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ऋषभ रंजन: जिनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आरे में पेड़ काटने पर लगाई रोक

News18Hindi
Updated: October 7, 2019, 1:53 PM IST
ऋषभ रंजन: जिनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आरे में पेड़ काटने पर लगाई रोक
आरे कॉलोनी में जंगल की कटाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक.

ग्रेटर नोएडा के एक लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई करने वाले छात्र ऋषभ ने Arey में पेड़ों की कटाई रुकवाने लिए Supreme Court में याचिका दाखिल की थी.

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  • Last Updated: October 7, 2019, 1:53 PM IST
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जिस वक्त आरे (महाराष्ट्र) में पेड़ काटे जा रहे थे, उस समय ऋषभ रंजन छुट्टी में अपने घर जमशेदपुर में थे. वह दुर्गा पूजा में शामिल होने के लिए कॉलेज से छुट्टी लेकर घर गए थे. लेकिन, जैसे ही उन्‍हें पता चला कि आरे में पेड़ काटे जा रहे हैं और इसका विरोध करने वालों को पुलिस गिरफ्तार कर रही है तो दूसरे ही दिन दिल्ली पहुंचकर उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर दी. अब देश की शीर्ष अदालत ने ऋषभ की याचिका पर संज्ञान लेते हुए आरे में पेड़ काटने पर रोक लगा दी है.

ऋषभ ने बताया कि उनके पास आरे के मामले में पेड़ों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था. अगर आज देर करते तो आरे के पेड़ों की जिंदगी नहीं बच पाती. मेरा मकसद सिर्फ आरे के पेड़ों को ही बचाना नहीं है, मैं चाहता हूं कि जंगलों में लगे हर एक पेड़ को बचाया जाए. ऋ्रषभ ने बताया कि यह शुरुआत है, लड़ाई तो आगे भी जारी रहेगी.

'जलवायु पर चर्चा हो तो अच्छी लगती है सियासत'
ऋषभ का कहना है कि उन्‍हें सियासत से कोई गुरेज नहीं है, लेकिन आजकल जिस तरह की सियासत हो रही है उससे वह कतई इत्तेफाक नहीं रखते हैं. उन्‍होंने कहा कि सियासत वो अच्छी लगती है, जहां जलवायु पर चर्चा हो और प्रकृति को बचाने की बात हो. इसके लिए जरूरी है कि हम सब मिलकर वैकल्पिक सियासत के बारे में सोचें.

ग्रेटर नोएडा में लॉ कॉलेज के छात्र हैं ऋषभ
ऋषभ रंजन ग्रेटर नोएडा के लॉयड लॉ कॉलेज में लॉ के छात्र हैं. उनकी पढ़ाई का यह चौथा साल है. अगले साल उनकी पढ़ाई पूरी हो जाएगी. उन्होंने न्यूज18 हिन्दी को बताया कि इससे पहले वह सूखा और किसानों की आत्महत्या से जुड़े मामलों के लिए काम करते रहे हैं. इस मामले में वह सुप्रीम कोर्ट आते रहते थे. बिहार में बाढ़ को लेकर भी खासे सक्रिय रहे ऋषभ ने सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ी हुई थी.

'इस मुहिम में मैं अकेला नहीं'
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सूखा, किसान और अब आरे. ऋषभ का कहना है कि ये सब वो मुद्दे हैं, जिन्हें लेकर वह सुप्रीम कोर्ट गए और मामले में राहत भी मिली. उन्‍होंने कहा, 'सच तो यह है कि इस मुहिम में मैं अकेला नहीं हूं. आज जब आरे वाले मामले के लिए मैं घर से निकला था तो सोशल मीडिया की मदद से अपने सभी सीनियर और जूनियर से मदद मांगी. आरे में पेड़ कटाई पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाने के मामले में मेरा साथ हमारे एल्युमिनाई संजय हेगड़े ने दिया.'

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First published: October 7, 2019, 1:15 PM IST
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