DRDO ने ओडिशा में किया पिनाका एमके- I रॉकेट का सफल परीक्षण, जानें इसकी खासियतें

आरसीआई रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अंतर्गत आता है.
आरसीआई रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अंतर्गत आता है.

Pinaka Mk-I rockets: एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सभी उड़ान लेखों को टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसे रेंज इंस्ट्रूमेंट्स द्वारा ट्रैक किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 5:38 PM IST
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नई दिल्ली. ओडिशा (Odisha) के चांदीपुर में बुधवार को पिनाका एमके- I रॉकेट (Pinaka Mk-I rockets) के उन्नत संस्करण का सफल परीक्षण किया गया. दिशा-निर्देशन प्रणाली वाले इस रॉकेट (गाइडेड) की मारक क्षमता बढ़ाई गई है. यह परीक्षण प्रूफ एंड एक्सपेरीमेंट एस्टैब्लिशमेंट से किया गया. न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, श्रृंखला में कुल 6 रॉकेट लॉन्च किए गए थे और सभी परीक्षण पूर्ण मिशन उद्देश्यों को पूरा करते थे.

एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सभी उड़ान लेखों को टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसे रेंज इंस्ट्रूमेंट्स द्वारा ट्रैक किया गया. उन्होंने बताया कि पिनाका एमके- I वर्तमान मे मौजूद पिनाका का लेटेस्ट वर्जन है. सूत्रों के अनुसार पहले पिनाका में दिशानिर्देशन प्रणाली नहीं थी, उसे अब अपग्रेड कर दिशानिर्देशन प्रणाली से लैस किया गया है. इस सिलसिले में हैदराबाद रिसर्च सेंटर इमारत (आरसीआई) ने नौवहन, दिशानिर्देशन एवं नियंत्रण किट विकसित किया था.
मारक क्षमता और सटीकता बढ़ाई गईसूत्रों के अनुसार पहले के पिनाका में गाइड करने की तकनीक नहीं थी, उसे अब अपग्रेड कर गाइडिंग प्रणाली से लैस कर दिया गया है. इस सिलसिले में हैदराबाद रिसर्च सेंटर इमारत (आरसीआई) ने नौवहन, दिशानिर्देशन एवं नियंत्रण किट भी विकसित की थी. देखें VIDEO...

बताते चले कि इसे आरसीआई रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अंतर्गत विकसित किया गया है. वहीं, डीआरडीओ के सूत्र के अनुसार इस रॉकेट में बड़ा बदलाव किया गया है जिससे पिनाका की मारक क्षमता और सटीकता बढ़ गयी है.
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