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तीन महीने बाद 2 कश्मीरी नेता हुए नजरबंदी से रिहा, 2 अन्य को किया गया शिफ्ट

भाषा
Updated: November 25, 2019, 11:37 PM IST
तीन महीने बाद 2 कश्मीरी नेता हुए नजरबंदी से रिहा, 2 अन्य को किया गया शिफ्ट
कश्मीर में नजरबंद दो नेताओं को रिहा कर दिया गया है (सांकेतिक फोटो)

पीडीपी (PDP) से दिलावर मीर और गुलाम हसन मीर गत पांच अगस्त से नजरबंद थे और 110 दिनों से अधिक की नजरबंदी (House Arrest) के बाद नये केन्द्र शासित प्रदेश (Union Territory) प्रशासन ने उन्हें रिहा कर दिया.

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  • Last Updated: November 25, 2019, 11:37 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर प्रशासन (Jammu-Kashmir Administration) ने दो राजनीतिक नेताओं (Politicians) को नजरबंदी (House Arrest) से रिहा करने की सोमवार को घोषणा की. इसके अलावा दो अन्य को विधायक हॉस्टल (MLA Hostel) से उनके घर स्थानांतरित किया जायेगा.

अधिकारियों ने बताया कि पीडीपी से दिलावर मीर (Dilawar Mir) और गुलाम हसन मीर (Ghulam Hassan Mir) गत पांच अगस्त से नजरबंद थे और 110 दिनों से अधिक की नजरबंदी के बाद नये केन्द्र शासित प्रदेश प्रशासन (New Union Territory) ने उन्हें रिहा कर दिया.

सेंटूर होटल से स्थानांतरित किए जाने के बाद विधायक होस्टल में थे
रिहा किये गये ये नेता पूर्व विधायक (Former MLA) हैं और अनुच्छेद 370 (Article 370) के ज्यादातर प्रावधानों को हटाये जाने संबंधी केन्द्र के फैसले के दिन पांच अगस्त से इन लोगों को अपने-अपने आवासों पर नजरबंद किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की विधानसभा में विधायक रहे अशरफ मीर और हाकीन यासीन को उनके घर स्थानांतरित किया जायेगा लेकिन वे नजरबंदी में रहेंगे.

मीर और यासीन दोनों उन 34 राजनीतिक नेताओं (Politicians) में शामिल थे, जिन्हें श्रीनगर के सेंटूर होटल से स्थानांतरित किए जाने के बाद विधायक हॉस्टल में रखा गया था.

जम्मू-कश्मीर में पहली बार 26 नवंबर को मनाया जाएगा 'संविधान दिवस'
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में अनुच्छेद-370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने और वर्ष 1957 से लागू राज्य संविधान (State Constitution) भंग होने के बाद पहली बार 26 नंवबर को भारत का संविधान (Indian Constitution) अंगीकार करने की 70वीं सालगिरह मनाया जाएगा.
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जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव सुभाष सी छिब्बर ने सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा, 'संविधान निर्माताओं (Makers of Constitution) के योगदान के प्रति आभार प्रकट करने और इसमें शामिल उत्कृष्ट मूल्यों और नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस (Constitution Day) के रूप में मनाया जाएगा. इस वर्ष संविधान स्वीकार करने की 70वीं सालगिरह है.'

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First published: November 25, 2019, 11:25 PM IST
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