आज का मौसम, 16 अक्टूबर: IMD का अलर्ट- महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हो सकती है जोरदार बारिश

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश की आशंका जाहिर की है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश की आशंका जाहिर की है.

मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि 18 अक्टूबर तक पूर्व मध्‍य और आसपास के उत्तर पूर्व अरब सागर और महाराष्‍ट्र तथा गुजरात के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ और उससे दूर समुद्र की स्थिति गंभीर रहेगी.

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  • Last Updated: October 16, 2020, 10:39 AM IST
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नई दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को कहा कि दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और दक्षिणी कोंकण के ऊपर बन रही कम दबाव की स्थिति के अरब सागर की ओर बढ़ने की संभावना है तथा अगले 48 घंटे में यह मजबूत होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगी. इसने कहा कि इस चक्रवाती स्थिति के प्रभाव की वजह से अगले दो दिन में महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों, कोंकण और दक्षिणी गुजरात में भारी बारिश (Heavy Rains) हो सकती है. पश्चिमी महाराष्ट्र और तटीय जिलों में बुधवार से ही भारी बारिश हो रही है जिससे जान-माल का नुकसान हुआ है.

विभाग ने कहा, ‘कोंकण और गोवा तथा महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में अधिकतर स्थानों पर हल्की तथा मध्यम स्तर की बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होगी. दक्षिणी कोंकण और आसपास के महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश (एक दिन में 20 सेंटीमीटर से अधिक) होने की संभावना है.’

आईएमडी ने कहा कि शुक्रवार को कोंकण और गोवा के अधिकतर क्षेत्रों में हल्की और मध्यम स्तर की बारिश तथा दक्षिणी गुजरात के तटीय जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है.



दिल्ली-एनसीआर में पसरी धुंध; वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंची
वहीं दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को धुंध पसरने के साथ ही पूरे क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' स्तर पर पहुंच गई. क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तहत बिजली जनरेटर पर प्रतिबंध सहित कई सख्त वायु प्रदूषण-रोधी उपायों को भी लागू कर दिया गया है.

नासा के कृत्रिम उपग्रह द्वारा ली गई तस्वीरों में पंजाब के अमृतसर, पटियाला, तरनतारन और फिरोजपुर तथा हरियाणा के अंबाला और राजपुरा में बड़े पैमाने पर खेतों में पराली जलाए जाने का पता चला है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ने कहा कि राजधानी की वायु गुणवत्ता पर इसका प्रभाव फिलहाल कम है.



महानगर में सुबह 11:10 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 315 का दर्ज किया. इस साल इससे पहले हवा की गुणवत्ता का इतना खराब स्तर फरवरी में था. चौबीस घंटे का औसत एक्यूआई बुधवार को 276 था, जो 'खराब' श्रेणी में आता है. यह मंगलवार को 300, सोमवार को 261, रविवार को 216 और शनिवार को 221 था.

शून्य और 50 के बीच एक्यूआई 'अच्छा'
गुरुवार सुबह प्रदूषण का सबसे अधिक स्तर आईटीओ (एक्यूआई 372), विवेक विहार (एक्यूआई 370) और शादीपुर (एक्यूआई 359) में दर्ज किया गया. पड़ोसी शहरों फरीदाबाद (317), गाजियाबाद (326), ग्रेटर नोएडा (344) और नोएडा (314) में भी हवा की गुणवत्ता बहुत खराब रही.

शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 और 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि हवा की गुणवत्ता में गिरावट का कारण हवा की गति कम होना हो सकता है जिसकी वजह से हवा में प्रदूषक पदार्थ जमा होते हैं.

दिल्ली-एनसीआर में पीएम10 का स्तर सुबह 9:30 बजे 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक बढ़ गया. यह इस मौसम का अब तक का उच्चतम स्तर है. भारत में पीएम10 का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से नीचे सुरक्षित माना जाता है. पीएम2.5 का स्तर 151 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया. पीएम2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक सुरक्षित माना जाता है.





दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने केंद्र सरकार से दिल्ली के 300 किलोमीटर के भीतर कोयले से चलने वाले 13 बिजली संयंत्रों को बंद करने का अनुरोध किया है, जो प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों को पूरा करने के लिए मिली दो समय-सीमाएं चूक गए हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी कहा है कि उसने 50 टीमें गठित की हैं, जो सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण फैलाने वाले कारकों व मानदंडों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखेंगी.
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