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जम्मू-कश्मीर: LoC पर अगस्त से अक्तूबर तक सामने आए सीज़फायर उल्लंघन के 950 मामले

भाषा
Updated: November 18, 2019, 7:41 PM IST
जम्मू-कश्मीर: LoC पर अगस्त से अक्तूबर तक सामने आए सीज़फायर उल्लंघन के 950 मामले
राज्यसभा में रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन करता रहा है.

रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक (Shripad Naik) ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में बताया कि आए दिन पाकिस्तान (Pakistan) की ओर से नियंत्रण रेखा (Line of Control) पर संघर्षविराम उल्लंघन (Ceasefire Violation) किया जाता है और भारतीय सेना (Indian Army) इसका करारा जवाब देती है.

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नई दिल्ली. रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक (Shripad Naik) ने सोमवार को बताया कि जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में इस साल अगस्त से अक्तूबर के बीच नियंत्रण रेखा (Line of Control) पर संघर्ष विराम उल्लंघन (Ceasefire Violation) के 950 मामले हुए जिनमें सुरक्षा बलों के तीन कर्मचारियों की जान चली गई.

राज्यसभा (Rajya Sabha) को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए नाइक ने यह भी बताया कि बीते तीन माह में ही जम्मू क्षेत्र (Jammu) में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्षविराम उल्लंघन के 79 मामले हुए हैं.

तीन जवान शहीद, 7 घायल
उन्होंने बताया ‘‘पाकिस्तान (Pakistan) नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन करता रहा है. इस साल अगस्त से अक्तूबर, 2019 के बीच नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन के 950 मामले हुए. इसी अवधि में जम्मू क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्षविराम उल्लंघन के 79 मामले हुए हैं.’’ नाइक ने बताया ‘‘बीते तीन माह में हुए संघर्षविराम उल्लंघन के इन मामलों के दौरान सुरक्षा बलों के तीन कर्मचारी शहीद हो गए और सात घायल हुए हैं.’’

एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में नाइक ने बताया कि आए दिन पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन किया जाता है और भारतीय सेना (Indian Army)  इसका करारा जवाब देती है.

उन्होंने बताया कि संघर्षविराम उल्लंघन और घुसपैठ के मामले हॉटलाइन के स्थापित तंत्र, फ्लैग मीटिंग, सैन्य अभियानों के महानिदेशकों के बीच बातचीत और दोनों देशों के बीच राजनयिक चैनलों के माध्यम से पाकिस्तानी प्राधिकारियों के समक्ष समुचित स्तर पर उठाए जाते हैं.

सरकार ने तैयार की रणनीति
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एक अन्य प्रश्न के उत्तर में नाइक ने बताया कि घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने एक रणनीति बनाई है जिसमें प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन का समुचित उपयोग किया जाता है.

उन्होंने बताया कि आतंकवदियों (Terrorists) का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए ‘‘घुसपैठ रोधी अवरोधक प्रणाली (एंटी इन्फिल्ट्रेशन ऑब्स्टेकल सिस्टम)’’ की क्षमता बढ़ाई गई है तथा निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है. साथ ही अन्य कदम भी उठाए गए हैं.

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First published: November 18, 2019, 7:41 PM IST
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