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काबुल में आतंकियों के चुंगल से छूटे सिख नेता को CAA के तहत नागरिकता दे सकती है सरकार

निदान सिंह सचदेवा (फोटो सौ- फेसबुक)
निदान सिंह सचदेवा (फोटो सौ- फेसबुक)

निदान सिंह सचदेवा (Nidan Singh Sachdeva) और उनका परिवार 1990 के दशक में अफगानिस्तान से दिल्ली आ गया था. परिवार के सारे लोग शरणार्थी के तौर यही रहते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 19, 2020, 10:55 AM IST
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नई दिल्ली.  अफगानिस्तान (Afghanistan) में सिख समुदाय के नेता निदान सिंह सचदेवा (Nidan Singh Sachdeva) का पिछले महीने एक गुरुद्वारे से अपहरण कर लिया गया था. शनिवार को उन्हें आतंकियों ने रिहा कर दिया. उनकी रिहाई के बाद विदेश मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि उन्हें नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत भारत की नागरिकता दी जा सकती है. अफगान नागरिक निदान सिंह सचदेवा का परिवार दिल्ली में है और वो तीन महीने पहले ही अफगानिस्तान गए थे.

मिल सकती है नागरिकता
शनिवार को उनकी रिहाई के बाद विदेश मंत्रााल की तरफ से खुशी जताई गई. साथ ही मंत्रालय ने अफगानिस्तान और इलाके के कबायली सरदारों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी कोशिशों के कारण निदान सिंह की सुरक्षित रिहाई हो सकी. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बाहरी समर्थकों के इशारे पर आतंकवादियों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाना और उनका उत्पीड़न करना गंभीर चिंता की बात है. मंत्रालय ने साथ ही कहा कि हाल में भारत ने फैसला किया है कि अफगानिस्तान में सुरक्षा खतरे का सामना करने वाले अफगानी हिंदुओं और सिख समुदाय के लोगों को वापस भारत आने की सुविधा दी जाएगी.

क्या कहता है CAA कानून?
नागरिकता संशोधन कानून के तहत निदान सिंह और उनके परिवार को नागरिकता दी जा सकती है. पिछले साल दिसंबर में संसद से इन कानून को मंजूरी मिली थी. इसके तहत 31 दिसंबर, 2014 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत में आने वाले, हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाइयों को नागरिकता देने का प्रावधान रखा गया है.



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1990 के दशक में दिल्ली आया था परिवार
सचदेवा और उनका परिवार 1990 के दशक में अफगानिस्तान से दिल्ली आ गया था. परिवार के सारे लोग शरनार्थी के तौर यही रहते हैं. लेकिन निदान सिंह गुरुद्वारे में सेवा के लिए जाते रहते हैं. जिस वक्त आतंकियों ने उनका अपहरण किया था वो थाला श्री गुरु नानक साहिब गुरुद्वारे में थे. ये गुरुद्वारा अफगानिस्तान के पकटिया प्रांत में है जिसे तालिबान का गढ़ माना जाता है. सचदेवा की पत्नी ने पीएम को उनकी रिहाई को लेकर चिट्ठी भी लिखी थी. इस बीच उनके बेटे ने कहा है कि उनके पिता जल्द ही भारत लौट आएंगे.
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