लाइव टीवी

जंगपुरा से AAP के विधायक प्रवीण कुमार के पिता आज भी करते हैं टायरों की मरम्मत

News18Hindi
Updated: February 12, 2020, 10:11 PM IST
जंगपुरा से AAP के विधायक प्रवीण कुमार के पिता आज भी करते हैं टायरों की मरम्मत
जंगपुरा से आप विधायक प्रवीण कुमार अपने परिवार के साथ

जहां लोग राजनीति को बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने का जरिया मानते हैं, वहीं पहली बार 2015 में विधायक के रूप में चुने जाने के बाद भी देशमुख की दुकान में कोई बदलाव नहीं आया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 12, 2020, 10:11 PM IST
  • Share this:
(विवेक त्रिवेदी)

भोपाल. भोपाल के बोगदा पुल इलाके के दुकानदार सभी मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. आखिरकार, उनके लंबे समय के पड़ोसी का बेटा विधायक बन गया है. मंगलवार को, प्रवीण कुमार ने दिल्ली में जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र (Jangpura Assembly Constituency) से आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के टिकट पर जीत हासिल की. भोपालवासियों के लिए चमकते सितारे जैसे प्रवीण कुमार मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के मूल निवासी हैं. उनके पिता पीएन देशमुख 1979 से बोगदा पुल इलाके में सड़क के किनारे टायर मरम्मत की दुकान चला रहे हैं.

जहां लोग राजनीति को बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने का जरिया मानते हैं, वहीं पहली बार 2015 में विधायक के रूप में चुने जाने के बाद भी देशमुख की दुकान में कोई बदलाव नहीं आया है. अपने एक बेटे के विधायक और दूसरे बेटे लोकेश के सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के बावजूद देशमुख अभी भी अपनी दुकान पर आते हैं और अपने सहयोगी रज्जाक और विजय के साथ रोजाना टायरों की मरम्मत का काम करते हैं.

आज भी चलाते हैं पंचर की दुकान

देशमुख ने News18 से फोन पर बातचीत में कहा- "मैं अपना काम कैसे छोड़ सकता हूं? आज मेरे पास जो कुछ भी है वह इसी दुकान की वजह से है." वह फिलहाल दिल्ली में हैं, वह यहां 16 फरवरी को अरविंद केजरीवाल सरकार के शपथ ग्रहण समारोह तक रहेंगे.

देशमुख अपने पिता के बारे में याद करते हैं, जो बैतूल जिले की एथनर तहसील में एक वैद्य थे. उनकी मृत्यु के बाद पूरा परिवार भोपाल में शिफ्ट हो गया और ये दुकान खोली. बचपन में प्रवीण पढ़ाई के अलावा दुकान पर भी काम करते थे, जिस पर उनके पिता गर्व करते हैं और कहते हैं कि उन्होंने बचपन से अपने बेटों में सेवा करने के संस्कार दिए.

अन्ना आंदोलन में केजरीवाल से मिले प्रवीणभोपाल से बीएससी और एमबीए की डिग्री हासिल करने के बाद, प्रवीण ने एक निजी दूरसंचार कंपनी ज्वाइन की, जहां से उन्हें दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया. उन्होंने मोदी मिल क्षेत्र में वंचित परिवारों के बच्चों को भी पढ़ाया, उनके पिता ने कहा कि प्रवीण बाद में 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जुड़े और तत्कालीन कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल के संपर्क में आए.

देशमुख ने कहा, "मेरा बेटा अभी भी एक साधारण आदमी है और दिल्ली में एक छोटे से किराए के घर में रहता है."

AAP MLA, Jangpura
टायर रिपेयर की अपनी दुकान पर पीएन देशमुख


सड़क भरने पर नाला भी किया साफ
देशमुख के बगल की एक दुकान चलाने वाले इरफान सिद्दीकी ने कहा, "हमने दिल्ली में इलाज के लिए कई स्थानीय लोगों को भेजा है और प्रवीण ने उन्हें रेलवे स्टेशन पर व्यक्तिगत रूप से लेने और हर संभव मदद करने का प्रयास किया है."

सिद्दीकी ने कहा कि एक बार जंगपुरा में भारी बारिश और जलभराव हो गया था और स्थानीय लोगों ने आधी रात को कुमार के दरवाजे पर दस्तक दी. जिसके बाद वह नीचे आए और कुछ सहयोगियों की मदद से बंद हो गए नाले को खोला.

विजय विश्वकर्मा, जो दस साल से देशमुख के साथ जुड़े हुए हैं और टायर-मरम्मत की दुकान पर काम करते हैं, बताते हैं कि "प्रवीण भैया" एक बेहद विनम्र व्यक्ति हैं और जब भी वे भोपाल आते हैं तो स्थानीय लोगों की मदद करते हैं.

70 हजार रुपये सैलरी वाली नौकरी करते थे प्रवीण
तस्वीरों के लिए गर्व से AAP टोपी पहने हुए विजय ने कहा, "वह विधायक बनने के बाद भी बिल्कुल पहले जैसे ही हैं." ऑटोरिक्शा चालक अब्दुल जलील ने भी देशमुख और कुमार को जमीनी और सरल बताया, उन्होंने दिल्ली में "भोपाल के बेटे" की जीत पर खुशी जाहिर की.

कुमार के पड़ोसियों ने कहा कि अन्ना आंदोलन में शामिल होने के लिए उन्होंने प्रति माह 70,000 रुपये सैलरी वाली नौकरी छोड़ी थी. कई लोग उनके चुनाव अभियान में मदद करने के लिए दिल्ली भी गए थे.

कुमार ने 2015-16 में दिल्ली के स्कूल शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के संसदीय सचिव के रूप में कार्य किया.

ये भी पढ़ें-
इन सीटों पर 'आप' तो जीती पर हर राउंड के साथ बदलते रहे समीकरण

दिल्ली चुनाव: फ्री बिजली-पानी मुफ्तखोरी नहीं, बाकी राज्य भी देते हैं ये सुविधा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोपाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 12, 2020, 10:11 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर