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अयोध्या केस : AIMPLB की 17 नवंबर की मीटिंग में होगी फैसले की समीक्षा - जफरयाब जिलानी

News18Hindi
Updated: November 12, 2019, 12:56 AM IST
अयोध्या केस : AIMPLB की 17 नवंबर की मीटिंग में होगी फैसले की समीक्षा - जफरयाब जिलानी
वरिष्ठ वकील जाफरयाब जिलानी ने ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की मुस्लिम पक्ष की पैरवी की है (फाइल फोटो, पीटीआई)

एक ऐतिहासिक फैसले में रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) की अध्यक्षता में पांच जजों की बेंच ने सर्वमत से दिए फैसले में अयोध्या की विवादित जमीन पर राम मंदिर (Ram Mandir) के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है.

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  • Last Updated: November 12, 2019, 12:56 AM IST
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नई दिल्ली. अयोध्या भूमि विवाद मामले (Ayodhya Land Dispute Case) में मुस्लिम पक्ष के प्रमुख वकील जफ़रयाब जिलानी (Zafaryab Jilani) ने कहा कि 17 नवंबर को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की बैठक में मुस्लिम पक्ष अयोध्या फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने के बारे में निर्णय करेगा.

एक ऐतिहासिक फैसले में रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) की अध्यक्षता में पांच जजों की बेंच ने सर्वमत से दिए फैसले में अयोध्या की विवादित जमीन पर राम मंदिर (Ram Mandir) के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है. साथ ही केंद्र सरकार से सुन्नी वक्फ बोर्ड को एक मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन देने के लिए कहा है.

17 नवंबर को AIMPLB की बैठक में होगा अंतिम फैसला
इस मामले में मुस्लिम पक्ष फैसले पर पुनर्विचार के लिए अपील करेगा या नहीं इसके बारे में पूछने पर वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रिव्यू के लिए अपील की जाएगी या नहीं इसका निर्णय 17 नवंबर को होने वाली ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की बैठक में लिया जाएगा."

मुस्लिम समुदाय के कुछ हिस्सों में इस फैसले के प्रति असंतुष्टि को देखते हुए यह बात जफरयाब जिलानी से पूछी गई थी.

ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की मुस्लिम पक्ष की पैरवी
जफरयाब जिलानी ने उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड सहित मुस्लिम पक्ष का इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में नेतृत्व किया था. वह इससे पहले ट्रायल कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Uttar Pradesh Sunni Central Waqf Board) सहित मुस्लिम पक्ष के वकील रह चुके हैं.
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देवता रामलला विराजमान के पक्ष में विवादित जमीन का अधिकार देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 (Article 142) के अंतर्गत अपनी विशेष शक्तियों का प्रयोग भी किया था. इसके प्रयोग के जरिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि वह सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन मस्जिद के निर्माण के लिए दे.

(भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: November 12, 2019, 12:54 AM IST
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