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Kashmir: फिर से खुले कॉलेज लेकिन नहीं पहुंचे छात्र, लोगों ने भी दुकानें बंद कर जताया विरोध

Kashmir: फिर से खुले कॉलेज लेकिन नहीं पहुंचे छात्र, लोगों ने भी दुकानें बंद कर जताया विरोध

जम्मू-कश्मीर में 66 दिनों के बाद कॉलेज खुले लेकिन छात्रों की उपस्थिति बहुत कम रही (सांकेतिक फोटो)

जम्मू-कश्मीर में 66 दिनों के बाद कॉलेज खुले लेकिन छात्रों की उपस्थिति बहुत कम रही (सांकेतिक फोटो)

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में 66 दिनों के बाद सभी कॉलेज (College) फिर से खोले गए लेकिन यह कदम कोई खास सफल नहीं रहा क्योंकि इस दौरान छात्रों की उपस्थिति (Attendance) बहुत कम रही.

    श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर प्रशासन (Jammu and Kashmir Administration) के बुधवार को घाटी (Srinagar) में कॉलेज (College) खोलने के प्रयास नाकाम रहे क्योंकि छात्र (Students) कक्षाओं में नहीं पहुंचे. बता दें कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से पांच अगस्त को विशेष दर्जा (Special Status) वापस लिये जाने के फैसले को बुधवार को 66 दिन हो गए.

    प्रशासन की कोशिशों के बावजूद स्कूल नहीं पहुंचे छात्र
    कश्मीर के मंडल आयुक्त बशीर खान ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि कश्मीर (Kashmir) में तीन अक्टूबर को स्कूल और नौ अक्टूबर को कॉलेज ( School and College) फिर से खोल दिये जाएंगे.

    अधिकारियों ने कहा कि कॉलेजों में कर्मचारी तो पहुंचे लेकिन छात्र (Students) नहीं. प्रशासन की काफी कोशिशों के बावजूद स्कूलों में भी छात्र नहीं पहुंचे.

    संचार सेवाओं पर रोक और सुरक्षा कारणों के चलते डर रहे परिजन
    घाटी के अधिकतर हिस्सों में बंद और संचार सेवाओं (Communication Services) पर रोक के चलते सुरक्षा कारणों (Security Reasons) से परिजन अपने बच्चों को स्कूल या कॉलेज नहीं भेज रहे हैं. बुधवार को पूरे कश्मीर में आम जनजीवन बाधित रहा.

    शहर में सार्वजनिक वाहन (Public Vehicles) सड़कों से नदारद रहे, लेकिन जहांगीर चौक पर निजी वाहनों की आवाजाही के चलते भीषण जाम देखा गया.

    दुकानदारों ने भी सिर्फ 11 बजे तक दुकान खोलकर किया विरोध
    दुकानदारों ने राज्य से विशेष दर्जा (Special Status) वापस लिये जाने पर विरोध दर्ज कराने के लिये अपनी दुकानें तड़के से लेकर सुबह करीब 11 बजे तक ही खोलीं.

    पूरी घाटी में लैंडलाइन टेलीफोन सेवाएं (landline Telephone Services) बहाल हैं, लेकिन कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में मोबाइल टेलीफोन सेवाएं और इंटरनेट (Mobile and Internet Services) सेवाएं पांच अगस्त से निलंबित हैं.

    कांग्रेस ने किया जम्मू-कश्मीर में BDC चुनाव का किया बहिष्कार
    वहीं बुधवार को कांग्रेस पार्टी (Congress) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में 24 अक्टूबर को होने वाले ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (BDC) चुनाव का बहिष्कार कर दिया है. केंद्र पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि जब विपक्ष के नेता नज़रबंद और हिरासत में हैं, तो चुनाव कौन लड़ेगा.

    केंद्र सरकार के 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद से ही नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और अलगाववादी नेता नज़रबंद हैं. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को तो पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार किया गया है.

    यह भी पढ़ें: PoK से वापस आए शरणार्थियों को मोदी सरकार देगी 5.5 लाख रुपये की मदद

    Tags: College education, Internet users, Jammu and kashmir, Kashmir, Mobile Phone, Security Forces

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