अपना शहर चुनें

States

सिब्बल के बयान से कांग्रेस में गहराई कलह, अधीर बोले- बस बातें करने वाले बना लें अपना अलग दल

अधीर रंजन चौधरी की फाइल फोटो
अधीर रंजन चौधरी की फाइल फोटो

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनके सहयोगी (Kapil Sibal) ने बिहार के बाद आत्म-विश्लेषण पर चिंता व्यक्त की है लेकिन हाल ही में संपन्न चुनावों में अपना चेहरा नहीं दिखाया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 18, 2020, 1:54 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2020) में कांग्रेस  (Congress) के बुरे प्रदर्शन के बाद पार्टी नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने आत्ममंथन की सलाह दी. इसके बाद सिब्बल पार्टी के छोटे से लेकर बड़े नेता तक के निशाने पर हैं. एक अखबार को दिए इंटरव्यू में सिब्बल ने कहा था कि ऐसा लगता है कि पार्टी नेतृत्व ने शायद हर चुनाव में पराजय को ही अपनी नियति मान लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार ही नहीं, उपचुनावों के नतीजों से भी ऐसा लग रहा है कि देश के लोग कांग्रेस पार्टी को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं.

सिब्बल की इस टिप्पणी पर पार्टी नेता और कांग्रेस की बंगाल इकाई के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने सख्त टिप्पणी की है. चौधरी ने कहा, 'कांग्रेस की आलोचना करने वाले लोग किसी अन्य पार्टी में शामिल हो सकते हैं या 'शर्मनाक गतिविधियों' में लिप्त होने के बजाय अपनी नई पार्टी शुरू कर सकते हैं.' लोकसभा में कांग्रेस के नेता चौधरी ने यह भी कहा कि 'ऐसे नेता' अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के करीबी थे और उनके समक्ष मुद्दे उठा सकते थे.

एक नई पार्टी बना सकते हैं
लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने कहा, 'अगर कुछ नेताओं को लगता है कि कांग्रेस उनके लिए सही पार्टी नहीं है, तो वे एक नई पार्टी बना सकते हैं या किसी अन्य पार्टी में शामिल हो सकते हैं जो उन्हें लगता है कि प्रगतिशील है और उनकी रुचि के अनुसार है. लेकिन उन्हें इस तरह की शर्मनाक गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए.'
सिब्बल को सलाह देने के लहजे में कांग्रेस सांसद ने कहा, 'उनकी बातचीत से कुछ हासिल नहीं होगा.  कपिल सिब्बल बिहार और मध्य प्रदेश जाना था. वह साबित कर सकते थे कि वह जो कह रहे हैं वह सही है और वह कांग्रेस की स्थिति मजबूत करते. कुछ भी करने का मतलब आत्मनिरीक्षण नहीं है.'



चौधरी ने कहा, 'कपिल सिब्बल ने पहले भी इस बारे में बात की थी. वह कांग्रेस पार्टी और उसके आत्मनिरीक्षण  के बारे में बहुत चिंतित हैं. लेकिन हमने बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश या गुजरात के चुनावों में उनका चेहरा नहीं देखा.'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज