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भारत को स्वस्थ और फिट रखने की एक अनूठी पहल

अमिताभ सिन्हा | News18Hindi
Updated: November 22, 2019, 6:00 PM IST
भारत को स्वस्थ और फिट रखने की एक अनूठी पहल
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दौरान योग करते PM मोदी. (फाइल फोटो)

भारत को फिट रखने के लिए एक ग्लोबल कंपनी (Global Company) ने बीड़ा उठाया है. कंपनी मानती है कि उसके पास कुछ ऐसे उपाय हैं, जिससे प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) के फिट इंडिया मूवमेंट को गति दी जा सकती है.

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  • Last Updated: November 22, 2019, 6:00 PM IST
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बहुत ही जोश खरोश के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने फिट इंडिया अभियान की शुरुआत की थी. तब पीएम मोदी ने तमाम भारतीयों को उत्साहित करते हुए कहा था कि स्वस्थ भारतीय रहेंगे तो देश भी स्वस्थ रहेगा. फिट इंडिया अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए सरकार ने काम शुरू भी कर दिया है. लेकिन क्या सिर्फ कसरत करने से ये संभव है या फिर स्वस्थ रहने के और भी कारणों की भी आजमाना चाहिए. अब जरा आप ये सोचिए कि 70 साल की उम्र और स्वास्थ्य के सभी पैमाने 40 साल की उम्र वाले---क्या ये संभव है. बिल्कुल संभव है---वो भी हमारे शरीर में मौजूद जीन्स की बदौलत. हमारे जीन्स हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओ को जानकारी देते हैं और किसी भी बीमारी से बचने का उपाय भी तलाश कर रखते हैं. अगर यही रिकॉर्ड बना दिया जाए तो फिट इंडिया बनाना मुश्किल काम नहीं होगा. और सही मायनों मे बीमारियों के इलाज में ये जेनेटिक स्टडी जुड़ जाए तो सही मायनों में वही फिट इंडिया होगा.

इस सपने को साकार करने का बीड़ा उठाया है लंदन में 2013 में स्थापित एक स्टार्टअप कंपनी ने. आईआईटी दिल्ली से निकले तीन युवा और एक इजराईली-अमरीकन युवा इस कंपनी को चला रहे है. इस कंपनी का नाम है ग्लोबल जीन कॉर्प और इसके सीईओ हैं सुमित जमुआर. श्री जमुआर कहते हैं कि उननी कंपनी जल्दी ही जेनेटिक स्टडी के मामले में भारत को दुनिया भर में अग्रणी बनाएगी और स्वास्थ्य सुविधाओं का कायाकल्प भी हो जाएगा.


सुमित जमुआर नवंबर 23 यानि शनिवार को एक प्राइवेट चैनल पर शुरू होने वाले शाहरुख खान के नए शो “TED Talks India Nayi Baat”  के पहले एपिसोड में हिस्सा लेंगे और फिट इंडिया का अपना मंत्र साझा करेंगे. सुमित जुमआर आईआईटी दिल्ली से निकले केमिकल इंजिनियर हैं और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ग्लोबल प्रेसिजन मेडिसीन काउंसिल में शामिल 40 सीईओ में हैं. सुमित ने न्यूज 18 को बताया कि भारतीय उपमहाद्वीप में जेनेटिक रिसर्च के मामले में उनकी कंपनी सबसे बड़ी है और उनका मिशन है भारत की जेनोमिक विविधता को मैप करना और हर भारतवासी के लिए स्वस्थ्य और लंबी आयु सुनिश्चित करना.

अब सवाल ये उठता है कि ये जेनेटिक स्टडी भारत को कैसे मदद दे पाएगी. हर कोई जानता है कि रिसर्च और डेवेलपमेंट के क्षेत्र में भारत दुनिया के विकसित देशों से खासा पिछड़ा हुआ है. पीएम मोदी भी बार-बार यही दोहराते हैं कि रिसर्च और डेवेलपमेंट को आगे बढ़ाना है ताकि ब्रेन ड्रेन रुके और भारत विकास की दिशा में आगे बढे़. भारत विविधताओं से भरा एक देश है जिसके जेनेटिक रेफरेंसेस खासे कम हैं जिसके कारण इसे पूरा समझना मुश्किल काम होता है. लगभग 80 फीसदी से अधिक जीन्स से जुड़े उन्ही की जानकारी देते हैं, जो यूरोपियन देशों में अपने वंश देखते हैं. इन जेनेटिक डेटा के आंकड़ो में भारतीय उपमहाद्वीप का हिस्सा सिर्फ 2 फीसदी है जबकि भारत में 4500 से ज्यादा आबादी के सब ग्रुप हैं. ये स्टार्ट अप कंपनी गांव से लेकर शहरों तक हर भारतीय के जेनेटिक डेटा एक छत के नीचे लाएगी ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ और साथ ही सही इलाज लोगों तक पहुंचे. यानि तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं सटीक भी होंगी और सस्ती भी.

ग्लोबल जीन कॉर्प के पास वो तकनीक और क्षमता है और साथ ही जेनोमिक्स के दुनिया के दो सबसे बड़े सेंटर, कैंब्रिज और बॉस्टन में इनके कनेक्शन हों तो ये सिर्फ रिसर्च और डेवेलपमेंट ही नहीं बल्कि भारत में भी हाई-स्कील्ड नौकरियां भी देगा. कंपनी के सीआओ सुमित जमुआर का दावा है कि अगर वो पूरे देश की जेनेटिक मैपिंग करने में सफल हो जाते हैं तो हेल्थ केयर की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव होंगे और ये स्वास्थ्य कांति बिल्कुल वैसी ही होगी जैसी क्रांति भारत मे मोबाईल फोन आने से हुई थी.

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First published: November 22, 2019, 6:00 PM IST
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