रक्षा मंत्रालय के आदेश पर करीब 7 करोड़ के घोटाले में नौसेना अधिकारियों समेत 15 के खिलाफ CBI ने दर्ज किया मामला

रक्षा मंत्रालय के आदेश पर  करीब 7 करोड़ के घोटाले में नौसेना अधिकारियों समेत 15 के खिलाफ CBI ने दर्ज किया मामला
भारतीय नौसेना (Indian Navy) में कार्यरत कई अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई ( Central Bureau of Investigation) की मुंबई स्थित एसीबी ब्रांच ने एक मामला दर्ज किया है.

भारतीय नौसेना (Indian Navy) में कार्यरत कई अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई ( Central Bureau of Investigation) की मुंबई स्थित एसीबी ब्रांच ने एक मामला दर्ज किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 30, 2020, 11:16 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय नौसेना (Indian Navy) में कार्यरत कई अधिकारियों -कर्मचारियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई ( Central Bureau of Investigation) की मुंबई स्थित एसीबी ब्रांच ने एक मामला दर्ज किया है. दरअसल ये मामला.आकस्मिक व्यय बिल (contingent bill ) भ्रष्टाचार से जु़डा हुआ है. इस मामले में कार्रवाई करने का निर्देश रक्षा मंत्रालय के दफ्तर से स्वीकृति मिलने के बाद इसकी जानकारी सीबीआई को दी गई उसके बाद ही ये मामला दर्ज किया गया है.

दरअसल ये मामला फर्जी दस्तावेजों और फर्जी आकस्मिक व्यय बिल (contingent bill) जमा करने से संबंधित है. जिसके आधार पर करोड़ों रुपये के फर्जीवाडे को अंजाम दिया गया है. शुरुआती दौर में ही यह 6 करोड़ 76 लाख रुपये से ज्यादा का मामला दिख रहा है, सीबीआई के अधिकारी के मुताबिक इस मामले में जैसे -जैसे मामले की तफ्तीश आगे बढ़ेगी और ज्यादा खुलासा होने की उम्मीद है. क्योंकी ये मामला रक्षा मंत्रालय और फर्जी बिलों के साथ साथ कमीशनबाजी का भी देखने को मिल रहा है.

रक्षा मंत्रालय में आंतरिक तौर पर सामने आया मामला
ये मामला रक्षा मंत्रालय में आंतरिक तौर पर सामने आया था. उसके बाद रक्षा मंत्रालय द्वारा 23 अक्टूबर 2019 को सीबीआई को इस मामले में लिखित तौर पर जानकारी दी गई. इसके साथ ही ये मामला CAG यानी केंद्रीय रक्षा लेखा महानियंत्रक (Office of controller general of defense account) द्वारा मुंबई के सतर्कता विभाग ( vigilance department) को इस मामले में 17 फरवरी 2020 को खत लिखकर जानकारी दी गई. इसके साथ ही इसकी एक कॉपी सीबीआई को भी भेजी गई. जिसके बाद ही ये मामला दर्ज किया गया.
सीबीआई की टीम ने नेवी के इन अधिकारियों सहित कुछ अन्य सिविलियन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है उनमें कैप्टन अतुल कुलकर्णी, कमांडर मंदर गोडबोले, कमांडर आर पी शर्मा, कमांडर कुलदीप सिंह बघेल, एस एम देशमने, ए.के. के. विश्वास, इंदू कुंभरे, अनमोल कंदियाबूरू, प्रदीप चौहान, अमर देववाणी (प्राइवेट पर्सन), मेसर्स ACME नेटवर्क एंड आईटी सॉल्यूशन ( कंपनी), कौशल पंचाल  CYBERACE इंफोविजन प्राइवेट लिमिटेड के मालिक के खिलाफ मामला, जीतू मेहरा (मेसर्स मोक्ष इंफोसिस कंपनी के मालिक) और मेसर्स स्टार नेटवर्क कंपनी के मालिक लाल चंद यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.



साल 2017 में दर्ज हुआ था मामला
फर्जीवाडे के इस मामले में पहली शिकायत 8 दिसंबर साल 2017 में दर्ज की गई थी. इस मामले में सबसे पहली जानकारी नेवी के PCDA विभाग को मिली, जो एफआईएस यानी ( Financial information system) के मार्फत से जानकारी प्राप्त हुई थी. उसके बाद PCDA ने इस मामले की औपचारिक तौर पर जानकारी वेस्टर्न नेवी कमांड को प्रदान की गई. उसके बाद ही ये मामला काफी चर्चा का केंद्र बना हुआ था. उस मामले में अब सीबीआई की टीम एफआईआर दर्ज करके दर्ज ही सर्च ऑपरेशन कर सकती है. उसके बाद आगे की कार्रवाई करने वाली है. सीबीआई की टीम जैसे -जैसे इस मामले की तफ्तीश आगे बढ़ाएगी, कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

सीबीआई की एसीबी ब्रांच की टीम ने गणेश कुमार गौर के नेतृत्व में अब मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है. इस मामले में सीबीआई की टीम जल्द ही कई बैंको से कई तरह के डिटेल्स लेने वाली है. सीबीआई मुख्यालय में कार्यरत अधिकारी के मुताबिक सीबीआई की टीम इस फर्जी बिल घोटाला मामले में एक्सिस बैंक, ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, कर्नाटक बैंक से कई फर्जी बिलों से संबंधित जानकारियां और उससे संबंधित कई संदिग्ध लेनदेन के बारे में विस्तार से जानकारियों को खंगालने वाली है.
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