दिल्ली में गुल हुई बिजली, तो लोगों को हर घंटे का 50 रुपये हर्जाना देंगी कंपनियां!

ग्राहकों के लिए अपने आप में पहली तरह की इस योजना में दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है. इसमें बिजली जाने पर पहले 2 घंटों के लिए 50 रुपए और उसके बाद भी पावर कट रहने पर 100 रुपए घंटा की दर से लोगों को पैसे दिए जाएंगे.

News18.com
Updated: April 17, 2018, 9:27 PM IST
दिल्ली में गुल हुई बिजली, तो लोगों को हर घंटे का 50 रुपये हर्जाना देंगी कंपनियां!
प्रतीकात्मक
News18.com
Updated: April 17, 2018, 9:27 PM IST
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को एक नई योजना को मंजूरी दी है. इसके मुताबिक, राजधानी में बिजली जाने पर हर घंटे के पावर कट के बदले लोगों को 50 रुपए प्रति घंटे का मुआवजा दिया जाएगा. केजरीवाल के मुताबिक, ये इस बात को पक्का करने के लिए है कि बिजली कंपनियां ग्राहकों के प्रति ज्यादा जिम्मेदार हों.

अगर ये योजना लागू होती है तो ग्राहकों के बिजली बिल में उनके बिजली न मिलने के कारण मिले मुआवजे को घटा दिया जाएगा. इसके साथ ही दिल्ली ऐसी व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा. हालांकि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उपराज्यपाल से मंजरू की जरूरत होगी. इस योजना को पॉवर कंज्यूमर कंपन्सेशन पॉलिसी कहा जा रहा है.

ग्राहकों के लिए अपने आप में पहली तरह की इस योजना में दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है. इसमें बिजली जाने पर पहले 2 घंटों के लिए 50 रुपये और उसके बाद भी बिजली कटी रहती पर 100 रुपए घंटा की दर से लोगों को पैसे दिए जाएंगे. लेकिन इसके लागू होने, न होने का सारा दारोमदार एलजी अनिल बैजल पर निर्भर करता है.


दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली में 15 साल पहले बिजली का निजीकरण किया गया. प्राइवेट कंपनियों के पास बिजली रहने का मतलब है कि बिजली की सही और निर्बाध सप्लाई लोगों को मिलती रहे.

पूरे दिन में सिर्फ एक बार एक घंटे के लिए बिजली कटने पर कंपनियां जुर्माना देने से बच सकती हैं, लेकिन अगर ऐसा दिन में कई बार होता है तो कंपनियों को शुरुआत से ही जुर्माना देना होगा.


अगर पूरे क्लस्टर के बजाए एक उपभोक्ता पावर कट से प्रभावित होता है तो वह एसएमएस, ईमेल, फोन या ऑनलाइन माध्यम से 'नो करेंट' की शिकायत दर्ज करा सकता है. शिकायत मिलने के बाद कंपनियां कन्फर्मेशन मैसेज भेज कर समस्या को सुलझाने की तारीफ और समय बताएंगी.

ये भी पढ़ेंः 

बिजली विभाग के करोड़ों रुपये दबाए बैठे हैं 1735 बकाएदार, कई सरकारी विभाग भी शामिल

बिहार कैबिनेट ने 21 एजेंडों पर लगाई मुहर, बिजली बिल पर सब्सिडी रेट की घोषणा
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर