Home /News /nation /

अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के आरोपी बरी, आडवाणी ने कहा- जय श्रीराम

अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के आरोपी बरी, आडवाणी ने कहा- जय श्रीराम

बाबरी केस में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित सभी नेताओं को बरी कर दिया गया है. (Photo: PTI)

बाबरी केस में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित सभी नेताओं को बरी कर दिया गया है. (Photo: PTI)

Babri demolition Case: जय श्रीराम का जो नारा लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी रथ यात्रा से जन जन तक पहुंचाया था, वही नारा आज एक बार फिर आडवाणी की जुबान पर था. आडवाणी ने ये बताते हुए बयान शुरु किया कि फैसला ऐतिहासिक है और अपना बयान खत्म किया जय श्रीराम के नारे के साथ. उधर डा मुरली मनोहर जोशी ने भी सबको सम्मति दें भगवान का नारा लगाते हुए फैसले का स्वागत किया.

अधिक पढ़ें ...
  • News18Hindi
  • Last Updated :
नई दिल्ली. एक अरसे से पूरे भगवा परिवार को इंतजार था इस फैसले का. रामलल्ला विराजमान के अधिकार मिलने के बाद भव्य राममंदिर का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है था. अब 28 साल से चल रहे विवादित ढांचा ढहाए जाने के मामले को लेकर अदालत का फैसला भी आ ही गया. फैसला ऐसा आया जो आंदोलन को दिशा और गति देने वाले नेताओं को राहत दे गया. लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार सरीखे नेताओं के खिलाफ साजिश की मुकदमा खारिज हो गया. संघ, बीजेपी, विश्व हिंदू परिषद के नेताओं को अब दोहरी खुशी मनाने का मौका भी हाथ लग गया है. राम मंदिर का काम भी शुरु हो गया और 28 साल पुराने मुकदमें से सभी नेता भी बरी हो गए.

राहत तो बीजेपी के मार्गदर्शक और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को मिली. एक अरसे के बाद दोनो नेता अज्ञातवास से बाहर आए. दोनों के चेहरे पर राहत साफ नजर आ रही थी. राजनीति में उतार चढाव तो दोनो दिगग्जों ने बहुत देखे हैं, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर मुकदमें को लेकर संशय बना भी हुआ था खासकर विवादित ढांचा ढहाने के षडयंत्र का आरोप. लेकिन आंशकाएं निर्मुल साबित हुईं. तमाम दिगग्जों ने तो राहत की सांस ली है, बीजेपी खेमे मे भी खुशी की लहर दौडने लगी. आखिर तीन दशक लग गए आजादी के बाद के सबसे बड़े आंदोलन को मुकाम पर पहुंचाने में.



जय श्रीराम का नारा...
जय श्रीराम का जो नारा लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी रथ यात्रा से जन जन तक पहुंचाया था, वही नारा आज एक बार फिर आडवाणी की जुबान पर था. आडवाणी ने ये बताते हुए बयान शुरु किया कि फैसला ऐतिहासिक है और अपना बयान खत्म किया जय श्रीराम के नारे के साथ. उधर डा मुरली मनोहर जोशी ने भी सबको सम्मति दें भगवान का नारा लगाते हुए फैसले का स्वागत किया. आडवाणी तो अपने परिवार के साथ जज का फैसला देखते रहे और फैसला आने के बाद अपने घर के गेट तक आकर मीडिया का अभिवादन किया. दूसरी तरफ मुरली मनोहर जोशी ने अपने वकील के साथ फैसला देखा और फैसले का स्वागत भी किया.

फैसला आते ही आडवाणी के घर पहुंचे रवि शंकर प्रसाद
फैसला आते ही केन्द्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद आडवाणी के घर जा पहुंचे. राम लल्ला के वकील के रुप में लखनऊ बैंच में मुकदमा जीतने वाले रवि शंकर प्रसाद जानते हैं ये फैसला आना कितनी बड़ी चुनौती था खास कर तब जब आंदोलन अपने मुकाम पर पहुंच चुका है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर सरीखे नेताओं ने फैसले का स्वागत किया. कल्याण सिंह और उमा भारती तो कोरोना से जूझ रहे हैं. दूसरी तरफ फैसले के बाद कोर्ट से बाहर आ रहे वीएचपी के संतों साध्वी रितंभरा, आचार्य धर्मेन्द्र, बीजेपी सांसद बजभुषण शरण सिंह और लल्लू सिंह के चेहरे पर खुशई साफ झलक रही थी. यहां तक की वीएचपी के पूर्व अध्यक्ष और राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए आर पार की लड़ाई लड़ने को तैयार प्रवीण तोगडिया ने भी एक बयान जारी कर कोर्ट के फैसले का स्वागत कियी जिसमें बाबरी केस से जुड़े तमाम नेताओं को बरी किया गया है.

इन 28 सालों में मुकदमें में कई उतार चढाव आए. कभी आडवाणी को षडयंत्र वाले केस से बाहर किया गया तो कभी उन्हे वापस इसमे डाल दिया गया. रायबरेली, इलाहाबाद, लखनऊ बेंच तक सुनवाई जारी रही. आडवाणी, जोशी, कल्याण सिंह तो लिबरहान कमीशन के सामने भी पेश हुए. जाहिर है नरसिम्हा राव सरकार के वक्त शुरु हुए मुकदमे का पटाक्षेप पूरे संघ परिवार और बीजेपी को भा रहा है. क्योंकि मंदिर निर्माण भी शुरु औऱ मुकदमें भी खत्म. यही है पूरे परिवार के लिए डबल बोनांजा.

Tags: BJP, Kalyan Singh, Lal Krishna Advani, Ram Mandir, RSS, Supreme Court, Supreme court of india, Uma bharti

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर