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राज्यसभा की 8 समितियों का हुआ पुनर्गठन, प्रभात झा होंगे आचार समिति के अध्यक्ष

भाषा
Updated: October 31, 2019, 7:33 PM IST
राज्यसभा की 8 समितियों का हुआ पुनर्गठन, प्रभात झा होंगे आचार समिति के अध्यक्ष
राज्‍यसभा में हुआ 8 समितियों का पुनर्गठन.

राज्‍यसभा (Rajya Sabha) के सभापति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने उच्च सदन की विभिन्न समितियों का पुनर्गठन करते हुए इनके सदस्य और अन्य पदाधिकारियों का फेरबदल किया है.

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नई दिल्ली. राज्यसभा (Rajya sabha) के सभापति एम वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने गुरुवार को उच्च सदन की आठ समितियों का पुनर्गठन करते हुए बीजेपी (BJP) के प्रभात झा (Prabhat jha) को आचार समिति और बीजद के प्रसन्न आचार्य को याचिका समिति के अध्यक्ष के रूप में नामित किया है.

राज्यसभा सचिवालय की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सभापति वेंकैया नायडू ने उच्च सदन की विभिन्न समितियों का पुनर्गठन करते हुए इनके सदस्य और अन्य पदाधिकारियों का फेरबदल किया है. इसके अनुसार प्रभात झा, बीजेपी के नारायण लाल पंचारिया की जगह आचार समिति के अध्यक्ष होंगे. झा अभी तक याचिका समिति के अध्यक्ष थे, उनका स्थान प्रसन्न आचार्य लेंगे.

नायडू ने कांग्रेस के टी सुब्बीरामी रेड्डी को एक बार फिर अधीनस्थ विधान संबंधी समिति के अध्यक्ष पद के लिए नामित किया है. इसके अलावा अन्नाद्रमुक के ए नवनीत कृष्णन को सरकारी आश्वासन समिति और बीजेपी के ओम प्रकाश माथुर को आवास समिति का अध्यक्ष नामित किया गया है. राज्यसभा के कार्यवाही संबंधी नियमों के अनुसार उच्च सदन के सभापति कार्यमंत्रणा समिति और नियम संबंधी समिति के पदेन अध्यक्ष होते हैं, जबकि उपसभापति विशेषाधिकार समिति की अध्यक्षता करते हैं.

नवगठित कार्यमंत्रणा समिति में नये सदस्य के रूप में कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद, बीजेपी के नारायण लाल पंचारिया और विनय पी. सहस्त्रबुद्धे को शामिल किया गया है. वहीं टीआरएस के के केशव राव और नेता प्रतिपक्ष को इस समिति का विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है.

इसी प्रकार नियम संबंधी समिति में बीजेपी के सत्यनारायण जाटिया, स्वप्नदास गुप्ता और वाईएस चौधरी, कांग्रेस के पीएल पूनिया, अकाली दल के नरेश गुजराल तथा निर्दलीय सदस्य सुभाष चंद्रा और अमर सिंह को बतौर सदस्य शामिल किया गया है. नायडू ने उच्च सदन की विभाग संबंधी आठ समितियों का इस साल सितंबर में पुनर्गठन किया था. इन समितियों का कार्यकाल एक वर्ष होता है.

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First published: October 31, 2019, 7:33 PM IST
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