आज का मौसम, 24 अक्टूबर: पूर्वोत्तर में भारी वर्षा होने की संभावना, दिल्ली की एअर क्वालिटी हुई और खराब

पूर्वोत्तर में हो सकती है बारिश
पूर्वोत्तर में हो सकती है बारिश

Weather Forecast Today: मौसम विभाग की ओर से अनुमान जताया गया है कि शनिवार को असम, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 6:48 AM IST
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नई दिल्ली. मौमस विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि असम और मेघालय क्षेत्र में शनिवार को भारी बारिश हो सकती है. विभाग के अनुसार इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं. भारत मौसम विभाग के अनुसार साउथ इंटीरियर कर्नाटक और कोस्टल कर्नाटक में भी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक तमिलनाडु, पुड्डुचरी, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है.

इसके साथ ही IMD के चक्रवात चेतावनी संभाग ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव का क्षेत्र बनने से शुक्रवार को त्रिपुरा, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम में भारी वर्षा होगी. विभाग ने कहा कि शुक्रवार को गहरे दबाव के क्षेत्र के सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) और खेपुपाड़ा (बांग्लादेश) के बीच सुंदरवन के ऊपर पश्चिम बंगाल और समीप के बांग्लादेश के तट को पार करने की संभावना है.

उसने कहा, ‘ इसके चलते अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा तथा त्रिपुरा में छिटपुट स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत अधिक वर्षा की संभावना है.’ गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवातीय परिचक्रण है और उसके फलस्वरूप तेज आंधी आती है और भारी वर्षा होती है. इस गहरे दबाव के 24 अक्टूबर तक कम होने की उम्मीद है.



बंगाल की खाड़ी के ऊपर दबाव का क्षेत्र आगे बढ़ा, भारी बारिश की आशंका नहीं
वहीं बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र शुक्रवार दोपहर पश्चिम बंगाल के तट से आगे बढ़ गया, जिससे महानगर और आसपास के जिलों में दुर्गा पूजा के दिनों में भारी बारिश की आशंका कम हो गयी है . मौसम विभाग ने कहा है कि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान है .

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘ओडिशा तट के पास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है. अब यह सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) के करीब 50 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तरपश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित हो गया है.’

दबाव के इस क्षेत्र के उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ने तथा बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटवर्ती हिस्से को पार करने की संभावना है जिससे बंगाल के दक्षिणी हिस्से में मूसलाधार बारिश की आशंका कमजोर हो गयी है.

हालांकि मछुआरों को शुक्रवार को भी समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी. मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार के बीच दक्षिण बंगाल के कई जिलों और शहरों में भारी बारिश का अनुमान जताया था.

दिल्ली में हवा खराब
दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता में और अधिक गिरावट के बाद कई क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया. सरकारी एजेंसियों ने पूर्वानुमान व्यक्त किया है कि आगामी दो दिनों में वायु गुणवत्ता और खराब होगी.

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में है जो शुक्रवार सुबह 374 और शाम के समय 366 दर्ज किया गया. एक दिन पहले यह 302 था. पृथ्वी विज्ञान की वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली ‘सफर’ के मुताबिक दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है.

उल्लेखनीय है कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' तथा 401 और 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से विकसित 'समीर' ऐप के अनुसार दिल्ली में 10 निगरानी केंद्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है. अलीपुर में यह सूचकांक 447, शादीपुर में 441, मुंडका में 419, वजीरपुर में 432, आनंद विहार में 405, बवाना में 413, विवेक विहार में 422, रोहिणी में 401, जहांगीरपुरी में 418 और पटपड़गंज में 405 दर्ज किया गया.

सफर के अनुसार दिल्ली क्षेत्र में हवा की गति बहुत शांत है और अगले दो दिन तक भी इसके ऐसे ही रहने का पूर्वानुमान है. सफर ने कहा, ‘‘ ऐसा पूर्वानुमान है कि 24 और 25 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता ‘अत्यंत खराब’ के उच्चतम स्तर और यहां तक कि ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच सकती है.’’

सफर ने बताया कि हरियाणा, पंजाब और पड़ोसी क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है और बृहस्पतिवार को इनकी संख्या 1,213 थी. हवा की गति अभी प्रदूषक तत्वों को दिल्ली की तरफ धकेलने के लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है. आज पराली से दिल्ली में पीएम 2.5 का योगदान 17 फीसदी दर्ज किया गया.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि वायु की गुणवत्ता में और गिरावट दर्ज हो सकती है क्योंकि पीएम 10 और पीएम 2.5 कणों की संख्या हवा में बढ़ रही है. पीएम 10 का व्यास 10 माइक्रोमीटर से कम होता है और पीएम का 2.5 माइक्रोमीटर से कम होता है. ये हवा में मौजूद बेहद सूक्ष्म प्रदूषक कण होते है.

आईएमडी के अतिरिक्त महानिदेशक आनंद शर्मा ने कहा, ‘वायु गुणवत्ता आगामी दो दिनों में यानी 24 अक्टूबर तक और खराब होगी. पराली जलाने के अलावा अन्य कारक भी हैं, जिससे वायु गुणवत्ता खराब हो रही है. इनमें वाहन प्रदूषण और अपशिष्टों को जलाना भी शामिल है.’
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