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अधिक तीव्र भूकंप आने पर कुमाऊं हिमालय के एक हिस्से को पहुंच सकता है नुकसान

तीव्र भूकंप आने पर हिमालय के एक हिस्‍से को नुकसान हो सकता है. (फाइल फोटो )

तीव्र भूकंप आने पर हिमालय के एक हिस्‍से को नुकसान हो सकता है. (फाइल फोटो )

हिमालय के कुमाऊं क्षेत्र के एक तिहाई से अधिक हिस्से को सात से 8.6 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर हल्के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के एक अध्ययन में यह दावा किया गया है. अध्ययन हाल ही में बुलेटिन ऑफ इंजीनियरिंग जियोलॉजी ऐंड इनवायरोन्मेंट में प्रकाशित हुआ है. हिमालय क्षेत्र में अपनी तरह का यह पहला अध्ययन है.

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    नयी दिल्ली.  हिमालय के कुमाऊं क्षेत्र के एक तिहाई से अधिक हिस्से को सात से 8.6 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर हल्के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के एक अध्ययन में यह दावा किया गया है. कुमाऊं हिमालय, हिमालय पर्वतमाला का मध्य भाग है और इसका ज्यादातर हिस्सा उत्तराखंड में है.

    कई अध्ययनों में दावा किया गया है कि इस क्षेत्र में आठ या इससे अधिक तीव्रता वाला भूकंप आने की आने की संभावना है. इस संदर्भ में सह-भूकंपीय भूस्खलन की माप महत्वपूर्ण हो गया है. पर्वतीय और भूकंपीय रूप से सक्रिय पर्वतीय क्षेत्र में सह-भूकंपीय भूस्खलन एक काफी खतरनाक परिस्थिति है.

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    भूकंप के चलते होने वाले भूस्खलन से होने वाली तबाही अक्सर ही धरती हिलने की तुलना में कहीं अधिक होती है. देहरादून स्थित वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों की एक टीम ने कुमाऊं हिमालय की गौरीगंगा घाटी में सह-भूकंपीय भूस्खलन का आकलन किया. यह घाटी भारत के भूकंपीय दृष्टिकोण से सर्वाधिक सक्रिय क्षेत्र में स्थित है.

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    वैज्ञानिकों ने पाया कि क्षेत्र का एक तिहाई से अधिक हिस्सा सह-भूकंपीय भूस्खलन के लिए संवेदनशील है और सात आठ और 8.6 की तीव्रता वाले भूकंप अध्ययन क्षेत्र में शामिल क्रमश: 1,459 , 1,256 और 1,134 वर्ग किमी क्षेत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं.  अध्ययन हाल ही में बुलेटिन ऑफ इंजीनियरिंग जियोलॉजी ऐंड इनवायरोन्मेंट में प्रकाशित हुआ है. हिमालय क्षेत्र में अपनी तरह का यह पहला अध्ययन है.

    दायरे में होंगे दिल्ली सहित कई शहर
    गौरतलब है कि भूकंप विज्ञानी एवं भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के प्राध्यापक सुप्रियो मित्रा ने इस बात का जिक्र किया था कि अध्ययन पूर्व में किये गये अध्ययनों से मिलता जुलता है. उन्होंने बताया कि अध्ययन के मुताबिक हिमालय में स्थित भ्रंश आठ से अधिक तीव्रता वाला भूकंप ला सकता है. वेस्नौस्की ने कहा कि चंडीगढ़ और देहरादून तथा नेपाल के काठमांडू जैसे बड़े शहर हिमालय में आने वाले भूकंप के प्रभाव क्षेत्र के नजदीक हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े भूकंप के दायरे में हिमालय और दक्षिण में स्थित राजधानी दिल्ली भी आ सकती है.

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