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शिवसेना की छवि बदलने की राह पर चल रहे हैं आदित्‍य ठाकरे

आदित्‍य ठाकरे जन आशीर्वाद यात्रा के जरिये लोगों और खासकर युवाओं से संवाद कर रहे हैं.

आदित्‍य ठाकरे जन आशीर्वाद यात्रा के जरिये लोगों और खासकर युवाओं से संवाद कर रहे हैं.

शिवसेना (Shiv Sena) की नई पीढ़ी के नेता आदित्‍य ठाकरे (Aaditya Thackeray) पर्यावरण, अर्थव्‍यवस्‍था और ध्रुवीकरण की राजनीति को लेकर बात कर रहे हैं. वह पार्टी की उत्‍तर भारतीयों के खिलाफ खड़े रहने वाली छवि को तोड़ने के लिए काम कर रहे हैं.

  • News18Hindi
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मुंबई. शिवसेना (Shiv Sena) का नाम आते ही एक ऐसी पार्टी की तस्‍वीर सामने आती है, जो मुंबई (Mumbai) समेत पूरे महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में उत्‍तर भारतीयों (North Indians) के खिलाफ प्रदर्शन करती है और उनके साथ मारपीट करती है. महाराष्‍ट्र के कुछ हिस्‍सों में पार्टी की छवि अल्‍पसंख्‍यक विरोधी (Anti-Minorities) की बन गई है. राज्‍य में बीजेपी (BJP) की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी शिवसेना के कार्यकर्ताओं को दबंग माना जाता है. ऐसे में नई पीढ़ी के शिवसैनिक आदित्‍य ठाकरे (Aditya Thackeray) की सोच लोगों को थोड़ा चौंका सकती है.

जन आशीर्वाद यात्रा के जरिये आम लोगों से कर रहे हैं सीधा संवाद
आदित्‍य ठाकरे शिवसेना की उत्‍तर भारतीयों के विरोध की पुरानी रणनीति को छोड़कर पर्यावरण (Environment), अर्थव्‍यवस्‍था (Economics) और ध्रुवीकरण की राजनीति (Communal Polarization) जैसे मुद्दों पर बात कर रहे हैं. वह शिवसेना और सैनिकों की छवि को पूरी तरह से बदलने की राह पर चल रहे हैं. वह जन आशीर्वाद यात्रा के जरिये लोगों और खासकर युवाओं से संवाद कर रहे हैं. आदित्‍य ठाकरे कहते हैं कि शिवसेना लोगों के नजरिये (Perceptions) का शिकार हुई है. हमने भी मीडिया के साथ उस तरह बात नहीं की, जैसे की जानी चाहिए थी. आज हमारी पार्टी के कई वरिष्‍ठ नेताओं में दुबे, चौबे और तिवारी हैं. ऐसे में हम उत्‍तर भारतीय विरोधी (Anti-North Indians) कैसे हो सकते हैं. साफ है कि नई पीढ़ी के ठाकरे आगे बढ़ना चाहते हैं.

आरे मेट्रो परियोजना पर बीजेपी का विरोध कर जीता लोगों का दिल
आरे मेट्रो परियोजना (Aarey Metro project) को लेकर आदित्‍य ठाकरे के रुख ने देश कई पर्यावरणविदों (Environmentalists) को उनके पक्ष में खड़ा कर दिया. क्षेत्रीय उग्रवाद (Regional Chauvinistic) की राजनीति को लेकर शिवसेना का विरोध करने वाले लोग भी इस मामले में आदित्‍य ठाकरे के बीजेपी (BJP) के खिलाफ खड़े होने की तारीफ कर रहे हैं. आदित्‍य कहते हैं कि यह आरे परियोजना के तहत सिर्फ पेड़ों को काटने का मामला नहीं है. ये वन्‍यजीव (Wildlife) के नुकसान का मामला है. इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों का बड़ा नुकसान होगा. इस मामले में मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadanvis) को उनके सलाहकारों ने गलत राय दी है.

तो क्‍या शिवसेना की ओर से सीएम पद के प्रत्‍याशी होंगे आदित्‍य
आदित्‍य कहते हैं, हम सभी इस बात से खुश हैं कि महाराष्‍ट्र में कांग्रेस-एनसीपी (Congress-NCP) की स्थिति बहुत खराब है. लेकिन, राजनीति और देश के लिए मजबूत विपक्ष का होना बहुत जरूरी है. वहीं, देश के आर्थिक हालात पर वह कहते हैं कि स्‍पष्‍ट तौर पर हमारी अर्थव्‍यवस्‍था में सुस्‍ती (Slowdown) का दौर चल रहा है. लोग मुझसे कहते हैं कि आपकी सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए. यहां तक कि किसानों को अब तक कर्ज माफी (Farm Loan Waiver) का पूरा फायदा नहीं मिल पाया है. नोटबंदी का असर साफ दिखाई दे रहा है. जब उनसे पूछा जाता है कि क्‍या आदित्‍य ठाकरे पार्टी की ओर से अगले मुख्‍यमंत्री पद के प्रत्‍याशी होंगे तो वह कहते हैं कि मैं जल्‍दी में नहीं हूं.

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