आज का मौसम, 23 अक्टूबर: दक्षिण बंगाल में भारी बारिश के अनुमान, दिल्ली में हवा होगी और 'खराब'

इस बार पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में 37 फीसदी कम बारिश हुई है.
इस बार पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में 37 फीसदी कम बारिश हुई है.

Weather Forecast Today: मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल में भारी बारिश के आसार जताएं हैं वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा की स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 6:32 AM IST
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कोलकाता. मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दक्षिणी जिलों में दुर्गा पूजा की महासप्तमी यानी शुक्रवार को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया क्योंकि बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी-मध्य में निम्न दबाव का क्षेत्र पिछले दो दिन में और गहरा हो गया है. विभाग के कार्यालय द्वारा जारी एक बुलेटिन के अनुसार यह निम्न दबाव का क्षेत्र वर्तमान में ओडिशा के पारादीप से लगभग 180 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व, सागर द्वीप के 350 किमी दक्षिण-पूर्व में और खेपूपारा से 490 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित है.

इस क्षेत्र के प्रभाव के कारण दक्षिण बंगाल के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. इसके अलावा उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बुलेटिन के मुताबिक 22-23 अक्टूबर को पुर्वी मेदिनीपुर जिले के एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

इस दौरान कोलकाता, हावड़ा, हुगली और नादिया जिलों के कुछ स्थानों पर भी भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया गया है. मछुआरों को 22 से 24 अक्टूबर तक समुद्र में न उतरने की सलाह देते हुए कहा गया है कि जो लोग पहले से ही वहां हैं वहां से वापस चले आएं क्योंकि 24 अक्टूबर तक समुद्र की स्थिति गंभीर हो सकती है.



इस दौरान तटीय क्षेत्रों में, हवा की गति लगभग 40-50 किमी / घंटा होगी. कोलकाता और आसपास के हावड़ा और हुगली जिलों में, महासप्तमी के दिन, 23 अक्टूबर को हवा की गति 30-40 किमी / घंटे तक पहुंचने की संभावना है.
दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ खराब श्रेणी में, अगले दो दिनों में और खराब होगी
वहीं दिल्ली में गुरुवार की शाम प्रदूषण (Delhi air quality) का स्तर 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गया और आगामी दो दिनों में इसके और खराब होने की संभावना है. यह जानकारी सरकारी एजेंसियों ने दी . दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 302 रिकॉर्ड किया गया जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अनुमान जताया है कि पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 10 और पीएम 2.5 में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता और खराब होगी.

0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 और 500 'गंभीर' माना जाता है. आईएमडी के अतिरिक्त महानिदेशक आनंद शर्मा ने कहा, 'वायु गुणवत्ता आगामी दो दिनों में यानी 24 अक्टूबर तक और खराब होगी. पराली जलाने के अलावा अन्य कारक भी हैं, जिससे वायु गुणवत्ता खराब हो रही है. इनमें वाहन प्रदूषण और अपशिष्टों को जलाना भी शामिल है.’

औसत एक्यूआई मंगलवार को 223 और सोमवार को 244 रहा
उन्होंने कहा, ‘24 अक्टूबर तक पीएम 2.5 में बढ़ोतरी होगी और पीएम 10 जो अभी ‘खराब’ श्रेणी में है वह ‘काफी खराब’ श्रेणी में चली जाएगी.’ पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में वायु गुणवत्ता पर नजर रखने वाली एजेंसी ‘सफर’ ने कहा कि हरियाणा, पंजाब और पड़ोसी क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बुधवार को यह संख्या 1428 थी.

हालांकि, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और अन्य एजेंसियों ने गुरुवार को वायु गुणवत्ता में सुधार का अनुमान जताया था, लेकिन यह बुधवार से भी खराब रही. सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली का एक्यूआई बृहस्पतिवार की सुबह 254 के साथ ‘खराब’ श्रेणी में था लेकिन शाम तक यह 302 के साथ ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गया. बुधवार को यह 256 था. दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई मंगलवार को 223 और सोमवार को 244 रहा था.

ये आंकड़े महानगर के 34 निगरानी केंद्रों से जुटाए गए डाटा पर आधारित हैं. सफर ने कहा, ‘पूर्वानुमान है कि 23 और 24 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बेहद खराब’ रहेगी.’ सफर ने बताया कि गुरुवार को दिल्ली के पीएम 2.5 स्तर में पराली जलाने की हिस्सेदारी नौ फीसदी थी.
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