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भुखमरी में भारत नंबर-1, लेकिन नहीं बंटेगा मुफ्त अनाज

केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं के बावजूद भुखमरी के कारण हमारे देश में पाकिस्तान नेपाल और श्रीलंका की तुलना में अधिक मौतें होती है।

केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं के बावजूद भुखमरी के कारण हमारे देश में पाकिस्तान नेपाल और श्रीलंका की तुलना में अधिक मौतें होती है।

केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं के बावजूद भुखमरी के कारण हमारे देश में पाकिस्तान नेपाल और श्र ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली। गरीबी और भुखमरी दूर करने के लिये केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं के बावजूद भुखमरी के कारण हमारे देश में पाकिस्तान नेपाल और श्रीलंका की तुलना में अधिक मौतें होती है। कृषि उपभोक्ता मामलों और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री प्रो. केवी थॉमस ने आज लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब मे बताया कि पिछले 3 सालों के दौरान हालांकि भुखमरी से मौत होने की कोई सूचना किसी राज्य सरकार /संघ सरकार और क्षेत्र प्रशासन से नहीं मिली है लेकिन इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा अक्टूबर 2010 में जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल हंगर इंडैक्स भारत के लिये अंक अर्जन 24.1 है जबकि इसी सूचकांक का अंक अर्जन नेपाल के लिये 20 पाकिस्तान के लिये 19.1 श्रीलंका के लिये 14.5 और चीन के लिये 6.0 है जिससे पता चलता है कि कि भारत भुखमरी के मामले में इन देशों से आगे है।

    यह सूचकांक कुपोषण 5 साल से कम उम्र के बच्चों में बाल कुपोषण और 5 साल से कम उम्र के बच्चों में बाल मृत्यु का संयुक्त मापक है। इस सूचकांक में देशों को 100 प्वांइट पैमाने पर रखा गया है जिनमें शून्य सर्वोत्तम अंक है और 100 सबसे खराब है। उन्होने बताया कि साल 2008-09 के दौरान 23 करोड़ 44 लाख टन रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हुआ। सरकार के पास देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये खाद्यान्नों का पर्याप्त बफर स्टॉक है। एक नवम्बर 2010 की स्थिति के अनुसार खाद्यान्नों, चावल और गेंहूं का केन्द्रीय पूल का स्टॉक 487.31 लाख टन था जबकि बफर स्टॉक के मानदंड 212.00 लाख टन के हैं।

    Tags: India

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