vidhan sabha election 2017

सबूतों के अभाव में तलवार दंपति बरी, कल होंगे रिहा

News18Hindi
Updated: October 12, 2017, 6:37 PM IST
सबूतों के अभाव में तलवार दंपति बरी, कल होंगे रिहा
तलवार दंपति को संदेह का फायदा मिला.
News18Hindi
Updated: October 12, 2017, 6:37 PM IST
नोएडा के चर्चित आरुषि-हेमराज मर्डर केस में आरोपी दंपति राजेश और नूपुर तलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सीबीआई कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर पिटीशन पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया.

गुरुवार दोपहर करीब 2ः50 बजे खचाखच भरे कोर्ट रूम में पीठ ने कहा कि संदेह के आधार पर तलवार दंपति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. उन्हें संदेह का फायदा (Benefit of Doubt) मिलना चाहिए.

तलवार दंपति के वकील तनवीर अहमद ने कहा कि उनके मुवक्किल शुक्रवार दोपहर तक रिहा हो जाएंगे. तलवार दंपति गाजियाबाद की डासना जेल में कैद है. सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने की बात कही है.

कोर्ट ने और क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि मौजूदा सबूतों और गवाहों के आधार पर राजेश तलवार और नूपुर तलवार को आरुषि और घरेलू नौकर हेमराज की हत्या का दोषी नहीं माना जा सकता. हाईकोर्ट के जज एके मिश्रा ने कहा कि सीबीआई की जांच में कई खामियां थी. हाईकोर्ट ने कहा कि आरुषि को माता-पिता ने नहीं मारा. ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट भी इतनी कठोर सजा नहीं देता है.

सीबीआई कोर्ट ने 2013 में सुनाई थी उम्रकैद की सजा
गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने इस मर्डर मिस्ट्री में 26 नवंबर 2013 को आरुषि के माता-पिता को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस फैसले को तलवार दंपति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.  चार साल सजा काटने के बाद दोनों बरी हो गए.

हाईकोर्ट के फैसले के बाद सीबीआई का कहना है कि हमें फैसले की कॉपी का इंतजार है. फैसला पढ़ने के बाद ही कोई प्रतिक्रिया दी जाएगी.





2008 में हुई थी आरुषि और हेमराज की हत्या
आरुषि और हेमराज की हत्या 15 मई 2008 की रात नोएडा के सेक्टर-25 में जलवायु विहार स्थित घर में हुई थी. इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे आरुषि के पिता डॉ. राजेश तलवार और मां डॉ. नूपुर तलवार की तरफ से दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर ली थी.

डासना जेल में बंद है तलवार दंपति
बता दें कि आरुषि-हेमराज मर्डर केस में दोषी करार दिए गए राजेश तलवार और नुपुर तलवार गाजियाबाद के डासना जेल में बंद हैं. डासना जेल के जेलर डॉ. मौर्या ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले से तलवार दंपति खुश हैं कि उन्हें आखिरकार इंसाफ मिला.

TIMELINE: आरुषि मर्डर केस में कब क्या हुआ?

मई 16 : 14 साल की आरुषि तलवार नोएडा में अपने घर के बेडरूम में मरी मिली. उसका गला कटा था. नौकर हेमराज पर शक आया.

मई 17 : हेमराज की लाश तलवार के घर के टेरेस पर मिली.

मई 23 : आरुषि के पिता डॉ राजेश तलवार को यूपी पुलिस ने आरुषि और हेमराज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

जून 1 : सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली.

जून 13 : डॉ राजेश तलवार के कम्पाउंडर कृष्णा को सीबीआई ने गिरफ्तार किया..तलवार के दोस्त दुर्रानी के नौकर राजकुमार और तलवार के पड़ोसी के नौकर विजय मंडल को भी बाद में गिरफ्तार किया. तीनों दोहरे हत्याकांड के आरोपी बने.

जुलाई 12 : राजेश तलवार गाजियाबाद की डासना जेल से जमानत पर रिहा.

सितंबर 12 : कृष्णा, राजकुमार और विजय मंडल को लोअर कोर्ट से जमानत मिली. सीबीआई 90 दिन तक चार्जशीट फाइल नहीं कर सकी.
2009 में सीबीआई ने दूसरी टीम बनाकर दी केस को अहमियत

सितंबर 10 : आरुषि हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की दूसरी टीम बनी.
2010 सीबीआई ने लगा दी क्लोजर रिपोर्ट

दिसंबर 29 : सीबीआई ने आरुषि हत्याकांड में अदालत में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी.
2011 कोर्ट ने खारिज कर दी क्लोजर रिपोर्ट

जनवरी 25 : राजेश तलवार ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ लोअर कोर्ट में प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की.

फरवरी 9 : लोअर कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज की, आरुषि के मां-बाप, राजेश और नुपुर तलवार को हत्या और सुबूत मिटाने का दोषी माना.

फरवरी 21 : डॉ राजेश और नुपुर तलवार ट्राइल कोर्ट के समन को रद्द करवाने हाइकोर्ट गए.

मार्च 18 : हाईकोर्ट ने समन रद्द करने की तलवार की गुजारिश खारिज की और उन पर कार्यवाही शुरू करने को कहा.

मार्च 19 : तलवार सुप्रीम कोर्ट गए, जिसने उनके खिलाफ ट्राइल को स्टे कर दिया.
2012 सीबीआई जज के सामने ट्राइल शुरु हुआ

जनवरी 6 : सुप्रीम कोर्ट ने तलवार की अर्ज़ी खारिज की और ट्राइल शुरू करने की इजाजत दी.

जून 11 : गाजियाबाद में विशेष सीबीआई जज एस लाल के सामने ट्राइल शुरू हुआ.
2013 में राजेश और नुपुर तलवार को उम्र कैद की सजा सुनाई

अक्टूबर 10 : फाइनल आर्ग्युमेंट शुरू हुए.

नवंबर 25 : तलवार दंपति को गाज़ियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने दोषी पाया और उम्र कैद की सजा सुनाई.
2014 तलवार दंपति ने फैसले को हाईकोर्ट में दी चुनौती

जनवरी 4 : तलवार दंपति ने लोअर कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी.
2017 इलाहबाद हाईकोर्ट ने कहा सीबीआई के दावों में है विरोधाभास

जनवरी 11 : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलवार की अपील पर फैसला सुरक्षित किया.

अगस्त 01 : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि तलवार की अपील दुबारा सुनेंगे क्योंकि सीबीआई के दावों में विरोधाभास हैं.

सितंबर 08 : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरुषि हत्याकांड में फैसला सुरक्षित किया.

अक्टूबर 12 : लोअर कोर्ट से तलवार दंपति की सजा के चार साल बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट आरुषि हत्याकांड पर फैसला सुनाएगा.

ये भी पढ़ें:  11 सवाल जिनमें छिपा है आरुषि-हेमराज केस का राज

आरुषि मर्डर केस : 9 साल में अब तक क्या हुआ?

जानें उस रात क्‍या हुआ था आरुषि के साथ!
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर