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a man in bangalore stole a car while taking a test drive after reading an advertisement

पहले पढ़ा विज्ञापन... फिर टेस्ट ड्राइव के बहाने ले उड़ा कार, 100 दिन बाद यूं चढ़ा पुलिस के हत्थे

2,500 आईपी एड्रैस खंगालने के बाद पुलिस के पकड़ में आया आरोपी (सांकेतिक तस्वीर)

2,500 आईपी एड्रैस खंगालने के बाद पुलिस के पकड़ में आया आरोपी (सांकेतिक तस्वीर)

बेंगलुरु पुलिस ने एक 36 साल के बिजनेसमैन को कार चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी ने एक इंजीनियर की कॉम्पैक्ट एसयूवी कार को खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव के लिए मांगा और फिर वापस नहीं लौटा. यह घटना 30 जनवरी की है. लगातार मशक्कत करने के बाद आखिरकार पुलिस ने उस बिजनेसमैन को धर दबोचा.

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बेंगलुरु. 47 साल के रविंद्र एल्लुरी ने पुलिस में शिकायत दर्ज की थी कि अमृतानगर के रहने वाले बिजनेसमैन एमजी वेंकटेश नाइक ने उनकी मारुति विटारा ब्रेजा चोरी की है. मामला दर्ज होने पर पुलिस ने जांच शुरू की. पुलिस को एमजी वेंकटेश तक पहुंचने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी. वेंकटेश को पकड़ने के लिए पुलिस को करीब 2500 आईपी एड्रेस को वेरीफाई करना पड़ा. सवाल आखिर क्यों? जवाब जानने के लिए पहले इस पूरे मामले को शुरू से समझना होगा.  हुआ यूं कि पेशे से इंजीनियर रविंद्र एल्लुरी ने ओएलएक्स (OLX) पर अपनी कार बेचने का एक विज्ञापन डाला था, जिसके बाद वेंकटेश नाइक ने 30 जनवरी को एल्लुरी से संपर्क किया और कार खरीदने में दिलचस्पी दिखाई.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब दोनों की मुलाकात हुई तो नाइक ने खरीदने से पहले कार का टेस्ट ड्राइव लेने की बात कही.  एल्लुरी ने गाड़ी की चाभी उसे थमा दी. घंटों बीत गए मगर नाइक लौटा नहीं. एल्लुरी ने तुरंत पुलिस को मामले की खबर दी. हालांकि उस दौरान एल्लुरी ने एक अंजान व्यक्ति के नाम से शिकायत दर्ज की थी क्योंकि वह उस दौरान नाइक का पता नहीं जानते थे. पुलिस ने सबसे पहले नाइक के मोबाइल के जरिए उसका पता लगाना शुरू किया. लेकिन जल्दी ही उन्हें पता चला कि नाइक का फोन भी चोरी का था. इसके बाद पुलिस ने ओएलएक्स के कार्यालय से संपर्क किया और करीब 2500 ऐसे आईपी एड्रेस को खंगाला, जो बेंगलुरू में कार ढूंढ रहे थे.

3 महीने बाद पकड़ा गया
 मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी का कहना है कि उन्हें ढाई हजार आईपी एड्रेस का सत्यापन करने में 3 महीने का वक्त लगा. आखिरकर 10 मई को पुलिस की मेहनत रंग लाई और शहर के दशरहल्ली मुख्य मार्ग के पास से नाइक को पकड़ लिया.

क्यों चुराई थी कार
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उसका कहना था कि उसने बेइज्जती से बचने के लिए यह सब काम किया. दरअसल, उसकी पत्नी ने साल 2020 में ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ा था, जिसमें वह हार गई थी. चुनाव के लिए उसने लाखों रुपये खर्च किए. अपने दोस्तों से पैसे उधार लिए. कर्ज उतारने के लिए उसे अपनी विटारा ब्रेजा बेचनी पड़ी थी.

इज्जत का था सवाल
बगैर कार के गांव जाना उसे बेइज्जती लग रही थी क्योंकि वह हमेशा अपनी कार से ही अपने गांव जाया करता था. तभी उसने एक विज्ञापन देखा और कार चुराने का फैसला किया. कार चुराने के बाद उसने इसकी नंबर प्लेट को भी बदल दिया था. फिलहाल स्थानीय अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

Tags: Bangalore, Crime News, Karnataka

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