असम के बाद अब मणिपुर में भी लागू होगा NRC, कैबिनेट ने पास किया प्रस्ताव

असम (Assam) के बाद मणिपुर (Manipur) ने भी एनआरसी (NRC ) पर अपनी सहमति दिखाई है. राज्य कैबिनेट की मीटिंग में इस आसय का एक प्रस्ताव पास किया गया है

News18Hindi
Updated: September 9, 2019, 5:02 PM IST
असम के बाद अब मणिपुर में भी लागू होगा NRC, कैबिनेट ने पास किया प्रस्ताव
असम के बाद मणिपुर ने भी एनआरसी पर अपनी सहमति दिखाई है. राज्य कैबिनेट की मीटिंग में इस आसय का एक प्रस्ताव पास किया गया है.
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Updated: September 9, 2019, 5:02 PM IST
असम (Assam) के बाद मणिपुर (Manipur) ने भी एनआरसी (NRC ) पर अपनी सहमति दिखाई है. राज्य कैबिनेट की मीटिंग में इस आसय का एक प्रस्ताव पास किया गया है. पाटीआई के हवाले से मणिपुर कैबिनेट के इस प्रस्ताव के लेकर खबर सामने आई है. दरअसल पूर्वोत्तर के कई राज्य अवैध प्रवासियों से प्रभावित हैं. अवैध प्रवासियों के चलते इन राज्यों के मूल निवासियों के जनाकिकी में भारी भेर बदल हो रहा है. ऐसे में इन राज्यों के मूलनिवासियों मे अवैध प्रवासियों को लेकर भारी आक्रोश फैर रहा है.

बता दें कि केद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देश में अवैध अप्रवासियों को लेकर रविवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में कहा था कि वो देश में एक भी अवैध घुसपैठिया को नहीं रहने देंगे. असम से एनआरसी  के मुद्दे को तेजी से तय समय में पूरा किया गया है. अमित शाह ने नॉर्थ ईस्ट काउंसिल के 68वें पूर्णसत्र को संबोधित करते हुए ये बात कही थी. नॉर्थ ईस्ट की इस काउंसिल में पूर्वोतर के 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया था.

गृहमंत्री अमित शाह ने देश में अवैध अप्रवासियों को लेकर रविवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में कहा था कि वो देश में एक भी अवैध घुसपैठिया को नहीं रहने देंगे.


पश्चिम बंगाल में NRC लागू करने की अनुमति नहीं देंगी ममता

वहीं अवैध प्रवासियों की एक बड़ी संख्या से प्रभावित राज्य पश्चिम बंगाल भी है. जहां एनआरसी को लागू कहने की मांग चल रही है. हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार प्रदेश में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) लागू करने की अनुमति नहीं देगी. ममता ने विधानसभा में बताया कि एनआरसी का कार्यान्वयन कुछ नहीं, बल्कि बीजेपी की केंद्र सरकार का राजनीतिक प्रतिशोध है. असम में एनआरसी की आलोचना करते हुए विधानसभा में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार प्रदेश में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) लागू करने की अनुमति नहीं देगी.


माना जाता है कि करीब एक करोड़ से ज्यादा अवैध बांग्लादेशी रहते हैं. जिसे लेकर बंगाल की जनता में काफी आक्रोश है. हालिया लोकसभा चुनाव में अवैध घुसपैठियों का मुद्दा हावी रहा है. बंगाल में लोकसभा चुनाव में बीजेपी की अप्रत्याशित का एक बड़ा कारण अवैध बांग्लादेशियों का मुद्दा रहा है. बीजेपी ने बंगाल की जनता से अवैध प्रवासियों को हटाने का वादा भी किया है.
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महाराष्ट्र सरकार भी लागू कर सकती है NRC
इसके अतिरिक्त हाल ही असम में  फाइनल एनआरसी के बाद अब खबर है कि महाराष्ट्र सरकार भी राज्य में असल नागरिकों की पहचान में जुटी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य का गृह मंत्रालय अवैध नागरिकों के लिए हिरासत केंद्र बनाने की तैयारी में है.

NDTV की खबर के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्रालय ने नवी मुंबई प्लानिंग अथॉरिटी से हिरासत केंद्र बनाने के लिए जमीन देने को कहा है. सरकार के इस कदम से अनुमान लगाया जा रहा है कि असम के बाद अब सरकार महाराष्ट्र में भी ऐसे लोगों का पता लगाएगी और उन्हें हिरासत केंद्र में रखा जाएगा.

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First published: September 9, 2019, 4:35 PM IST
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