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हैदराबाद गैंगरपे केस- रेप-गैंगरेप केस में MP-UP ही नहीं ये राज्य भी हैं टॉप पर

News18Hindi
Updated: December 5, 2019, 3:26 PM IST
हैदराबाद गैंगरपे केस- रेप-गैंगरेप केस में MP-UP ही नहीं ये राज्य भी हैं टॉप पर
आज कानून में नहीं पुलिस में बदलाव की जरूरत है.

एनसीआरबी (NCRB) के आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में महिलाओं (Womens) के खिलाफ होने वाले अपराध (Crime) साल दर साल कम होने के बजाए सिर्फ मामूली रूप से घट-बढ़ रहे हैं.

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  • Last Updated: December 5, 2019, 3:26 PM IST
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नई दिल्ली. हाल ही में नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (NCRB) ने देशभर में हुए अपराधों (Crime) के आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों में रेप-गैंगरेप (Rape-Gang Rapr) और एसिड अटैक (Acid Attack) के केस भी शामिल हैं. रेप-गैंगरेप और एसिड अटैक के यह आंकड़ें खासे चौंकाने वाले, लेकिन शर्मनाक हैं.

2017 में रेप केस 32 हजार और गैंगरेप के आंकड़े 18 सौ को छूकर पार निकल गए हैं. एसिड अटैक के आंकड़े भी कम चौंकाने वाले नहीं हैं. आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध साल दर साल कम होने के बजाए सिर्फ मामूली रूप से घट-बढ़ रहे हैं.

खासतौर से रेप-गैंगरेप और एसिड अटैक के मामलों की तह जानने के लिए न्यूज18 हिन्दी ने बात की यूपी के पूर्व डीजीपी, सुप्रीम कोर्ट के वकील और रेप पीड़िताओं की मदद करने वालीं योगिता भयाना से.



यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है, रेप-गैंगरेप और एसिड अटैक की घटनाएं उन युवकों की देन है जो जुनूनी इश्क के शिकार होते हैं, लड़की को सिर्फ और सिर्फ अपनी जागीर समझते हैं. लेकिन इसके पीछे एक बड़ी कमी उन लोगों की भी है जिनकी जिम्मेदारी लड़कों को समय-समय पर टोकने की होती है. मां-बाप सोचते हैं टोकेंगे तो लड़का कुछ कर लेगा. टीचर समझते हैं कि टोकने पर कहीं हमे ही पलटकर जवाब न दे दे. पुलिस में भी राह चलते हरकतें कर रहे युवकों को टोकने का चलन लगभग बंद सा ही हो गया है.



रेप पीड़िताओं की सहायता के लिए पीपुल्स अगेंस्ट रेप इन इंडिया (परी) अभियान चलाने वालीं योगिता भयाना बताती हैं, “आप देखेंगे कि जिन राज्यों में सबसे ज्यादा रेप-गैंगरेप और एसिड अटैक की घटनाएं सामने आ रही हैं वहां एजुकेशन में ड्रॉप आउट रेट बहुत ज्यादा है. खाली दिमाग शैतान बना हुआ है. रही-सही कसर आसानी से और सस्ते में मिलने वाले मोबाइल और इंटरनेट डाटा ने पूरी कर दी है. कुछ फिल्में भी ऐसी आ रही हैं जो युवाओं पर बुरा असर छोड़ रही हैं.”

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अनस तनवीर इस बारे में बताते हैं, “आज कानून में नहीं पुलिस में बदलाव की जरूरत है. डॉक्टर के साथ हुए गैंगरेप मामले में भी पुलिस का रवैय्या ठीक नहीं रहा. सोशल मीडिया और डॉयल 100 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद शिकायतकर्ता को ही हड़काया जाता है. रेप-गैंगरेप के ये आंकड़े बताते हैं कि किस तरह पुलिस पूरी तरह से नाकाम हो रही है. डॉक्टर वाले केस में एक अच्छी बात ये हुई कि आरोपी जल्द ही पकड़ लिए गए, लेकिन ऐसा होना तो हर केस के साथ ही चाहिए.”

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First published: December 3, 2019, 12:55 PM IST
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