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भारत को जल्‍द मिलेगी एक और वैक्सीन, नोवावैक्स के नतीजों को पूनावाला ने बताया शानदार

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) के पास वैक्सीन के ट्रायल को शुरू करने के लिए अनुमति खातिर आवेदन किया है. (फाइल फोटो)
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) के पास वैक्सीन के ट्रायल को शुरू करने के लिए अनुमति खातिर आवेदन किया है. (फाइल फोटो)

Coronavirus Vaccine: अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स (Navavax) के साथ मिलकर वैक्सीन बना रही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भारतीय बाजार में इसे लोकल ब्रैंड कोवोवैक्स (Covovax) के नाम से लॉन्च करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 30, 2021, 6:55 PM IST
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नई दिल्ली. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) के सीईओ अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने कहा है कि इस साल, जून के अंत तक कंपनी एक और वैक्सीन कोवोवैक्स (Covovax) को लॉन्च कर सकती है. कंपनी ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) के पास वैक्सीन के ट्रायल को शुरू करने के लिए अनुमति खातिर आवेदन किया है. अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स (Navavax) के साथ मिलकर वैक्सीन बना रही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भारतीय बाजार में इसे लोकल ब्रैंड कोवोवैक्स (Covovax) के नाम से लॉन्च करेगी. पूनावाला ने कहा कि नोवावैक्स के साथ सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की साझेदारी के तहत वैक्सीन का ट्रायल कराया जाएगा. हालांकि अब तक के प्रकाशित ट्रायल नतीजों में वैक्सीन ने कोरोना वायरस के खिलाफ शानदार प्रभावी नतीजे दिए हैं.

पूनावाला ने एक ट्वीट करते हुए कहा, "कोरोना वायरस वैक्सीन के लिए नोवावैक्स के साथ हमारी साझेदारी है. नोवावैक्स वैक्सीन ने हाल में प्रकाशित नतीजों में शानदार परिणाम दिए हैं. हमने भारत में ट्रायल के लिए आवेदन किया है. उम्मीद है कि जून 2021 तक कोवोवैक्स को लॉन्च कर देंगे." पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया विश्व की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के आवेदन की जांच कर रहा है. कंपनी का ये ट्रायल ब्रिजिंग ट्रायल होगा, ये ट्रायल एक तरीके से सप्लीमेंट्री ट्रायल होता है, जो नए इलाकों में प्रभाव, सुरक्षा और डोज को लेकर क्लिनिकल डाटा के लिए किए जाते हैं.

इससे पहले सीरम इंस्टीट्यूट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर उमेश शालीगराम ने न्यूज18 के साथ बातचीत में कहा था कि कंपनी देश में ब्रिजिंग ट्रायल शुरू करने के लिए तैयार है और एक बार अनुमति मिल जाने के बाद कंपनी फरवरी में इसे शुरू कर सकती है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के नए स्वरूपों के खिलाफ वैक्सीन का डाटा उम्मीद जगाने वाला है. अच्छी बात ये है कि कोरोना वायरस का दक्षिण अफ्रीका में पाया गया स्वरूप तब सामने आया है, जब अफ्रीकी देश में वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है.

सितंबर 2020 में नोवावैक्स ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ कोरोना वायरस के 2 बिलियन टीकों के लिए साझेदारी की घोषणा की थी, भारत में वैक्सीन को कोवोवैक्स के नाम से बेचा जाएगा और इसे नोवावैक्स ने विकसित किया है.
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