News18 का सर्वे: चीनी एप बैन करने के समर्थन में 89% भारतीय, 77% ने मानी जासूसी की बात

News18 का सर्वे: चीनी एप बैन करने के समर्थन में 89% भारतीय, 77% ने मानी जासूसी की बात
चीनी एप टिकटॉक को भी भारत में बैन कर दिया गया है.

भारत सरकार ने सुरक्षा को खतरा बताते हुए 59 चीनी एप भी बैन कर दिए हैं. इनमें टिकटॉक, हेलो, जैसे एप शामिल हैं. न्यूज18 के सर्वे में 89% लोगों ने सरकार के इस फैसले को सही करार दिया.

  • Share this:
नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर विवाद जारी है. यह विवाद इतना बढ़ गया है कि भारत ने चीन से व्यापारिक रिश्ते भी कम करने शुरू कर दिए हैं. इसी कड़ी में कई चीनी कंपनियों को जारी टेंडर रद कर दिए गए हैं. इतना ही नहीं, भारत सरकार ने सुरक्षा को खतरा बताते हुए 59 चीनी एप भी बैन कर दिए हैं. इनमें टिकटॉक, हेलो, जैसे एप शामिल हैं. भारतीय जनमानस भी चीनी सामानों को बहिष्कार के पक्ष में बन रहा है. न्यूज18 ने इस बारे में सर्वे किया, जिसमें 89% लोगों ने कहा कि वे भारत सरकार द्वारा चीनी एप बैन किए जाने के पक्ष में हैं.

न्यूज18 का सर्वे भारत-चीन विवाद के बाद इन दोनों देशों के रिश्तों से जुड़ा था. इसमें पहला सवाल पूछा गया कि क्या आप 59 चीनी एप बैन करने के भारतीय सरकार के फैसले के पक्ष में हैं. इसके जवाब में 89.30% ने हां कहा. करीब 7.91% लोगों ने ना में जवाब दिया, जबकि 2.79% ने कहा कि वे इस बारे में कुछ नहीं कह सकते.





सर्वे का दूसरा सवाल था कि क्या भारत सरकार को चीन के दूसरे एप पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए. इस पर 86.84% लोगों ने हां कहा. करीब 8.65% लोगों ने इसका विरोध किया.
इसी तरह एक सवाल के जवाब में 77.56% लोगों ने माना कि चीनी एप यूजर की जासूसी करते हैं या डेटा चुराते हैं.



ऐसे ही एक सवाल के जवाब में 57.18% लोगों ने कहा कि यदि चीनी एप भारतीय नियमों को मानने की बात कहें, तब भी उन पर लगा प्रतिबंध नहीं हटाना चाहिए.

क्या चीनी एप पर प्रतिबंध हटाने पर आप इनका इस्तेमाल दोबारा करने लगेंगे. इस सवाल के जवाब में 76.69% लोगों ने कहा कि वे ऐसा नहीं करेंगे.



क्या भारत में सेवाएं दे रही ई-कॉमर्स कंपनियों को उन प्रोडक्ट पर मेड इन चाइना लिखना चाहिए, जो चीन में बने हों. इस सवाल के जवाब में 71.77% लोगों ने हां कहा.

क्या आप मानते हैं कि भारत को चीनी टेलिकॉम कंपनियों हुआवेई और जेडटीई पर कड़ा प्रतिबंध लगाना चाहिए. इस सवाल के जवाब में 80.23% लोगों ने हां कहा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज