आरिफ मोहम्मद खान को केरल का राज्यपाल नियुक्त करने पर कांग्रेस ने कहा- ये तो होना ही था!

केरल (Kerala) के नये राज्यपाल के रूप ने आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) की नियुक्ति पर चुटकी लेते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) ने रविवार को कहा कि यह बिल्कुल ‘अपेक्षित फैसला है.’

भाषा
Updated: September 1, 2019, 8:54 PM IST
आरिफ मोहम्मद खान को केरल का राज्यपाल नियुक्त करने पर कांग्रेस ने कहा- ये तो होना ही था!
केरल के नये राज्यपाल के रूप ने आरिफ मोहम्मद खान की नियुक्ति पर चुटकी लेते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह बिल्कुल अपेक्षित फैसला है.
भाषा
Updated: September 1, 2019, 8:54 PM IST
केरल (Kerala) के नये राज्यपाल के रूप ने आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) की नियुक्ति पर चुटकी लेते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) ने रविवार को कहा कि यह बिल्कुल ‘अपेक्षित फैसला है.’ सिंघवी ने कहा पूर्व केन्द्रीय मंत्री द्वारा हाल में दिए गए बयानों से साफ हो गया था कि भाजपा (BJP) उन्हें जल्दी ही पुरस्कृत करेगी.

शाह बानो मामले (Shah Bano Case) में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तत्कालीन राजीव गांधी सरकार (Rajiv Gandhi Government) द्वारा अमान्य घोषित करने के लिये कानून बनाए जाने के विरोध में खान ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. मोदी सरकार (Modi Government) ने उन्हें केरल का नया राज्यपाल नियुक्त किया है.

सिंघवी ने कहा- बिल्कुल अपेक्षित फैसला
सिंघवी ने कहा, ‘‘केरल का राज्यपाल (Kerala's Governor) नियुक्त होने पर आरिफ मोहम्मद खान को बधाई. बिल्कुल अपेक्षित फैसला. हाल के समय में उनके बयानों से साफ हो गया था कि भाजपा जल्दी ही उन्हें पुरस्कृत करेगी. पुरस्कार मिलना चाहिए था और काफी समय से इसका इंतजार था.’’

केरल में भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश पी. सदाशिवम (P. Sadashivam) की जगह नए राज्यपाल बने 68 साल के खान मुसलमानों में एक साथ तीन बार तलाक (Triple Talaq) बोलकर पत्नी से संबंध खत्म करने की परंपरा के मुखर विरोधी हैं और लंबे समय से मुस्लिम पर्सनल लॉ (Muslim Personal Law) में बदलाव की वकालत कर रहे हैं.

खान का भाषण था ज़रूरी
शाह बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का शुरुआती दिनों में राजीव गांधी सरकार द्वारा समर्थन किए जाने पर 1985 में संसद में खान का भाषण बेहद महत्वपूर्ण है. हालांकि, बाद में मौलवियों के कथित दबाव में आकर राजीव गांधी सरकार ने संसद में एक विधेयक पारित कर शाह बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अमान्य करार दिया. खान ने उसके तुरंत बाद मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था.
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उत्तर प्रदेश के राजनीतिज्ञ खान बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे लेकिन 2007 से वह राजनीति में सक्रिय नहीं थे. हाल ही में मोदी सरकार द्वारा तीन तलाक विधेयक लाये जाने पर खान ने उसका समर्थन किया.

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First published: September 1, 2019, 8:54 PM IST
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