमंत्री ने इस घटना को गंभीरता से लिया है. उन्होंने अधिकारियों से नौका संचालन पर विशेषज्ञों की मदद से रिपोर्ट तैयार करने तथा स्पष्ट दिशानिर्देश बनाने का निर्देश दिया है.

नेताओं ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आंध्रप्रदेश के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी एवं अन्य ने घटना पर शोक जताया है.

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, 'आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी में नौका डूबने से बेहद दुखी हूं . मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं.' उन्होंने कहा कि हादसे वाले स्थल पर बचाव अभियान जारी है. अमित शाह ने ट्वीट किया, 'आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में नौका पलटने से जनहानि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. मुझे इसका बेहद दुख है.'

वहीं हादसे में मरने वालों के परिजन के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'आंध्र प्रदेश की गोदावरी नदी की नौका दुर्घटना के बारे में जानकर दुख हुआ. इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं (ईश्वर से) प्रार्थना करता हूं कि जो लोग लापता बताए जा रहे हैं, उनका जल्द पता चल जाए और वे सुरक्षित हों.'

मुख्यमंत्री वाईएसआर जगनमोहन रेड्डी ने इस हादसे पर शोक जताया है और मरने वालों के आश्रितों के लिये 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है.

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First published: September 15, 2019, 3:25 PM IST
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