आज का मौसम, 29 अक्टूबर: 3 राज्यों में बारिश के आसार, दिल्ली में आज हवा हो सकती है 'बेहद खराब'

Weather News: दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई, दिल्ली में हवा की हालत हो सकती है बेहद खराब (तस्वीर0 दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर की - ANI)
Weather News: दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई, दिल्ली में हवा की हालत हो सकती है बेहद खराब (तस्वीर0 दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर की - ANI)

Weather News Today: देश के अधिकतर हिस्सों में वर्षा संबंधी गतिविधियों में कमी आने के मद्देनजर फिलहाल पूरे देश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून वापस जा चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 7:17 AM IST
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नई दिल्ली. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आखिरकार बुधवार को देश से विदा हो गया. यह अपनी सामान्य तिथि के 13 दिन बाद वापस गया. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी मॉनसून की शुरुआत हो गई है, जिसके चलते तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश के हिस्सों, कर्नाटक और केरल में अक्टूबर से दिसंबर के दौरान बारिश होती है.

आईएमडी ने कहा, ' देश के अधिकतर भागों में वर्षा संबंधी गतिविधियों में आई खासी कमी के मद्देनजर दक्षिण-पश्चिम मानसून की आज 28 अक्टूबर को पूरी तरह से विदाई हो गई.' आईएमडी के मुताबिक, बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र में एक चक्रवाती दौर बना हुआ है.

मौसम विभाग ने कहा, ' इसके प्रभाव के चलते केरल, माहे, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले पांच दिनों के दौरान मध्यम गरज के साथ छिटपुट बारिश और बिजली चमकने की आशंका है. साथ ही अगले दो दिनों के दौरान दक्षिण तमिलनाडु में जबकि अगले 24 घंटे में दक्षिण केरल के हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है.'



तीन राज्यों में बारिश के आसार
उन्होंने कहा कि देश के बाकी भागों में अगले चार-पांच दिन मौसम शुष्क बना रहने का पूर्वानुमान है. इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून काफी देर से लौटा है जबकि इसकी विदाई की सामान्य तिथि 15 अक्टूबर रहती है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार देश के सिर्फ तीन राज्यों में बारिश के आसार हैं जिसमें केरल, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी शामिल है.

दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा की हालत अब भी खराब है. हवा की रफ्तार बढ़ने से बुधवार को प्रदूषण के स्तर की कमी आई लेकिन यह स्थिति कम समय के लिए ही बरकरार रह सकती है. सुबह दस बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 281 रहा जो 'खराब श्रेणी' में आता है. इससे पहले लगातार पांच दिन तक एक्यूआई 'बेहद खराब' श्रेणी में था. चौबीस घंटे का औसत एक्यूआई मंगलवार को 312, सोमवार को 353, रविवार को 349, शनिवार को 345 और शुक्रवार को 366 था. 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है.

दिल्ली में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में
भारत मौसम विज्ञान विभाग में एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि मंगलवार की सुबह हवा की गति बढ़ने से प्रदूषण कारक तत्व छितरा गए. उन्होंने कहा कि हालांकि हवा की रफ्तार फिर से कम हो गई है जिससे प्रदूषण कारक तत्व एकत्रित हो सकते हैं.

उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार तक वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में जा सकती है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली ‘सफर’ के अनुसार दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 कणों की मात्रा में पराली जलाने से उत्पन्न हुए कणों का प्रतिशत मंगलवार को बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया जो कि इस मौसम में अब तक की सर्वाधिक मात्रा है.

यह सोमवार को 16 प्रतिशत था, रविवार को 19 प्रतिशत और शनिवार को नौ प्रतिशत था. सफर के अनुसार पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की 1,943 घटनाएं हुई. हवा की गति धीमी होने और कम तापमान के कारण प्रदूषण कारक तत्व एकत्रित हो जाते हैं और हवा की रफ्तार तेज होने से वह छितरा जाते हैं. सफर के अनुसार बुधवार को एक्यूआई में थोड़ा सुधार होगा लेकिन बृहस्पतिवार को प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हो सकती है.
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