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कोरोना के बढ़ते मामलों पर SC ने जताई नाराजगी, कहा- 80% लोग नहीं पहनते मास्क, सरकार बस बनाती है SOP

कोरोना के एक्टिव केस में भारत सातवें नंबर पर आ गया है.
कोरोना के एक्टिव केस में भारत सातवें नंबर पर आ गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं. केंद्र और राज्य चिंतित ही नहीं लगते हैं. वहीं सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर राज्यों को और सख्त होना पड़ेगा. देश के 10 राज्यों में कोरोना वायरस के 70 फीसदी केस हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 27, 2020, 11:11 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus Cases in India) के बढ़ते मामलों और कोविड गाइडलाइंस की अनदेखी को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कड़ी नाराजगी जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश में कई जगहों पर आए दिन ऐसा देखा जाता है कि कई लोग मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) संबंधी नियमों का पालन भी नहीं कर रहे हैं. 80 फीसदी लोग मास्क का इस्तेमाल नहीं कर रहे. जो कर भी रहे हैं वो सिर्फ जबड़े पर मास्क लटका कर घूम रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य और केंद्र सरकार को कोई चिंता ही नहीं है. सरकार की ओर से सिर्फ SOP बना दिए गए हैं. उसके पालन की फिक्र किसी को नहीं है. हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं. केंद्र और राज्य चिंतित ही नहीं लगते हैं. वहीं सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर राज्यों को और सख्त होना पड़ेगा. देश के 10 राज्यों में कोरोना वायरस के 70 फीसदी केस हैं.

राजकोट के कोविड अस्पताल में लगी आग पर लिया संज्ञान
वहीं, गुजरात के राजकोट जिले में एक कोविड अस्पताल में भीषण आग लग गई. सुप्रीम कोर्ट ने राजकोट के हॉस्पिटल में आग लगने से 6 लोगों की मौत पर संज्ञान लिया है. सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट भी मामले को देख रहा है. वहीं मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पूरे देश की स्थिति पर संज्ञान ले रहे हैं. इस तरह की घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं.
केंद्र ने केजरीवाल सरकार पर लगाया नियमों की अनदेखी का आरोप


इसके पहले केंद्र सरकार ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार पर त्योहारों और बढ़ती सर्दी में कोरोना गाइडलाइंस के पालन में शिथिलता बरतने का आरोप लगाया है. केंद्र ने एफिडेविट में कहा, 'दिल्ली सरकार द्वारा उपायों को लागू करने में विफलता के कारण संक्रमण फैल गया.'

त्योहारों में केजरीवाल सरकार ने नहीं बरती सख्ती, इसलिए दिल्ली में बढ़े कोरोना केस- केंद्र ने SC में कहा

यही नहीं, केंद्र ने केजरीवाल सरकार पर अस्पतालों में आईसीयू बेड और टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के लिए समय पर उपाय नहीं करने का भी आरोप लगाया है. केंद्र ने कहा, 'कोरोना से निपटने में दिल्ली सरकार की नाकामियों के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आखिरकार 15 नवंबर को COVID-19 स्थिति की समीक्षा करने और एक नई योजना तैयार की पहल करनी पड़ी.'

दिल्ली में कोरोना के कितने केस?
दिल्ली में गुरुवार को 99 मरीजों की मौत हुई. अब तक 8720 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. पिछले 24 घंटे के अंदर 5246 लोग संक्रमित पाए गए. 5361 लोग रिकवर हुए. अब तक 5 लाख 45 हजार 787 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. इनमें 38 हजार 287 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 4 लाख 98 हजार 780 लोग ठीक हो चुके हैं. संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 8720 हो गई है.

देश में संक्रमितों की संख्या 93 लाख के पार
देश में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या 93 लाख 9 हजार 787 हो गई है. बीते 24 घंटे में कोरोना के 43 हजार 82 नए मरीज मिले हैं. इस दौरान 36 हजार 582 मरीज ठीक हुए और 492 मरीजों की मौत हो गई. कोरोना से अब तक 1 लाख 35 हजार 715 लोगों की जान जा चुकी है. अब तक इस वायरस के संक्रमण से 87 लाख 18 517 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं.



कुल एक्टिव केस का आंकड़ा भी नौ दिन बाद बढ़कर 4 लाख 55 हजार 555 के पार पहुंच गया है. देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच चिंता की बात यह है कि नए मामलों की तुलना में स्वस्थ लोगों की संख्या में कमी आने से रिकवरी दर में आंशिक गिरावट दर्ज की गई और यह 93.61 फीसदी रह गई है.
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