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तेलंगाना: 200 सर्जन को कमरा छोड़ने का फरमान, हॉस्टल में बनेगा आइसोलेशन वार्ड

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Updated: March 25, 2020, 2:15 PM IST
तेलंगाना: 200 सर्जन को कमरा छोड़ने का फरमान, हॉस्टल में बनेगा आइसोलेशन वार्ड
तेलंगाना में कोरोना के 39 मामले सामने आए हैं.

तेलंगाना के खम्मम से करीब 120 किलोमीटर दूर वारंगल जिले में महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) हॉस्पिटल के करीब 200 हाउस सर्जनों को मंगलवार को ही हॉस्टल छोड़ने का फरमान जारी किया गया है. ये सभी कोरोना संक्रमितों (Coronavirus Infected) के आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी कर रहे थे.

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  • Last Updated: March 25, 2020, 2:15 PM IST
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हैदराबाद. तेलंगाना में कोरोना वायरस (Coronavirus) के 39 मामले सामने आए हैं. इस वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार कई बड़े कदम उठा रही है. राज्य में लॉकडाउन कर दिया गया है. निजी अस्पतालों और मेडिकल हॉस्टल में संक्रमितों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं. इन सबके बीच करीब 200 हाउस सर्जनों को तुरंत हॉस्टल छोड़ने को कह दिया गया है, लेकिन उन्हें कोई भी किराये पर कमरा देने को राजी नहीं है. मकान मालिक उन्हें गंदा और संक्रमित कहकर बेइज्जत कर रहे हैं और दरवाजे से ही लौटा दे रहे हैं. ऐसे में इन सर्जनों के पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है.

खम्मम से करीब 120 किलोमीटर दूर वारंगल जिले में महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) हॉस्पिटल के करीब 200 हाउस सर्जनों को मंगलवार को ही हॉस्टल छोड़ने का फरमान जारी किया गया है. ये सभी कोरोना संक्रमितों के आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी कर रहे थे. हालांकि, इन हाउस सर्जनों के रहने के लिए अलग इंतजाम करने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक कुछ हुआ नहीं है.

यहां तक कि कुछ डॉक्टर दूसरी जगह किराये पर रहने की जगह भी तलाश रहे हैं. लेकिन, उन्हें किराये पर कोई कमरा भी नहीं दे रहा. ज्यादातर मकान मालिक उन्हें 'संक्रमित और गंदे' लोग कहकर बाहर से ही चलता कर दे रहे हैं.

MGM हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने News18 को बताया, 'हमारे प्रिंसिपल ने कहा कि उन्हें डिस्ट्रिक कलेक्टर की ओर हॉस्टल को आइसोलेशन वार्ड बनाने के ऑर्डर मिले हैं. इसलिए हमें तुरंत हॉस्टल छोड़कर जाने के लिए कहा जा रहा है. हम किराये पर रूम के लिए लोगों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन वे हमसे बात तक नहीं करना चाहते. वे कहते हैं कि तुम लोग गंदे और कोरोना से संक्रमित हो. इसलिए हमें रहने के लिए कमरा नहीं दिया जा सकता.'




MGM हॉस्पिटल के एक डॉक्टर समाज की सोच पर सवाल खड़े करते हैं. वह कहते हैं, 'हमारे काम के लिए तालियां, थालियां और घंटियां बजाने का क्या मतलब है, जब आप हमें रहने के लिए कोई जगह ही नहीं दे रहे? आप हमें गंदा कहते हैं, हमें ये काम उन्हीं के लिए कर रहे हैं और वो लोग ही हमें गंदा बोलते हैं. हमें हॉस्टल छोड़ने को कहा गया है और रहने के लिए कोई और जगह नहीं मिल रही. ऐसे में हम सब कहां जाए? क्या हम सड़क पर सोएं?

बता दें कि हाल ही में एक बातचीत में, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री, एटला राजेंदर ने कहा था कि सरकार आइसोलेशन के लिए 15,000 बेड तैयार करने की योजना बना रही है. ये बेड निजी अस्पतालों/कॉलेजों में पहुंचाए जाएंगे.

इसके अलावा, उन्होंने कहा था कि जिन लोगों ने एक महीने पहले हॉस्टल अकॉमोडेशन बुक करा लिया था, उनसे कोरोना वायरस के मद्देनजर अभी नहीं आने के लिए कहा गया है. मकान मालिकों से उनका एडवांस लौटाने को कहा गया है.

सर्जनों के मुताबिक, इस तरह के कुल 6 मामले सामने आए हैं. कुछ डॉक्टरों ने कलेक्टर से इसकी शिकायत भी की है. कलेक्टर ने मदद का भरोसा दिया है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया.

तेलंगाना से सटे आंध्र प्रदेश में भी डॉक्टर बदसलूकी का शिकार हो रहे हैं. यहां आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों पर मकान मालिक कमरा खाली करने का दबाव बना रहे हैं. जो डॉक्टर हॉस्टल में रहते थे, उन्हें आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया गया है. ऐसे में लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी की परवाह नहीं करने वाले डॉक्टरों के लिए ही रहने की कोई जगह नहीं है.


नाम न छापने की शर्त पर एक डॉक्टर बताते हैं, 'हॉस्टल के कमरों में ताला लगा दिया गया है. हमें दूसरी जगह बंदोबस्त करने का वक्त भी नहीं दिया गया. मेरा एक जूनियर किराए पर रहता था. उसे उसके मकान मालिक ने कमरा छोड़ने को कह दिया है. जूनियर ने मुझसे मदद मांगी है. ऐसे में मैं क्या कहूं. मैं कैसे उसकी मदद करूं, क्योंकि मेरे पास ही रहने का कोई ठिकाना नहीं है.'

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों जगहों से ही डॉक्टरों ने मास्क और दस्तानों की किल्लत की शिकायत की है. यहां तक कि कुछ डॉक्टर मास्क नहीं होने पर रूमाल से मुंह और नाक ढककर काम करने को मजबूर हैं. हालांकि, बताया जा रहा है कि शिकायत के दो दिन बाद सरकार ने मास्क की सप्लाई कर दी है.

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First published: March 25, 2020, 2:15 PM IST
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