एक्सीडेंट में घायल शख्स का बहता रहा खून, प्राइवेट अस्पताल ने इलाज से किया इंकार

एक्सीडेंट में घायल शख्स का बहता रहा खून, प्राइवेट अस्पताल ने इलाज से किया इंकार
हॉस्पिटल ने एक्सीडेंट पीड़ित के इलाज से किया इंकार (सांकेतिक फोटो)

नर्स (Nurse) को वीडियो (Video) में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अस्पताल के प्रबंधन (Management) ने यह फैसला लिया है कि यहां केवल कोविड-19 रोगियों (Covid-19 Patients) के इलाज किया जायेगा.

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बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) के एक निजी अस्पताल (Private Hospital) में एक दुर्घटना (Accident) पीड़ित शख्स का इलाज करने से मना कर दिया गया. इसके बाद से कई लोग अस्पताल (Hospital) की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं. जिस अस्पताल ने पीड़ित के इलाज के लिए मना किया है, उसकी पहचान बेंगलुरु के विद्यारण्यपुरा के केथम्स अस्पताल (Kethams Hospital) के तौर पर हुई है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो (Viral Video) में, नर्स को दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को बुनियादी चिकित्सा (Primary Aid) देने से भी इनकार करते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में पीड़ित व्यक्ति का लगातार खून बहते (Bleeding) हुए भी देखा जा सकता है.

नर्स (Nurse) को वीडियो (Video) में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अस्पताल के प्रबंधन (Management) ने यह फैसला लिया है कि यहां केवल कोविड-19 रोगियों (Covid-19 Patients) के इलाज किया जायेगा क्योंकि यह चिकित्सा सुविधा (Medical Facility) एक कोरोना विशेष अस्पताल (Coronavirus Special Hospital) है.

सड़क हादसे में सिर फटने, रक्तस्त्राव या हड्डी टूटने से जाती है ज्यादातर लोगों की जान
भारत में हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु सड़क हादसों में हो जाती है. जिसका कारण समय पर उचित इलाज न मिलना होता है. सड़क हादसों के शिकार लोगों में ज्यादातर आंकड़ें युवाओं के आते हैं. इनमें सिर फटने, अधिक रक्तस्त्राव होने या फिर हाथ-पैर या अन्य भाग की हड्डी टूटने के मामले ज्यादा हैं.
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ऐसे में किसी भी अस्पताल में सड़क हादसे के शिकार लोगों को आपात सहायता देने के निर्देश हैं. कई राज्यों ने तो प्राइवेट अस्पतालों को भी ऐसे पीड़ितों की तुरंत सहायता के निर्देश अपने स्तर से जारी किए हैं. फिर भी लगातार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें अस्पताल रोगियों की सही समय पर सहायता नहीं करते. सड़क हादसे में देश भर में हर साल लाखों लोगों की जान जाती है.
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