पहला HIV टेस्ट बनाने वाली कंपनी, भारत में लाएगी COVID-19 एंटीबॉडी टेस्ट किट, मई अंत से खरीद सकेंगे

मई के अंत तक ये टेस्ट भारत में उपलब्ध होंगे (सांकेतिक तस्वीर, Reuters)
मई के अंत तक ये टेस्ट भारत में उपलब्ध होंगे (सांकेतिक तस्वीर, Reuters)

एंटीबॉडी टेस्टिंग (Antibdy Testing) यह जानने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है कि कोई पहले कोरोना वायरस से संक्रमित (Infected) हो चुका है या नहीं. इससे कोरोना वायरस (Coronavirus) को समझने में भी मदद मिलेगी.

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नई दिल्ली. ग्लोबल हेल्थकेयर (Global Healthcare) की बड़ी कंपनी एबॉट (Abott) ने सोमवार को बताया है कि उसको अपने कोविड-19 (Covid-19) टेस्ट किट के लिए CE मार्क मिल गया है. कंपनी की सीरम विज्ञान के तहत लैब आधारित खून की जांच को (laboratory-based serology blood tests) सही पाया गया है और ये टेस्ट किट भारत में मई के अंत से मिलने शुरू हो जाएंगे.

बता दें CE मार्क एक सर्टिफिकेशन मार्क होता है, जिसका मतलब होता है कि टेस्ट किट तकनीकी; स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण के मानकों पर सही पाया गया है और इसे बेचा जा सकता है. एबॉट (Abbott) ने एक बयान में कहा, 'कंपनी टेस्ट किट को मई से भारत भेजना शुरू कर देगी और यहां पर मांग (demands) को देखते हुए आपूर्ति को बाद में बढ़ाया जाएगा.'

जल्द से जल्द बाजार में आने से कोरोना वायरस महामारी से निपटने में मिलेगी मदद
एबॉट के भारत में डायग्नॉस्टिक बिजनेस के जनरल मैनेजर और कंट्री हेड नरेंद्र वर्डे ने कहा, "एबॉट का फिलहाल पूरा लक्ष्य कोविड-19 टेस्ट किट को बाजार तक जल्द से जल्द लेकर आना है ताकि इस महामारी से निपटने में मदद की जा सके. हमें आने वाले हफ्तों में अपने एंटीबॉडी टेस्ट (Antibody Test) को उपलब्ध कराने में गर्व का अहसास हो रहा है, जिससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि किसे वायरस का संक्रमण हो चुका है, इससे हमें जिंदगी को जीने में बहुत ज्यादा आत्मविश्वास मिलेगा."
टेस्ट से मिली जानकारी का इलाज और वैक्सीन बनाने में हो सकता प्रयोग


बयान में कहा गया है कि एंटीबॉडी टेस्टिंग यह जानने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है कि कोई पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुका है या नहीं. इससे कोरोना वायरस को समझने में भी मदद मिलेगी. जैसे कि कितने समय तक एंटीबॉडी शरीर में रह सकती हैं और क्या उनसे प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पैदा होती है या नहीं. इसमें यह भी कहा गया है कि इस तरह की जानकारी किसी इलाज या वैक्सीन को बनाने में भी मदद कर सकती है.

एबॉट (Abbott), संक्रामक बीमारियों की टेस्टिंग के तरीकों को ढूंढ़ने के मामले में ग्लोबल लीडर रहा है. इसने ही सबसे पहले HIV के लिए पहला टेस्ट किट बनाया था.

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