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Afghanistan Crisis: गोलीबारी-ब्लास्ट के बीच फंसे 210 अफगानी हिन्दू और सिख, हवाई अड्डे से लौटना पड़ा गुरुद्वारा

Afghanistan Crisis: गोलीबारी-ब्लास्ट के बीच फंसे 210 अफगानी हिन्दू और सिख, हवाई अड्डे से लौटना पड़ा गुरुद्वारा

काबुल हवाई अड्डे पर ब्लास्ट के बाद घायल अफगानी नागरिक ( AP Photo/Khwaja Tawfiq Sediqi)

काबुल हवाई अड्डे पर ब्लास्ट के बाद घायल अफगानी नागरिक ( AP Photo/Khwaja Tawfiq Sediqi)

Kabur Airport Blast: काबुल हवाई अड्डे के पास दो विस्फोट होने के बाद लगभग 210 अफगान सिखों और हिंदुओं (Sikh-Hindu In Afghan) का भाग्य अधर में है. ये सभी भारत लौटने वाले थे लेकिन इन्हें हवाई अड्डे से लौटना पड़ा

    नई दिल्ली/ काबुल. तालिबान (Taliban) के कब्जे वाले अफगानिस्तान (Afghanistan Crisis) में अभी भी कई अफगानी नागरिक फंसे हुए हैं जो किसी भी हाल में मुल्क छोड़कर चले जाना चाहते हैं. उधर काबुल हवाई अड्डे के पास दो विस्फोट होने के बाद लगभग 210 अफगान सिखों और हिंदुओं (Sikh-Hindu In Afghan) का भाग्य अधर में है. ये सभी भारत लौटने वाले थे लेकिन इन्हें हवाई अड्डे से लौटना पड़ा. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार हिन्दुस्तान आने के इ्च्छुक फंसे हुए अफगानी नागरिकों में से एक कुलविंदर सिंह ने कहा कि सभी सुरक्षित हैं. उन्होंने भी अन्य अफगान सिखों और हिंदुओं के साथ काबुल में गुरुद्वारा दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह करता परवन में शरण ली है.रिपोर्ट के अनुसार सिंह ने कहा- ‘जब विस्फोट हुआ तब हम में से कोई भी हवाईअड्डे के रास्ते में या घटनास्थल पर नहीं था.’

    बुधवार से ही कम से कम 140 अफगान सिखों और हिंदुओं का एक जत्था काबुल हवाई अड्डे तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है ताकि हवाई मार्ग से दिल्ली को आ सके.समूह को गुरुवार सुबह करीब 2 बजे गुरुद्वारे वापस लौटना पड़ा क्योंकि हवाई अड्डे के पास गोलीबारी हो रही थी. हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और समूह के सभी सदस्य सुरक्षित गुरुद्वारे वापस लौट आए.

    एयरपोर्ट पर लगी थी लंबी लाइन, तभी शुरू हो गई फायरिंग…
    द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अफगान सिखों में से एक ने कहा कि तालिबान द्वारा हवाई अड्डे के बाहर गोलियां चलाने के बाद उन्हें गुरुवार सुबह करीब 2 बजे गुरुद्वारे लौटना पड़ा. उन्होंने कहा कि ‘हम सात बसों में यात्रा कर रहे थे और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के दो सरूप भी ले जा रहे थे. हमें भारत के लिए एक निकासी विमान में सवार होना था. एयरपोर्ट के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगीं और तभी अचानक फायरिंग शुरू हो गई. हमारे समूह में महिलाएं और बच्चे भी थे. इसलिए हमने एयरपोर्ट पहुंचने की कोशिश करने के बाद वापस गुरुद्वारे लौटने का फैसला किया.’

    उन्होंने कहा- ‘अब हवाई अड्डे के पास हो रहे विस्फोटों के बाद भारत सरकार द्वारा हमारे लिए कोई उड़ान होगी या नहीं, इसकी कोई जानकारी नहीं है. हम यह भी नहीं जानते कि हमें निकाला जाएगा या नहीं क्योंकि 31 अगस्त अमेरिकी सैनिकों के अफगानिस्तान से हटने की समय सीमा है और उसके बाद हवाईअड्डा भी तालिबान के नियंत्रण में होगा.’

    हवाईअड्डे के बाहर हुए विस्फोट में लोगों के मारे जाने के बाद समूह के सदस्यों ने कहा कि भारत लौटने का उनका इंतजार अब और लंबा हो सकता है.उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे से केवल 10 किमी दूर होने के बावजूद भारत वापस आने की उनका इंतजार बहुत लंबा होता जा रहा है.

    सिरसा का दावा, गुरुद्वारा ‘करते परवान’ में ठहरे लोग सुरक्षित
    उधर, धमाकों के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि काबुल के ‘करते परवान’ गुरुद्वारे में शरण लेने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य सुरक्षित हैं. सिरसा ने सोमवार को कहा था कि अफगानिस्तान का नियंत्रण तालिबान के हाथों में जाने के बाद कई हिंदुओं और सिखों ने करते परवान गुरुद्वारे में शरण ली थी.

    सिरसा ने ट्वीट किया, ‘ गुरुद्वारा करते परवान में शरण लेने वाले सभी अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं.’ रिपोर्ट के अनुसार, दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों ने काबुल हवाईअड्डे के पास भीड़ को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए. उन्होंने ट्वीट किया, ‘ मैंने अभी काबुल गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष एस गुरनाम सिंह के साथ फोन पर बात की, जिन्होंने मुझे बताया कि आज काबुल में जहां विस्फोट हुआ है, कल वे ठीक उसी स्थान पर थे. हम ईश्वर को धन्यवाद देते हैं कि कल इस तरह की घटना नहीं हुई.’

    Tags: Afghanistan, Afghanistan-Taliban, Hindu, India, Sikh Community, Sikh-Hindu

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