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UP Panchayat Elections: अपराधियों की कुडली खंगालने में जुटी पुलिस, इस निर्देश से मचा है हड़कंप

पंचायत चुनाव के पहले अपराधियों की उड़ी नींद, प्रशासन ने तैयार किया कार्रवाई का प्लान
पंचायत चुनाव के पहले अपराधियों की उड़ी नींद, प्रशासन ने तैयार किया कार्रवाई का प्लान

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज होने लगी है. इसको लेकर गोरखपुर प्रशासन ने भी कमर कस ली है. चुनावी तैयारियों को लेकर सर्किट हाउस में डीएम और डीआईजी ने बैठक कर सभी बूथों के भौतिक सत्यापन के साथ आपराधिक तत्वों की कुंडली खंंगालने के भी निर्देश दिये हैं.

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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Election) को लेकर सरगर्मी तेज होने लगी है. इसको लेकर गोरखपुर (Gorakhpur) प्रशासन ने भी कमर कस ली है. चुनावी तैयारियों को लेकर सर्किट हाउस में डीएम (DM) और डीआईजी ने बैठक कर सभी बूथों के भौतिक सत्यापन के साथ आपराधिक तत्वों की कुंडली खागलने के भी निर्देश दिये हैं. डीएम के विजयेन्द्र पाण्डियन ने कहा है कि पंचायत चुनाव का नोटिफिकेशन कभी भी जारी हो सकता है. चुनाव को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए आपराधिक प्रवृति के लोगों पर नजर रखी जाए. प्रशासन ने गंभीर मुकदमे वाले अपराधियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की बात कही. साथ ही लाइंसेंसधारियों की संदिग्ध गतिविध पर उनके लाइसेंस निरस्त करने के  निर्देश भी दिए हैं. इस सख्ती को लेकर हड़कंप है.

गोरखपुर में पंचायत चुनाव में करीब 30 लाख वोटर हैं. जिले में 189 न्याय पंचायतें, 1294 ग्राम प्रधान, 1700 क्षेत्र पंचायत और 68 जिला पंचायत सदस्य हैं. इनका चुनाव 1849 बूथों पर कराया जायेगा. साथ ही डीएम ने कहा कि संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. पंचायत चुनावों से पहले असलहों को जमा कराया जायेगा, गोरखपुर में करीब 23 हजार लाइसेंसधारी हैं, उनके शस्त्रों को जमा कराया जा रहा है. साथ ही इसकी भी जांच कराई जा रही है कि यदि गलत हाथों में शस्त्र लाइसेंस है तो उसको निरस्त कराने की कार्रवाई की जाए.

आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई



डीआईजी जोगेन्द्र कुमार ने कहा कि जो भी आराजक तत्व हैं जो चुनाव को डिस्टर्ब कर सकते हैं, उनके खिलाफ 107, 16 की कार्यवाही की जाए. उन्हें पाबंद करा लिया जाए. पिछले जितने भी चुनाव चाहे वो पंचायत चुनाव हो, विधानसभा चुनाव हों या फिर लोकसभा चुनाव. इसमें जिनके भी खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनके खिलाफ अवश्यक कार्रवाई की जाए. गुंडा एक्ट और गैंगेस्टर की भी कार्रवाई भी हो सकती है. जो लोग लड़ाई झगड़ा करते हैं उनको चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करा ली जाए.
शस्त्र लाइसेंस भी होंगे निरस्त

डीआईजी ने कहा कि जिनके ऊपर आपराधिक मुकदमें हैं और उनके पास शस्त्र लाइसेंस हैं उनके लाइसेंस निरस्त करने के लिए डीएम साहब के पास रिपोर्ट भेज दी जाए. अभी तक 46 शस्त्र लाइसेंस जिले में निरस्त कराये गये हैं. और जितने भी शस्त्र हैं उनको बेरीफाई कराया जा रहा है.
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